8 मिनट पहले
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पूनम ढिल्लों मई 2024 से CINTAA की अध्यक्ष हैं। उन्हें साल 2024 से 2027 तक के कार्यकाल के लिए अध्यक्ष चुना गया है।
सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की एग्जीक्यूटिव कमेटी के 8 सदस्यों ने हाल ही में अपने पदों और कमेटी से इस्तीफा दे दिया।
इन सदस्यों ने आरोप लगाया है कि उन्हें संगठन की मौजूदा लीडरशिप पर कोई भरोसा नहीं है। उन्होंने नए चुनाव कराने की मांग भी की।
इस विवाद के बीच, CINTAA की प्रेसिडेंट पूनम ढिल्लों ने सोमवार को अपने और वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे के खिलाफ लगे आरोपों को बहुत आपत्तिजनक बताया।
दरअसल, इस्तीफा देने वाले 8 निर्वाचित सदस्यों में हेमंत पांडे, मुकेश ऋषि, साहिला चड्ढा, हेतल परमार, पुनीत इस्सर, विंदू दारा सिंह, विकास वर्मा और दीपक पाराशर शामिल हैं। उनका आरोप है कि कार्यकारी समिति से सलाह या मंजूरी लिए बिना महत्वपूर्ण फैसले बार-बार किए गए।
दरअसल, आठों सदस्यों ने संयुक्त इस्तीफा पत्र में आरोप लगाया कि एसोसिएशन का कामकाज पूनम, पद्मिनी और कुछ दूसरे सदस्यों तक सीमित होकर रह गया। उन्होंने सामूहिक फैसले, सलाह-मशवरे और संविधान के नियमों के बार-बार उल्लंघन की बात भी कही।
इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने क्या आरोप लगाए
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस्तीफा पत्र के एक हिस्से में कथित तौर पर लिखा गया,
अध्यक्ष पूनम ढिल्लों बार-बार एकतरफा फैसले लेती रही हैं। उन्होंने अपनी ID का इस्तेमाल करके सरकारी अधिकारियों को ऑफिशियल मैसेज भेजे हैं और CINTAA की ऑफिशियल ID का इस्तेमाल करके इंडस्ट्री ऑर्गनाइजेशन को भेजे गए मैसेज पर भी अकेले ही फैसला किया है।

पत्र में आगे कहा गया,
उन्होंने एग्जीक्यूटिव कमेटी की जानकारी, सलाह और मंजूरी के बिना, सरकार, क्वासी-ज्यूडिशियल और इंडस्ट्री बॉडीज के सामने और सबके सामने एसोसिएशन को रिप्रेजेंट किया। इससे कलेक्टिव रिस्पॉन्सिबिलिटी के प्रिंसिपल को कमजोर किया गया।

CINTAA की महासचिव उपासना सिंह ने ANI से इस्तीफे की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा था कि कुल 11 सदस्यों ने इस्तीफा दिया है, जिनमें कार्यकारी समिति के 8 सदस्य भी शामिल हैं।
उपासना सिंह ने कहा था,
उन्होंने अपनी शिकायतें भी दी हैं। उनका कहना है कि पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों अपने पदों का गलत इस्तेमाल कर रही हैं।

हालांकि, एसोसिएशन के कानूनी सलाहकार ने साफ किया कि कार्यकारी समिति भंग नहीं हुई है।
पूनम बोलीं- मानहानि का केस कर सकते थे
पूनम ढिल्लों ने अपने खिलाफ लगाए आरोपों को खारिज किया। उन्होंने ANI से बात करते हुए कहा,
बात यह थी कि चीजें उनके हिसाब से नहीं हो रही थीं। वे CAWT (सिने आर्टिस्ट्स वेलफेयर ट्रस्ट) के जरिए CINTAA सदस्यों पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रहे थे। जब ऐसा नहीं हो पाया तो उन्होंने हमारे खिलाफ अजीब और गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए।

पूनम ने आरोपों की भाषा पर नाराजगी जताते हुए कहा,
आप यकीन नहीं करेंगे कि आरोप कितने अश्लील थे। वे इतने आपत्तिजनक थे कि अगर हम चाहते तो इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई करने पर विचार कर सकते थे। ऐसे आरोप, दुख पहुंचाने वाले बयान और आपत्तिजनक भाषा बड़े स्तर पर फैलाई गई।


पूनम ढिल्लों ने नूरी (1979), त्रिशूल (1978), सोहनी महिवाल (1984) जैसी कई फिल्मों में काम किया है।
पूनम ने बताया कि इस विवाद का उन पर इमोशनल असर पड़ा और उन्होंने कई बार कार्यकारी समिति से इस्तीफा देने के बारे में सोचा। उन्होंने कहा कि दो या तीन लोग, जिन्हें उन्होंने पेड प्रवक्ता बताया, इसी तरह की बातें करते थे।
उन्होंने कहा कि उनमें से एक या दो CINTAA के सदस्य भी थे। उन्होंने बहुत अनुचित और दुख पहुंचाने वाले बयान दिए। फिर भी हमने चुप रहना चुना।

पूनम ने आत्मसम्मान को सबसे जरूरी बताया
पूनम ने कहा कि मैं सिर्फ एक बात कहना चाहूंगी। मेरा आत्मसम्मान और ईमानदारी मेरे लिए बहुत जरूरी है। हमने जो कुछ वर्षों में कमाया है, वह एक-दो साल में नहीं कमाया। हमने अपने व्यवहार, गरिमा, मौजूदगी और लोगों के साथ व्यवहार व बातचीत के तरीके से दशकों में अपनी प्रतिष्ठा और आत्मसम्मान बनाया है।
हिंदुस्तान टाइम्स के साथ एक और इंटरव्यू में पूनम ने कहा कि वह और पद्मिनी CINTAA के लिए गुडविल बनाने के लिए अपने रिसोर्स और कनेक्शन का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इसका मकसद पर्सनल फायदा नहीं है।
पूनम ने कहा कि संगठन के सदस्यों के लिए कुछ करने की पहल कोई और नहीं कर रहा था, इसलिए मैं उनके आरोपों से हैरान हूं।
CAWT और कार्यक्रम से जुटाई रकम पर सफाई
पूनम ने कहा कि इस्तीफा देने वाले सदस्य CAWT को बचाने की कोशिश कर रहे थे। यह ट्रस्ट दिवंगत दिलीप कुमार, अमरीश पुरी, अमजद खान और दूसरे वरिष्ठ कलाकारों ने बनाया था।
उन्होंने कहा कि इस ट्रस्ट ने सदस्यों को मेडिकल सुविधाएं देने की अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की है। पूनम के मुताबिक, पिछले कुछ दशकों में मौजूदा समिति के किसी सदस्य ने CAWT के लिए रकम नहीं जुटाई।
उन्होंने बताया कि हाल में एक कार्यक्रम के जरिए रकम जुटाई गई। कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाली कलाकार कविता कृष्णमूर्ति और मधुश्री को साड़ियां दी गईं, जबकि बिना फीस प्रस्तुति देने वाले नितिन मुकेश को कुर्ता दिया गया।
पूनम ने कहा,
इस्तीफा देने वाले सदस्य हम पर साड़ियां खरीदने का आरोप लगा रहे हैं। क्या हमने वे साड़ियां अपने लिए खरीदी थीं? हम यह मानते हैं कि इन कलाकारों ने बिना फीस हमारे लिए प्रस्तुति दी थी, इसलिए उन्हें ये उपहार दिए गए। पद्मिनी और मैंने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन किया था और अपने अनुरोध पर उनसे प्रस्तुति करवाई थी। इन गायकों ने CINTAA के लिए मदद की। हमने इन परफॉर्मेंस से 1 करोड़ रुपए जुटाए। ऐसे में अगर हम कलाकारों के उपहारों पर 1 लाख रुपए खर्च करते हैं तो इसमें समस्या क्या है?

‘42 साल से इंडस्ट्री में हूं, क्या ऐसा विश्वासघात कर सकती हूं’
पूनम ने सवाल किया कि फिल्म इंडस्ट्री में दशकों तक काम करने के बाद क्या उन पर संगठन से विश्वासघात करने का आरोप लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा,
हम इस इंडस्ट्री में 42 साल से हैं। कुछ लोग 45 साल से और कुछ 48 साल से इसका हिस्सा हैं। क्या आपको सच में लगता है कि इतने वर्षों बाद हम ऐसा विश्वासघात कर सकते हैं? मैं आपके साथ एक बहुत निजी बात साझा करना चाहती हूं। पिछले एक या डेढ़ साल में कई बार ऐसा लगा कि CINTAA की कार्यकारी समिति से इस्तीफा देकर अलग हो जाऊं।

उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि इन लोगों ने हमारा जीवन बहुत मुश्किल बना दिया था। हर एक चीज का विरोध किया गया। हर पहल का विरोध किया गया।

FWICE ने 11 अगस्त की EGM पर सवाल उठाए
वहीं, CINTAA में जारी अंदरूनी विवाद को लेकर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने CINTAA के पदाधिकारियों को 11 अगस्त को प्रस्तावित एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) आयोजित नहीं करने की चेतावनी दी।

FWICE का पत्र।
FWICE अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने सोमवार को जारी पत्र में कहा कि CINTAA की एलेक्टेड एग्जीक्यूटिव कमेटी के 50% से अधिक सदस्यों के इस्तीफा देने के बाद कमेटी संविधान के तहत भंग हो चुकी है। FWICE ने CINTAA के संविधान की क्लॉज (F)(iii) का हवाला देते हुए कहा कि 50% या उससे ज्यादा निर्वाचित पद खाली होने पर कमेटी भंग मानी जाती है और नए चुनाव कराए जाने चाहिए।
