न्यूजीलैंड से जीत को कभी तरसता था भारत:पहली जीत में 10 साल लगे; अब लगातार तीसरी टी-20 सीरीज जीतने का मौका




2007 में भारत ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। टूर्नामेंट में टीम को सिर्फ एक हार मिली और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ थी। इसके बाद भी भारत को इस टीम के खिलाफ पहली जीत हासिल करने में 10 साल लग गए। अब तस्वीर बदल चुकी है। 2020 से भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार पांच द्विपक्षीय टी-20 सीरीज जीत चुका है। इनमें तीन सीरीज भारत में और दो न्यूजीलैंड में खेली गईं। 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड में पांच मैचों की सीरीज शुरू होगी। यह बदलाव कैसे आया, न्यूजीलैंड में खेलना भारत के लिए अलग चुनौती क्यों है और इस बार कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने क्या सवाल होंगे? इसे 5 फैक्ट में समझते हैं… 1. पहली जीत 53 रन से मिली भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी-20 मुकाबला 2007 में जोहान्सबर्ग में हुआ था। भारत को इसमें 10 रन से हार मिली। 2009 के न्यूजीलैंड दौरे पर भी टीम इंडिया दोनों मैच गंवा बैठी। 2012 में चेन्नई में जीत करीब आई, लेकिन भारतीय टीम एक रन से चूक गई। 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप में नागपुर में घरेलू मैदान पर खेलते हुए भी भारत 47 रन से हार गया। लगातार नाकामियों के बाद भारत ने 1 नवंबर 2017 को दिल्ली में पहली बार न्यूजीलैंड को हराया। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने 80-80 रन की पारियां खेलीं, जिससे मेजबान टीम ने 20 ओवर में 202/3 का स्कोर बनाया। जवाब में कीवी टीम 149/8 तक ही पहुंच सकी। भारत ने 53 रन से मुकाबला जीत लिया। 2. 2020 से भारत का दबदबा, लगातार 5 सीरीज जीतीं भारत की तस्वीर 2020 में बदली। न्यूजीलैंड दौरे पर पांच मैचों की सीरीज में भारतीय टीम ने सभी मुकाबले जीते। इनमें दो मैच निर्धारित 20 ओवरों के बाद टाई हुए थे, लेकिन दोनों बार भारत ने सुपर ओवर में जीत दर्ज की। सुपर ओवर वह अतिरिक्त ओवर होता है, जिसमें टाई मैच का फैसला करने के लिए दोनों टीमों को एक-एक ओवर खेलने का मौका मिलता है। इसके बाद 2021 में न्यूजीलैंड भारत दौरे पर आया। भारतीय टीम ने तीनों मैच जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। 2022-23 में भारत ने न्यूजीलैंड में फिर सीरीज जीती। पहले मैच में बारिश के कारण खेल नहीं हो सका। दूसरे में सूर्यकुमार यादव के नाबाद 111 रन की मदद से भारत ने 65 रन से जीत दर्ज की। तीसरा मैच बारिश से प्रभावित हुआ और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम के तहत टाई रहा। यह नियम बारिश के कारण ओवर कम होने पर दोनों टीमों के लक्ष्य की तुलना करने के लिए इस्तेमाल होता है। 3. न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत 2019 में मिली न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत के लिए टीम को फरवरी 2019 तक इंतजार करना पड़ा। ऑकलैंड में खेले गए दूसरे मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराया। हालांकि, तीन मैचों की सीरीज न्यूजीलैंड ने 2-1 से जीती थी। न्यूजीलैंड में खेलना आसान नहीं है। इसकी वजह वहां की परिस्थितियां हैं। कुछ मैदानों पर नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हवा में स्विंग और पिच से उछाल मिल सकता है। मैदान की बाउंड्री भी हर दिशा में एक जैसी नहीं होती, इसलिए बल्लेबाजों को यह समझना होता है कि किस दिशा में शॉट खेलना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। 4. 2026 में वर्ल्ड कप फाइनल में हराया भारत ने इस साल टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भी न्यूजीलैंड को हराया था। 8 मार्च को अहमदाबाद में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255/5 रन बनाए। संजू सैमसन ने 46 गेंदों पर 89 रन, ईशान किशन ने 25 गेंदों पर 54 रन और अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों पर 52 रन बनाए। भारत ने पारी के पहले छह ओवर यानी पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 92 रन जोड़ दिए। इसका मतलब था कि टीम ने शुरुआत से ही तेज रन बनाए और कोई विकेट भी नहीं खोया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर ऑलआउट हो गई। जसप्रीत बुमराह ने 15 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल को तीन विकेट मिले। 5. श्रेयस की कप्तानी और भुवनेश्वर की वापसी पर नजर इस सीरीज में भारत की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे और न्यूजीलैंड की टीम मिचेल सैंटनर की अगुआई में उतरेगी। अय्यर के लिए यह सीरीज सिर्फ जीत का सिलसिला आगे बढ़ाने का मौका नहीं है, बल्कि विदेशी परिस्थितियों में रणनीतिक फैसले लेने की परीक्षा भी होगी। कप्तान को मैच के दौरान कई फैसले लेने होते हैं। शुरुआत में किस बल्लेबाज को भेजना है, किस गेंदबाज को किस समय गेंद देनी है और आखिरी ओवरों में रन तेजी से बनाने के लिए कितने विकेट बचाने हैं। अय्यर की कप्तानी में भारत का विदेश में रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। टीम को आयरलैंड ने पहली बार हराया था। इसके बाद इंग्लैंड से भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी भारत के लिए अहम होगी। उन्होंने आखिरी मैच नवंबर 2022 में खेला था। नई गेंद से गेंद को हवा में घुमाना उनकी खासियत रही है।



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