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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के असर अब पाकिस्तान में साफ दिखाई देने लगे हैं। ईंधन संकट गहराने के चलते सरकार ने देशभर में सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद मंगलवार से नए नियम लागू किए गए। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, अब देश के ज्यादातर हिस्सों में बाजार और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे तक ही खुले रहेंगे। रेस्तरां, बेकरी और अन्य खाने-पीने की दुकानें रात 10 बजे तक बंद करनी होंगी। इसके अलावा शादी हॉल और दूसरे कमर्शियल वेन्यू भी रात 10 बजे के बाद खुले नहीं रह सकेंगे। सरकार ने निजी स्तर पर होने वाले शादी समारोहों पर भी सख्ती की है। अब घरों या निजी जगहों पर भी रात 10 बजे के बाद शादी या कोई समारोह आयोजित नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, मेडिकल स्टोर और फार्मेसी को इन पाबंदियों से छूट दी गई है, ताकि जरूरी दवाएं और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। दरअसल, खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव का असर वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर पड़ा है। इसी वजह से पाकिस्तान में ईंधन की कमी बढ़ रही है। खपत कम करने और हालात को संभालने के लिए सरकार ने ये सख्त कदम उठाए हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नेपाल में मंत्रियों की रैंकिंग बदली, गृह मंत्री तीसरे से पांचवें स्थान पर फिसले
नेपाल में कैबिनेट मंत्रियों की रैंकिंग में बदलाव किया गया है। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने प्रधानमंत्री बालेन शाह की सिफारिश पर मंगलवार को नई सूची जारी की। नई रैंकिंग में प्रधानमंत्री पहले स्थान पर बने हुए हैं, जबकि वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले दूसरे स्थान पर ही कायम हैं। सबसे बड़ा बदलाव गृह मंत्री सुदन गुरुंग की रैंकिंग में देखने को मिला है। वे तीसरे स्थान से गिरकर अब पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं, विदेश मंत्री शिशिर खनाल चौथे से तीसरे स्थान पर आ गए हैं। इसके अलावा कानून मंत्री सोबिता गौतम 12वें से सातवें स्थान पर पहुंच गई हैं और महिला व बाल मंत्री सीता वादी 15वें से आठवें स्थान पर आ गई हैं। यह रैंकिंग ‘ऑर्डर ऑफ प्रीसेडेंस’ कहलाती है। यह एक आधिकारिक सूची होती है, जिससे यह तय होता है कि कौन मंत्री कितना सीनियर माना जाएगा। सरकारी कार्यक्रमों, बैठकों और विदेश दौरों में इसी के आधार पर तय होता है कि किसे कितनी प्राथमिकता मिलेगी और किसका स्थान ऊपर रहेगा। हालांकि, इस बदलाव का मंत्रियों के काम या मंत्रालय पर कोई असर नहीं पड़ता। यह सिर्फ सम्मान और प्रोटोकॉल तय करने के लिए होता है। यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस में 5 की मौत, 12 साल का बच्चा और उसके माता-पिता शामिल यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस में 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक 12 साल का बच्चा और उसके माता-पिता भी शामिल हैं। इस हमले में परिवार की 18 और 5 साल की दो बेटियां बच गईं। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला मंगलवार को व्लादिमीर क्षेत्र में हुआ। इसके अलावा, खेरसॉन के उस हिस्से में, जो रूस के कब्जे में है, एक महिला की भी ड्रोन हमले में मौत होने की खबर है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं, यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस खुद भी इस तरह के हमले कर रहा है। यूक्रेन के बस स्टॉप पर रूस का ड्रोन हमला, 3 की मौत, 12 से ज्यादा घायल रूस ने यूक्रेन के निकोपोल शहर में एक बस स्टॉप पर ड्रोन हमला किया, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई और 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख ओलेक्सांद्र हंझा के मुताबिक, हमला उस समय हुआ जब एक बस यात्रियों को लेने के लिए स्टॉप पर रुकी हुई थी। बस में बैठे लोग और स्टॉप पर खड़े आम नागरिक इस हमले की चपेट में आ गए।
हंझा ने इसे ‘जानबूझकर नागरिकों पर किया गया हमला’ बताया। उनके अनुसार, यह कोई गलती नहीं थी, बल्कि आम लोगों को निशाना बनाकर हमला किया गया। ऑस्ट्रेलिया के सबसे सम्मानित सैनिक पर वॉर क्राइम का केस, अफगानिस्तान में निहत्थों की हत्या के आरोप में गिरफ्तारी ऑस्ट्रेलिया के सबसे चर्चित और सम्मानित सैनिकों में शामिल बेन रॉबर्ट्स-स्मिथ को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर अफगानिस्तान में तैनाती के दौरान निहत्थे लोगों की हत्या के आरोप में पांच वॉर क्राइम के मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, 47 साल के पूर्व सैनिक को सिडनी एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया। जांच में सामने आया है कि 2009 से 2012 के बीच उन्होंने पांच लोगों की हत्या की। इन सभी मामलों में अधिकतम सजा उम्रकैद हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों को मारा गया, वे उस समय न तो हथियारबंद थे और न ही लड़ाई में शामिल थे। आरोप है कि उन्हें हिरासत में लेने के बाद मार दिया गया। कुछ मामलों में गोली खुद रॉबर्ट्स-स्मिथ ने चलाई, जबकि कुछ में उनके आदेश पर अन्य सैनिकों ने कार्रवाई की। बेन रॉबर्ट्स-स्मिथ को पहले उनके सैन्य योगदान के लिए ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा बहादुरी पुरस्कार ‘विक्टोरिया क्रॉस’ मिल चुका है। हालांकि, उन्होंने हमेशा अपने ऊपर लगे इन आरोपों से इनकार किया है। तो लाम वियतनाम के राष्ट्रपति बने, सरकार और पार्टी दोनों की मिली कमान
वियतनाम में कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव तो लाम को सर्वसम्मति से पांच साल के लिए राष्ट्रपति चुना गया है। अब उनके पास पार्टी और सरकार, दोनों की पूरी कमान आ गई है।
यह कदम वियतनाम की उस पुरानी व्यवस्था से अलग है, जिसमें सत्ता अलग-अलग नेताओं के बीच बंटी रहती थी। अब एक ही नेता के पास ज्यादा ताकत आ गई है, जैसा चीन में शी जिनपिंग और पड़ोसी देश लाओस में देखने को मिलता है।
जनवरी में जब तो लाम को दोबारा कम्युनिस्ट पार्टी का प्रमुख चुना गया था, तभी से माना जा रहा था कि वह राष्ट्रपति भी बनेंगे। अब यह पूरी तरह साफ हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी ज्यादा ताकत मिलने से तो लाम के पास अब अपने फैसले लागू करने की ज्यादा आजादी होगी।
1980 के दशक के बाद यह पहली बार है जब किसी नेता के पास इतना मजबूत जनादेश और राजनीतिक स्पेस है। अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टर पर हेल्थकेयर फ्रॉड का आरोप, 130 करोड़ रुपए में समझौता अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टर जितेंद्र पटेल और उनकी अटलांटा स्थित क्लिनिक ने हेल्थकेयर फ्रॉड के आरोपों को लेकर 14 मिलियन डॉलर (करीब 130 करोड़ रुपए) में सिविल समझौता किया है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की जांच में सामने आया कि क्लिनिक ने मरीजों पर जरूरत से ज्यादा और कॉम्पलेक्स मेडिकल प्रोसीजर किए। साथ ही कई मामलों में ऐसे टेस्ट और सर्जरी के बिल भी बनाए गए जो या तो जरूरी नहीं थे या किए ही नहीं गए। इन दावों के आधार पर मेडिकेयर, मेडिकेड और अन्य सरकारी हेल्थ प्रोग्राम से भुगतान लिया गया। मामले की शिकायत क्लिनिक के ही पूर्व कर्मचारी और एक डॉक्टर ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि क्लिनिक का फोकस मरीजों के इलाज के बजाय रेवेन्यू बढ़ाने पर था। समझौते के तहत क्लिनिक और डॉक्टर ने किसी भी आरोप को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन 130 करोड़ रुपए देकर मामला सुलझा लिया गया है। वहीं शिकायत करने वाले दोनों को इस राशि में से करीब 27 करोड़ रुपए मिलेंगे।
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