![]()
पैसा बचाने और खर्च करने को लेकर सही आदतें आखिर कैसी होनी चाहिए? यूके यानी ब्रिटेन के सबसे बड़े बैंक लॉयड्स बैंकिंग ग्रुप के सीईओ चार्ली नन पांच सीधे-सरल टिप्स से सुलझा रहे हैं पैसों को लेकर आपकी उलझन… यूके के हर चार में से एक करंट अकाउंट लॉयड्स बैंकिंग ग्रुप में है। इसकी वजह से नन के पास ग्राहकों के खर्च, बचत और कर्ज लेने की आदतों की गहरी समझ है। नन ने बचत को ऑटोमैटिक बनाने, रिश्तों में पैसों पर खुलकर बातें करने, बच्चों को पॉकेट मनी देने, खरीदारी से पहले ठहरकर सोचने और सोशल मीडिया पर निवेश की सलाह देने वाले इन्फ्लुएंसर से सावधान रहने की सलाह दी है। ये पांचों टिप्स आम आदमी की रोजमर्रा की पैसों से जुड़ी उलझनें हल करने में मदद कर सकते हैं। ये जरूर करें – सैलरी अकाउंट से एक तय रकम अलग खाते में ऐसी जगह रखें जहां तक आसानी से आपके हाथ न पहुंचे, यह तरीका साल-दर-साल आपकी बचत बढ़ाता जाएगा 1. पति/पत्नी, बच्चों से पैसों की बात करें मैं और मेरी पत्नी एक साझा खाता चलाते हैं। पैसों के मामले में एक-दूसरे से पूरी पारदर्शिता रखते हैं। मेरा मानना है कि किसी रिश्ते में सबसे बड़ा खतरे का संकेत सामने वाले का पैसों को लेकर लापरवाह होना है। मैं हमेशा से पैसों को लेकर सतर्क रहा हूं। यह सोच बचपन से है। माता-पिता के तलाक के बाद मां ने अकेले चार बच्चों को पाला। इस वजह से घर में खर्च को लेकर सोच-समझकर फैसले लिए जाते थे, चाहे वो राशन के इंतजाम को लेकर हो या छुट्टियों की योजना बनाने के बारे में। 2. बच्चों को पॉकेट मनी देते रहिए हमारे बच्चे ‘पिता होने की वजह से’ मेरी सलाह ज्यादा नहीं सुनते। फिर भी मैंने बच्चों को पैसों की अहमियत समझाने की कोशिश की है। पॉकेट मनी देने से बच्चे बजट बनाना और अपनी सीमा में रहना सीखते हैं। मैं यह नहीं मानता कि युवा पीढ़ी पैसों को लेकर गैरजिम्मेदार है। असल में आजकल की पीढ़ी को ऑनलाइन दुनिया में सही, गलत जानकारियों और दबाव की भरमार का सामना करना पड़ता है। इससे बचने का तरीका यह है कि किसी भी लेन-देन को लेकर शक हो तो सवाल जरूर करें। 3. सेविंग को ऑटोमैटिक बनाएं, ताकि टाल न सकें बचत का सरल तरीका है इसे ऑटोमैटिक बना देना, ताकि हर महीने बचत एक फैसला या टालने वाला काम न बने। सैलरी से एक तय रकम अलग खाते में ऐसी जगह रखें जहां, तक आसानी से हाथ न पहुंचे। यही बचत की आदत डालने का सबसे आसान रास्ता है। 4. हर खरीदारी से पहले थोड़ा ठहरकर सोचें मेरी सबसे बड़ी चिंता धोखाधड़ी है। बहुत से लोग सोशल मीडिया और ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए निशाना बन रहे हैं। टेक्नोलॉजी में माहिर होने के बावजूद युवा स्कैम के प्रति बुजुर्गों के मुकाबले कहीं ज्यादा संवेदनशील हैं। हर खरीदारी से पहले थोड़ा ठहरकर सोचें। कहीं भी पैसे भेजने से पहले खुद से पूछें कि क्या सामने वाले पर भरोसा किया जा सकता है। जरा भी शक हो, तो जानकारी लेने के लिए उपलब्ध टूल्स इस्तेमाल करें या सीधे बैंक को कॉल करके पुष्टि करें। 5. फिनफ्लुएंसर्स से हमेशा सावधान रहें सोशल मीडिया पैसों की समझ बढ़ाने में मददगार हो सकता है, लेकिन फिनफ्लुएंसर्स को लेकर मुझे गहरी चिंता है, जो जोखिम भरे प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देते हैं। इन्फ्लुएंसर्स को किसी खास क्रिप्टो कॉइन, मीम कॉइन या निवेश प्रोडक्ट को प्रमोट करने के पैसे मिलते हैं, न कि लोगों को सही निवेश विकल्प चुनने में मदद करने के लिए। जिनके पास ज्यादा पैसा नहीं है, उन्हें ऐसा जोखिम नहीं लेना चाहिए, जिसमें पैसा डूब सकता है। उन्हें सरल विकल्प अपनाने चाहिए। ये तरीके आजमा सकते हैं – स्टैंडिंग ऑर्डर (बैंक द्वारा तय तारीख पर अपने-आप पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा) सेट कर सकते हैं। – पैसों को अलग-अलग लिफाफों में बांटा जा सकता है, या राउंड-अप टूल्स (खर्च के बाद बचे हुए छुट्टे पैसे अपने-आप बचत खाते में भेजने वाला टूल) इस्तेमाल किए जा सकते हैं। – थोड़ा बचाएं, जल्द बचाएं, नियमित बचाएं। मैं खुद बजट बनाना पसंद नहीं करता; वेतन आते ही अकाउंट देखकर तय कर लेता हूं कि कितनी रकम बचत में डालना है, और यह काम जल्द से जल्द निपटाता हूं। – इमरजेंसी फंड बनाएं- अचानक आने वाले खर्चों, मसलन गाड़ी या घर की मरम्मत के लिए हो सके तो एक से तीन महीने की सैलरी के बराबर एक फंड हमेशा अलग रखें। (साभार – बीबीसी वर्ल्ड)
Source link
कमीशन के लिए निवेश प्रोडक्ट प्रमोट करते हैं इन्फ्लुएंसर्स:आपकी कमाई बढ़े या न बढ़े; ये 5 आदतें बचत जरूर बढ़ा सकती हैं