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- Civil Aviation Minister Rammohan Naidu On Airfare | Festive Season Update
नई दिल्ली7 मिनट पहले
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त्योहारों के सीजन में अगर आप फ्लाइट से घर जाने या यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। सिविल एविएशन मिनिस्टर के राममोहन नायडू ने मंगलवार को साफ कर दिया है कि सरकार आगामी फेस्टिव सीजन के दौरान हवाई किरायों पर कोई ऊपरी सीमा या कैप (Cap) नहीं लगाएगी।
हालांकि, सरकार एयरलाइंस कंपनियों को टिकट के दाम वाजिब और कंट्रोल में रखने की सलाह जरूर देगी। जानिए, हवाई किरायों, एयरलाइंस के खर्च और टिकटों की कीमतों पर सरकार के इस फैसले से जुड़े हर जरूरी सवाल का जवाब…
सवाल 1: क्या सरकार आगामी त्योहारों के सीजन में हवाई किरायों पर कोई कैपिंग लगाने जा रही है?
जवाब: नहीं, सरकार त्योहारों के दौरान एयरफेयर पर किसी भी तरह की कैपिंग (ऊपरी सीमा) नहीं लगाएगी। नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया है कि सरकार किराए की सीमा तय करने के बजाय एयरलाइंस कंपनियों को कीमतें वाजिब और कंट्रोल में रखने की सलाह (Advise) देगी।
सवाल 2: अगर सरकार किराए तय नहीं करेगी, तो फिर फेस्टिव सीजन में यात्रियों को राहत कैसे मिलेगी?
जवाब: नागरिक उड्डयन मंत्री के मुताबिक, सरकार लगातार एयरलाइंस कंपनियों के साथ संपर्क में रहती है और उनके साथ रेगुलर बैठकें की जाती हैं। बैठकों में कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं कि त्योहारों के मौकों पर किरायों को रीजनेबल लेवल पर रखा जाए, ताकि त्योहारों पर सफर करने वाले आम यात्रियों को सीधा फायदा मिल सके।
सवाल 3: त्योहारों के समय उड़ानों के टिकट इतने महंगे क्यों हो जाते हैं?
जवाब: फेस्टिवल सीजन में अचानक डिमांड बढ़ जाती है। एयरलाइंस कंपनियां डायनेमिक प्राइजिंग मॉडल (Dynamic Pricing Model) पर काम करती हैं, जिससे सीटें तेजी से भरने पर किराया अपने आप बढ़ता है। इसके अलावा, इस बार वेस्ट एशिया (मध्य पूर्व) में चल रहे संकट की वजह से भी एयरलाइंस की ऑपरेटिंग कॉस्ट (संचालन लागत) बढ़ गई है।
सवाल 4: वेस्ट एशिया संकट का हवाई किराए और एटीएफ (ATF) पर क्या असर पड़ रहा है?
जवाब: वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव और संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में एयर क्रूड और एटीएफ (Aviation Turbine Fuel) यानी जेट फ्यूल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। मंत्री नायडू के अनुसार, किरायों में बढ़ोतरी सिर्फ फेस्टिव सीजन की वजह से नहीं है, बल्कि ग्लोबल संकट भी इसका एक प्रमुख कारण है।
सवाल 5: किसी भी एयरलाइंस के कुल खर्च में ईंधन (Fuel) का कितना हिस्सा होता है?
जवाब: नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के अनुसार, एयरलाइंस के कुल फेयर (टिकट की लागत) का 40% से 43% हिस्सा सिर्फ एटीएफ (ATF) यानी फ्यूल का होता है। यही वजह है कि जेट फ्यूल की कीमतों में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी होते ही टिकट के दाम सीधे बढ़ जाते हैं।
सवाल 6: क्या पहले भी त्योहारों के मौकों पर सरकार ने किरायों को लेकर एयरलाइंस के साथ हस्तक्षेप किया है?
जवाब: हां, मंत्री नायडू ने बताया कि अतीत में भी जब भी त्योहारों या प्रमुख राष्ट्रीय आयोजनों का समय आया है, सरकार ने एयरलाइंस के साथ बैठकें करके प्राइज सिचुएशन को संभाला है और कंपनियों को मनमाना किराया वसूलने से रोका है।
सवाल 7: यह पूरी बातचीत किस मौके पर हुई और सरकार की उड्डयन क्षेत्र को लेकर क्या तैयारियां हैं?
जवाब: नागरिक उड्डयन मंत्री ‘उड़ान’ (UDAN – उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अगले फेज के लिए समझौतों (Pacts) पर हस्ताक्षर करने के कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने और किरायों को संतुलित रखने पर विचार व्यक्त किए।
सवाल 8: आम यात्रियों के लिए अब आगे क्या विकल्प है और उन्हें टिकट बुक करते समय क्या ध्यान रखना चाहिए?
जवाब: चूंकि सरकार किरायों पर आधिकारिक कैप नहीं लगा रही है, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे त्योहारों के दौरान अचानक होने वाली प्राइज हाइक (Price Hike) से बचने के लिए अपनी यात्रा की बुकिंग अंतिम समय (Last Minute) के बजाय एडवांस में ही करा लें।
जानें क्या होता है प्राइज कैपिंग और डायनेमिक प्राइजिंग?
- प्राइज कैपिंग: सरकार द्वारा किसी सेवा या वस्तु की अधिकतम कीमत तय कर देना, जिससे कंपनियां उससे अधिक पैसा ग्राहकों से नहीं वसूल सकतीं। (कोरोना काल में किरायों पर प्राइज कैपिंग लगाई गई थी)।
- डायनेमिक प्राइजिंग: मांग और आपूर्ति के आधार पर टिकट की कीमतें तय होना। जैसे-जैसे सीटें कम बचती हैं और मांग बढ़ती है, टिकट की कीमत स्वतः बढ़ती जाती है।
रीडर टिप्स: त्योहारों में सस्ते एयर टिकट कैसे बुक करें?
- एडवांस बुकिंग: यात्रा की तारीख से कम से कम 30 से 45 दिन पहले टिकट बुक करें।
- फ्लेक्सिबल डेट्स: यदि संभव हो, तो मुख्य त्योहार के दिन से 1-2 दिन पहले या बाद की फ्लाइट चुनें।
- मिड-वीक ट्रैवल: वीकेंड (शुक्रवार-रविवार) के बजाय मंगलवार या बुधवार को उड़ान भरें, इस दिन किराए तुलनात्मक रूप से कम रहते हैं।
