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भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी-20 में 249 रन बनाने के बावजूद मिली हार के बाद फ्लैट पिचों पर गेंदबाजों के लिए मुश्किल हालात का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बैट और बॉल के बीच बराबरी का मुकाबला जरूरी है, क्योंकि गेंदबाजों के करियर भी दांव पर लगे हैं। गंभीर ने तेज गेंदबाज मयंक यादव को भी अपनी रफ्तार पर भरोसा रखने की सलाह दी। रांची में भारत ने 5 विकेट पर 249 रन बनाए थे, लेकिन वेस्टइंडीज ने कप्तान शाई होप की नाबाद सेंचुरी और शेरफेन रदरफोर्ड के 84 रन की मदद से 9 गेंद बाकी रहते 6 विकेट से जीत दर्ज की। इसके साथ ही 5 मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। गंभीर बोले- गेंदबाजों के करियर भी दांव पर लगे हैं गंभीर ने कहा कि बल्लेबाजों को चौके-छक्के लगाते देखना सभी को पसंद है, लेकिन मुकाबले में गेंदबाजों को भी बराबरी का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर आप सिर्फ चौके-छक्के देखना चाहते हैं, तो हम भी देखना चाहते हैं। लेकिन अगर आप बैट और बॉल के बीच बराबरी का मुकाबला चाहते हैं, तो हम भी यही चाहते हैं। गेंदबाज भी हमारे ही हैं, उनके करियर भी दांव पर लगे हैं। वे भी मेहनत करके इस ड्रेसिंग रूम तक पहुंचे हैं।” गंभीर ने कहा कि भारत वर्ल्ड चैंपियन टीम है और लगातार सुधार करना चाहती है। फ्लैट पिच और ओस में गेंदबाजी मुश्किल थी, लेकिन टीम को ऐसी परिस्थितियों में भी बड़े स्कोर का बचाव करने का तरीका खोजना होगा। उन्होंने कहा कि पहले ओवर में 2 विकेट और पावरप्ले में 3 विकेट लेने के बावजूद भारत 250 रन का लक्ष्य नहीं बचा सका। गंभीर ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि टीम जीत की हकदार थी। गंभीर ने पिछले महीने गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में भारत के 406 रन का लक्ष्य हासिल करने के बाद भी फ्लैट पिच पर सवाल उठाए थे। तब उन्होंने कहा था, “यह क्रिकेट नहीं था, सिर्फ बल्लेबाजी थी।” गंभीर की मयंक को सलाह- 150 की रफ्तार है तो तेज गेंदबाजी करो गंभीर ने तेज गेंदबाज मयंक यादव को अपनी प्राकृतिक ताकत पर भरोसा रखने की सलाह दी। लखनऊ में पिछले मैच में महंगे साबित हुए मयंक ने रांची में पावरप्ले के दौरान 3 विकेट लेकर वापसी की। गंभीर ने कहा, “वह तेज गेंदबाज हैं और उन्हें तेज गेंदबाजी करनी चाहिए। वह स्लोअर बॉलर नहीं हैं। अगर आप 150 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो उसी रफ्तार से गेंद डालिए। तेज गेंदबाज होने के नाते तेज गेंदबाजी करना आपकी जिम्मेदारी है। मयंक ने यही किया और इसलिए उन्हें सफलता मिली।” मयंक ने पारी के पहले ओवर में लगातार गेंदों पर कामिल पूरन और शिमरॉन हेटमायर को आउट किया। इसके बाद पावरप्ले में रोवमन पॉवेल का विकेट लेकर वेस्टइंडीज को तीसरा झटका दिया। हालांकि, इसके बाद शाई होप और रदरफोर्ड की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। श्रेयस बोले- ओस में गेंदबाजी करना मुश्किल था भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी हार के बाद ओस को गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि ओस आने के बाद गेंदबाजी मुश्किल हो जाती है और इस पिच पर गलती की गुंजाइश बहुत कम थी। लेंथ में मामूली चूक होने पर भी गेंद सीधे स्टैंड में जा रही थी। श्रेयस ने कहा, “ओस आने पर गेंदबाजी मुश्किल हो जाती है। कोई एक स्कोर तय नहीं किया जा सकता। इस पिच पर गलती की गुंजाइश बहुत कम थी।” उन्होंने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि शाई होप और बाकी बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। होप की सेंचुरी और रदरफोर्ड के 84 रन से जीता वेस्टइंडीज भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 249 रन बनाए। संजू सैमसन ने 84 रन की पारी खेली, जबकि ईशान किशन ने 43, श्रेयस अय्यर ने 40 और तिलक वर्मा ने नाबाद 44 रन बनाए। 250 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत खराब रही। टीम ने पहले ओवर में 2 विकेट गंवा दिए। इसके बाद होप और रोवमन पॉवेल ने पारी संभाली। होप और रदरफोर्ड ने चौथे विकेट के लिए 120 रन की साझेदारी की। होप ने 45 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए, जबकि रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन जड़े। रोमारियो शेफर्ड 34 रन बनाकर नाबाद रहे। होप को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने कहा कि शुरुआती विकेट गिरने के बाद साझेदारी बनने से टीम को लक्ष्य हासिल करने का भरोसा मिला।
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गंभीर बोले- गेंदबाजों के करियर दांव पर:फ्लैट पिच पर बैट-बॉल में बराबरी जरूरी; 249 रन बनाकर भी हारा भारत