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मार्क वुड ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया:11 साल का रहा करियर, दो वर्ल्ड कप और चार एशेज सीरीज जीतीं




इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने 36 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने 11 साल के करियर में दो वर्ल्ड कप और चार एशेज सीरीज जीतीं। वुड ने 38 टेस्ट में 119 विकेट लिए। उन्होंने 70 वनडे में 80 और 38 T20I में 54 विकेट लिए। वह इंग्लैंड के सबसे छोटे फॉर्मेट में छठे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। लगातार चोटों के कारण उनकी उपलब्धता कम होती गई। मेडिकल सलाह के बाद उन्होंने टेस्ट और 50 ओवर के क्रिकेट में वापसी को नामुमकिन बताया। वुड ने इंग्लैंड के लिए अपना आखिरी मैच पिछले नवंबर में पर्थ में एशेज टेस्ट के दौरान खेला था। इसके बाद वह एक और चोट से जूझते हुए बाहर हो गए। इंग्लैंड के लिए डेब्यू और आंकड़े मार्क वुड ने 2015 में लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड के लिए डेब्यू किया था। वह अपनी तेज गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 38 टेस्ट में 119 विकेट लिए। वनडे में 70 मैचों में 80 विकेट हासिल किए। वुड ने 38 T20I मैचों में 54 विकेट लिए। वह इंग्लैंड के सबसे छोटे फॉर्मेट में छठे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। दो वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका वुड के करियर में दोनों सीमित ओवर फॉर्मेट के वर्ल्ड कप शामिल रहे। उन्होंने 2019 वनडे वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने उस टूर्नामेंट में 18 विकेट लिए। इस दौरान उन्होंने कई बार 95 मील प्रति घंटा से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी की। लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में वुड साइड स्ट्रेन के बावजूद गेंदबाजी करते रहे। इंग्लैंड ने रोमांचक सुपर ओवर में जीत दर्ज की। तीन साल बाद वुड ने ऑस्ट्रेलिया में हुए 2022 T20 वर्ल्ड कप में चार मैचों में नौ विकेट लिए। इंग्लैंड ने यह टूर्नामेंट जीता था। एशेज सीरीज में भी यादगार प्रदर्शन वुड ने इंग्लैंड के लिए चार एशेज सीरीज खेलीं। 2015 की पहली एशेज सीरीज में उन्होंने ट्रेंट ब्रिज में वह विकेट लिया था, जिससे इंग्लैंड की सीरीज जीत पक्की हुई। 2023 में टेस्ट टीम में उनकी वापसी यादगार रही। हेडिंग्ले में उनकी तेज गेंदबाजी ने इंग्लैंड को 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी करने में मदद की। इंग्लैंड ने वह एशेज सीरीज 2-2 से ड्रॉ की थी। चोटों के कारण लिया फैसला हालांकि, लगातार चोटों के कारण वुड का खेलना कम होता गया। उन्होंने कहा कि मेडिकल सलाह के अनुसार टेस्ट और 50 ओवर का क्रिकेट अब उनके लिए संभव नहीं है। वुड ने कहा, “मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। पिछले एक साल को देखते हुए यह फैसला शायद हैरान करने वाला नहीं है।” “मुझे लगता है कि अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर यह फैसला लेना स्वाभाविक समय है। मैंने हमेशा चोट से वापसी करके लोगों को गलत साबित करने की कोशिश की।” “मैं सबको दिखाना चाहता था कि मैं क्या कर सकता हूं। दुर्भाग्य से इस बार मैं यह लड़ाई हार गया।” “मेडिकल सलाह के अनुसार टेस्ट क्रिकेट और 50 ओवर का क्रिकेट संभव नहीं है। पिछले एक साल में इंग्लैंड का सपना धीरे-धीरे मुझसे छिनता गया।” उन्होंने कहा, “इंग्लैंड के लिए खेलना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान और सपना था। मेरे अंदर का छोटा बच्चा इंग्लैंड के लिए इतना खेलने पर बहुत खुश होता।” वुड ने कहा, “दुनिया घूमना, शानदार लोगों से मिलना और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना मेरे लिए बड़ी किस्मत की बात है। मैंने ऐसा काम किया, जिसे मैं बेहद पसंद करता था।” रॉब की ने की तारीफ इंग्लैंड पुरुष टीम के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने वुड के योगदान की तारीफ की। उन्होंने खासतौर पर बड़ी सीरीज और टूर्नामेंट में वुड के प्रदर्शन को याद किया। रॉब की ने कहा, “एक शानदार करियर के आखिरी हिस्से को देखना मेरे लिए सम्मान की बात रही है।” “एशेज सीरीज की जीत, वर्ल्ड कप में अहम भूमिका निभाना और हर बार गेंद हाथ में आते ही दर्शकों को रोमांचित करना ऐसी उपलब्धि है, जो बहुत कम खिलाड़ी हासिल कर पाते हैं।” उन्होंने कहा, “वुड अपने बेहद शानदार करियर पर गर्व कर सकते हैं।”



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