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3 मिनट पहले
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पेरिस ओलिंपिक में भारत ने 6 मेडल जीते थे। PM मोदी सभी ओलिंपिक मेडलिस्ट से मिले थे।
मुंबई में मंगलवार को भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के क्षेत्रीय केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2036 और 2048 ओलिंपिक के लिए मेडल लक्ष्य तय किए हैं। खेलो इंडिया रिवैंप्ड योजना के तहत 2026 से 2031 के लिए कुल 36,441 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
सरकार का लक्ष्य 2036 ओलिंपिक में टॉप-10 और 2048 ओलिंपिक में टॉप-5 देशों में जगह बनाना है। भारत 2036 ओलिंपिक की मेजबानी करना चाहता है, जबकि 2048 ओलिंपिक भारत की आजादी के 100 साल पूरे होने के आसपास होंगे।
2036 में 12-14 गोल्ड समेत कुल 30-35 मेडल और 2048 में 35-40 गोल्ड समेत कुल 90-100 मेडल जीतने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए वैज्ञानिक तरीके से प्रतिभाओं की पहचान, खेल ढांचा, कोचिंग, खेल विज्ञान और टेक्नोलॉजी पर फोकस किया जाएगा।
खेलो इंडिया योजना में 9 प्रमुख हिस्से
SAI रीजनल सेंटर मुंबई के क्षेत्रीय निदेशक पांडुरंग चाटे ने कहा कि रिवैंप्ड खेलो इंडिया योजना का मकसद अलग-अलग योजनाओं के बजाय खिलाड़ियों के लिए पूरी खेल यात्रा तैयार करना है।
उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में खेलों की मजबूत संस्कृति और प्रतिभाओं का बड़ा पूल है। हमारा लक्ष्य स्कूलों और ग्रासरूट सेंटर से लेकर व्यवस्थित ट्रेनिंग, प्रतियोगिताओं और हाई परफॉर्मेंस खेलों तक प्रतिभाओं को हर स्तर पर सही अवसरों से जोड़ना होना चाहिए।”
चाटे ने कहा कि मुंबई एक मजबूत हाई परफॉर्मेंस हब बन सकता है। महाराष्ट्र के जिलों में सुविधाएं मजबूत करने से प्रतिभाओं की पहचान उनके अपने इलाकों के करीब हो सकेगी और उन्हें आगे बढ़ाया जा सकेगा।
रिवैंप्ड योजना का बजट 8 गुना बढ़ाने का लक्ष्य है। 2026 से 2031 के बीच योजना के तहत मदद पाने वाले खिलाड़ियों की संख्या भी 10 गुना बढ़ाई जाएगी।
योजना के 9 प्रमुख हिस्से हैं- मेडल रणनीति के लिए खेल ढांचा, रणनीतिक खेल संपत्तियों को मजबूत करना, खेल ढांचा विकास के लिए राज्य की कार्ययोजना, खेल प्रतियोगिताएं और लीग, प्रतिभा की पहचान और विकास, कोच और सपोर्ट स्टाफ का विकास, खेलो इंडिया ट्रेनिंग सुविधाएं, फिट इंडिया मूवमेंट और खेल टेक्नोलॉजी।
इनमें मेडल रणनीति के लिए खेल ढांचा, रणनीतिक खेल संपत्तियों को मजबूत करना और खेल ढांचा विकास के लिए राज्य की कार्ययोजना मिलकर तीन स्तर वाली खेल ढांचा रणनीति बनाएंगे।
30 हजार खिलाड़ियों को मिलेगा सहयोग
रिवैंप्ड योजना के तहत केंद्र और राज्य के बीच खर्च बांटने का अनुपात 60:40 रखा गया है। इसमें 30,000 खिलाड़ियों को सहयोग देने का प्रावधान है।
SAI रीजनल सेंटर मुंबई ने एक रिलीज में कहा कि रिवैंप्ड खेलो इंडिया योजना महाराष्ट्र के मौजूदा खेल तंत्र को मजबूत करने का मौका देती है। इससे खिलाड़ी के विकास के अलग-अलग चरणों को एक बेहतर और जुड़ी हुई प्रक्रिया में जोड़ा जा सकेगा।
रिलीज के मुताबिक, मुंबई और महाराष्ट्र के दूसरे जिलों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। मुंबई में बड़ा हाई परफॉर्मेंस खेल केंद्र बनने की क्षमता है, लेकिन राज्य के जिलों में खेल सुविधाओं और अवसरों को मजबूत करना भी जरूरी होगा।
इससे राज्य के अलग-अलग इलाकों की प्रतिभाओं को सही खेल ढांचा, कोचिंग और प्रतियोगिताओं तक पहुंच मिल सकेगी।
सुकांत कदम बोले- ग्रासरूट स्तर पर रोडमैप तैयार
पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी सुकांत कदम ने कहा, “अगर हम बड़े सपने देख रहे हैं और वे सभी को वास्तविक नहीं लगते, तो खिलाड़ी होने के नाते हम समझते हैं कि ग्रासरूट स्तर पर इतना मैनपावर और रोडमैप मौजूद होगा तो युवा पीढ़ी के लिए आगे बढ़ना आसान होगा।”
उन्होंने कहा, “हमने जिस रास्ते पर सफर किया, उसमें कई उतार-चढ़ाव थे, लेकिन अब रोडमैप तैयार है।”
टोक्यो पैरालिंपिक के गोल्ड मेडल विजेता प्रमोद भगत ने कहा, “जब मैंने खेलना शुरू किया था, तब ग्रासरूट स्तर पर सुविधाओं की कमी थी। मेरे गांव के लोगों ने मेरा पूरा साथ दिया, जिससे मैं यहां तक पहुंच सका।”
भगत ने कहा, “ग्रासरूट स्तर पर आपको कहीं न कहीं उस सहयोग की जरूरत होती है और यह योजना खास तौर पर इसी के लिए है।”
