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3 मिनट पहले
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पूर्व भारतीय कप्तान बाईचुंग भूटिया ने भारतीय फुटबॉल फैंस से भारत-ब्राजील फ्रेंडली मैच के बॉयकॉट की अपील की है। उन्होंने 420 ग्राम्स से बातचीत में एक 90 मिनट के मैच पर कथित तौर पर होने वाले बड़े खर्च पर सवाल उठाया।
भूटिया ने कहा- इस मैच पर खर्च होने वाला पैसा बंगाल के खिलाड़ियों, फुटबॉल इंफ्रास्ट्रक्चर, फुटसल मैदानों और आर्थिक संकट से जूझ रहे क्लबों पर लगाया जा सकता है।
ब्राजील 3 अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में भारत के खिलाफ खेलेगा। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने शेड्यूल में टकराव के कारण भारत को पहले फीफा आसियान कप से हटा लिया था।
मैच पर खर्च को लेकर भूटिया का सवाल
भूटिया ने कहा, “अगर एक 90 मिनट के मैच के लिए 50 से 70 करोड़ रुपए ब्राजील जा रहे हैं, तो हमें बदले में क्या मिल रहा है? शायद 90 मिनट का मनोरंजन।”
उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि बंगाल सरकार इतनी समझदारी दिखाएगी कि उसे एहसास हो कि कल्याण चौबे उसे गुमराह कर रहे हैं। अगर बंगाल सरकार इस मैच का खर्च उठाने या इसके लिए पैसा जुटाने जा रही है, तो कृपया वह पैसा बंगाल में लगाया जाए, ताकि कॉमनवेल्थ गेम्स में अगले कुछ स्वर्ण पदक विजेता तैयार हो सकें।”
भूटिया ने कहा कि इस खर्च का इस्तेमाल बंगाल के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के लिए लंबे समय की योजना बनाने में किया जा सकता है। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में राज्य के प्रदर्शन का भी जिक्र किया।
भूटिया ने कहा, “इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में बंगाल का एक भी खिलाड़ी पदक नहीं जीत सका। इसलिए जब आपके पास 30 करोड़ रुपए हों, तो अगले चार साल में इसे लगाकर कॉमनवेल्थ गेम्स में 10 पदक जीतने की तैयारी करें।”
उन्होंने राज्य में फुटसल सुविधाएं बनाने का सुझाव भी दिया। भूटिया ने कहा, “30 करोड़ रुपए से 100 फुटसल मैदान बनाइए। अलग-अलग जिलों में कम से कम सात खिलाड़ियों वाले फुटसल मैदान 100 जगहों पर बनाए जा सकते हैं। इसका सही इस्तेमाल कीजिए।”
एआईएफएफ ने फैसले का बचाव किया
एआईएफएफ ने ब्राजील को प्राथमिकता देने के फैसले का बचाव किया है। फेडरेशन ने कहा कि यह मैच भारतीय फुटबॉल के लिए असाधारण मौका है और इससे राष्ट्रीय टीम का मनोबल बढ़ सकता है।
फेडरेशन ने भारत के आसियान कप से हटने के बाद पहले से तय वित्तीय जुर्माने की बातों को भी खारिज किया है। एआईएफएफ ने कहा है कि ब्राजील मैच को उचित संस्थागत प्रक्रियाओं के जरिए मंजूरी दी गई थी।
फेडरेशन ने मैच की लागत और उसके लिए इस्तेमाल होने वाले फंड को लेकर किए गए दावों को भी खारिज किया है। फेडरेशन के एक अधिकारी ने सार्वजनिक तौर पर भूटिया से उनके बताए आंकड़ों का सबूत देने को कहा है।
भूटिया इससे पहले भी एआईएफएफ के आसियान कप से हटने के फैसले की आलोचना कर चुके हैं। उनका कहना था कि फीफा से मान्यता प्राप्त टूर्नामेंट भारत को एक मैत्री मैच के मुकाबले ज्यादा उपयोगी प्रतिस्पर्धी अनुभव देगा।
भारतीय क्लबों पर असर की चिंता
पूर्व भारतीय कप्तान ने ब्राजील मैच को घरेलू क्लबों की आर्थिक परेशानियों से भी जोड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि एक मैच पर ज्यादा खर्च होने से पहले ही निवेश जुटाने में संघर्ष कर रहे क्लबों पर असर पड़ सकता है।
भूटिया ने कहा, “ब्राजील की वजह से ईस्ट बंगाल को परेशानी होगी। अगर बंगाल से 50 करोड़ रुपए चले गए, तो अगले पांच साल तक ईस्ट बंगाल को निवेशक और प्रायोजक नहीं मिलेंगे, क्योंकि बाजार में पैसा नहीं रहेगा।”
उन्होंने कहा कि अगर बड़ी रकम घरेलू फुटबॉल के बजाय मैत्री मैच पर खर्च की गई, तो ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन स्पोर्टिंग जैसे क्लबों को नुकसान हो सकता है।
भूटिया का बयान भारतीय फुटबॉल में चल रही व्यापक अनिश्चितता के बीच आया है। क्लब आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं और आईएसएल के भविष्य को लेकर लंबे समय से अनिश्चितता बनी हुई है।
भारत-ब्राजील मैत्री मैच 3 अक्टूबर को कोलकाता में होना है। वहीं, आसियान कप 21 सितंबर से 6 अक्टूबर तक खेला जाएगा। दोनों आयोजनों की तारीखों में टकराव के कारण एआईएफएफ ने टूर्नामेंट से हटकर हाई-प्रोफाइल मैत्री मैच को प्राथमिकता दी।
