नई दिल्ली6 मिनट पहले
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केंद्र सरकार ने देश में 100% इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल से चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल्स (E100) के लिए नियम जारी कर दिए हैं। सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स में बदलाव करते हुए सरकार ने E100 फ्यूल को मंजूरी दी है।
यह फैसला कुछ कार कंपनियों के अपनी E100 कारों को बाजार में पेश करने से ठीक पहले आया है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, मोटर व्हीकल्स रूल्स में नए बदलाव के तहत एमिशन प्रोविजन में E85 फ्यूल के साथ E100 को भी शामिल कर दिया गया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि E85 और E100 फ्यूल का यूज सिर्फ उन स्पेशल व्हीकल्स में ही किया जा सकता है जो इसके लिए खास तौर पर डिजाइन और सर्टिफाइड किए गए हों। सामान्य गाड़ियों में इसका इस्तेमाल नहीं हो सकेगा।
मौजूदा कार मालिकों पर कोई असर नहीं
सरकारी बयान में यह साफ किया गया है कि E20 पेट्रोल या सामान्य फ्यूल पर चलने वाली गाड़ियां E85 या E100 फ्यूल पर नहीं चल सकती हैं।
इस नए नोटिफिकेशन से मौजूदा वाहन मालिकों को अपनी कारों में E85 या E100 फ्यूल पर शिफ्ट होने या किसी भी तरह के मॉडिफिकेशन करने की जरूरत नहीं होगी।
यह वर्तमान और भविष्य दोनों समय के लिए पूरी तरह से अल्टरनेटिव अरेंजमेंट यानी वैकल्पिक व्यवस्था है।
सिंगल टैंक में काम करती है तकनीक
- अधिकारियों ने बताया कि फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक का इस्तेमाल अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों में बड़े स्तर पर किया जा रहा है।
- ये गाड़ियां खास डिजाइन की होती हैं, जो एक ही फ्यूल टैंक में अलग-अलग रेश्यो के इथेनॉल और पेट्रोल मिक्स पर आसानी से चल सकती हैं।
- व्हीकल की डिजाइन और सर्टिफिकेशन के आधार पर इथेनॉल की यह रेंज E85 से E100 तक हो सकती है।
पॉल्यूशन और ऑयल इंपोर्ट में आएगी कमी
ट्रेडिशनल पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल का फॉसिल कार्बन फुटप्रिंट काफी कम होता है। ज्यादा मात्रा में इथेनॉल मिक्स के इस्तेमाल से गाड़ियों के एग्जॉस्ट से निकलने वाले कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और कुछ हाइड्रोकार्बन एमिशन को घटाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, इथेनॉल का ज्यादा इस्तेमाल देश की कच्चे तेल के इंपोर्ट पर निर्भरता को भी काफी हद तक कम करेगा।
क्या होता है E100 फ्यूल?
E100 का मतलब 100% शुद्ध इथेनॉल फ्यूल है। इथेनॉल मुख्य रूप से पौधों और बायोलॉजिकल सोर्स जैसे- गन्ना, मक्का से तैयार किया जाने वाला बायोफ्यूल है।
किन्हें इस्तेमाल करना चाहिए?
E85 और E100 केवल उन्हीं नई गाड़ियों के लिए है जो ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स यानी OEM द्वारा इसके लिए खास तौर पर डिजाइन और सर्टिफाइड की जाएंगी। पुरानी या सामान्य E20 गाड़ियों में इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
