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EPF-EPS Salary Limit Hiked to 25,000


4 मिनट पहले

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अब कंपनियों को 25 हजार रुपए तक सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को PF के दायरे में शामिल करना ही होगा। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को EPF और EPS के लिए अनिवार्य बेसिक सैलरी लिमिट ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति महीना कर दी है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इससे 51 लाख कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।

आखिरी बार यह सीमा सितंबर 2014 में ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 की गई थी। अब 12 साल बाद हुए इस बड़े बदलाव से ₹15,000 से ₹25,000 की बेसिक सैलरी वाले 51 लाख कर्मचारियों को भी पीएफ बचत और पेंशन का सीधा फायदा मिलेगा।

EPF में ₹25,000 की मैंडेटरी कवरेज सैलरी लिमिट का मतलब आसान भाषा में यह है:

  • अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी + महंगाई भत्ता (DA) अगर ₹25,000 या उससे कम है, तो कंपनी को उस कर्मचारी को EPF में शामिल करना अनिवार्य है।
  • अगर बेसिक सैलरी + DA ₹25,000 से ज्यादा है, तो नई जॉइनिंग पर EPF अनिवार्य नहीं है, लेकिन ऐसा तब ही होगा जब कर्मचारी पहले से EPF सदस्य न हो।
  • योगदान की बात करें तो अनिवार्य योगदान सिर्फ ₹15,000 तक ही लगता है। उससे ऊपर की सैलरी वाले कर्मचारी को EPF में शामिल होना है या नहीं यह वो खुद चुनेगा।

नोट: यह लिमिट मुख्य रूप से Basic + DA पर लागू होती है, पूरे CTC या ग्रॉस सैलरी पर नहीं।

आसान उदाहरणों से समझें

उदाहरण 1: सैलरी लिमिट के अंदर

  • राहुल की बेसिक सैलरी + DA = ₹12,000
  • कंपनी को राहुल को EPF में शामिल करना अनिवार्य है।
  • कर्मचारी योगदान: 12% × 12,000 = ₹1,440
  • नियोक्ता योगदान: लगभग उतना ही (कुल 12%)

उदाहरण 2: ठीक लिमिट पर

  • प्रिया की बेसिक सैलरी + DA = ₹25,000
  • EPF जरूरी है।
  • कर्मचारी योगदान: 12% × 25,000 = ₹3000
  • नियोक्ता भी इसी पर योगदान देता है।

उदाहरण 3: लिमिट से ऊपर (नई जॉइनिंग)

अमित की बेसिक सैलरी + DA = ₹40,000 (पहली बार जॉब जॉइन कर रहा है, पहले कभी EPF नहीं था)

  • EPF में शामिल करना अनिवार्य नहीं है।
  • अगर कंपनी और अमित दोनों सहमत हों तो शामिल हो सकते हैं।
  • अनिवार्य योगदान सिर्फ ₹25,000 पर होगा → कर्मचारी से ₹3,000 ही कटेगा।
  • अगर दोनों चाहें तो पूरी ₹40,000 पर 12% (₹4,800) भी कटवा सकते हैं — यह स्वैच्छिक होगा।

उदाहरण 4: पहले से EPF सदस्य है

  • सुनीता की सैलरी पहले ₹12,000 थी, अब प्रमोशन के बाद Basic + DA = ₹50,000 हो गई।
  • वह पहले से EPF सदस्य है, इसलिए EPF जारी रहेगा।
  • लेकिन अनिवार्य योगदान अब भी सिर्फ ₹25,000 तक (₹3,000) ही रहेगा।
  • उससे ऊपर का योगदान कंपनी की पॉलिसी और सहमति पर निर्भर करता है।

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