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Aishwarya Rai Birthday | Bollywood To Hollywood Career Journey Analysis


15 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

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ऐश्वर्या का करियर मॉडलिंग से शुरू होकर मिस वर्ल्ड, बॉलीवुड, अंतरराष्ट्रीय सिनेमा और कान्स जैसे वैश्विक मंचों तक पहुंचा है।
 - Dainik Bhaskar

ऐश्वर्या का करियर मॉडलिंग से शुरू होकर मिस वर्ल्ड, बॉलीवुड, अंतरराष्ट्रीय सिनेमा और कान्स जैसे वैश्विक मंचों तक पहुंचा है।

ऐश्वर्या राय बच्चन आज अपना 53वां जन्मदिन मना रही हैं। मिस वर्ल्ड 1994 का खिताब जीतने से पहले ही उन्हें फिल्मों के ऑफर मिले थे, लेकिन उन्होंने पढ़ाई और मिस इंडिया प्रतियोगिता को प्राथमिकता दी। इसके बाद उन्होंने तमिल और हिंदी फिल्मों से करियर शुरू किया। ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘ताल’ और ‘देवदास’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में शामिल किया।

वहीं, ‘ब्राइड एंड प्रेजुडिस’, ‘द मिस्ट्रेस ऑफ स्पाइसेज’, ‘प्रोवोक्ड’, ‘द लास्ट लीजन’ और ‘द पिंक पैंथर 2’ जैसी अंग्रेजी फिल्मों से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। उन्हें ‘ट्रॉय’, ‘रश ऑवर’ और विल स्मिथ की कुछ फिल्मों के ऑफर भी मिले, लेकिन व्यस्त शेड्यूल के कारण उन्होंने ये फिल्में नहीं कीं।

एक दौर में कान्स से हॉलीवुड तक चर्चा में रहने वाली ऐश्वर्या के करियर में अब फिल्मों की संख्या काफी कम हो गई है। सवाल है कि क्या बॉलीवुड में उनके लिए पहले जैसी दमदार भूमिकाएं नहीं रहीं या उन्होंने खुद अपनी रफ्तार धीमी कर दी।

आज ऐश्वर्या राय बच्चन के 53वें जन्मदिन पर जानिए कि क्या बॉलीवुड में उनके लिए पहले जैसी दमदार भूमिकाएं नहीं रहीं या उन्होंने खुद अपनी रफ्तार धीमी कर दी।

मिस वर्ल्ड बनने से पहले ही मिले थे चार फिल्मों के ऑफर

ऐश्वर्या राय बच्चन का फिल्मी सफर मिस वर्ल्ड का ताज जीतने के बाद शुरू नहीं हुआ था। फिल्मों में आने से पहले ही वह मॉडलिंग की दुनिया में पहचान बना चुकी थीं। 1991 में उन्होंने फोर्ड सुपरमॉडल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसके बाद वह कई बड़े ब्रांड के विज्ञापनों और फैशन मैगजीन में नजर आईं।

1990 के दशक की शुरुआत में ही उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलने लगे थे। 2012 में वोग इंडिया को दिए इंटरव्यू में ऐश्वर्या ने बताया था कि मिस इंडिया और मिस वर्ल्ड प्रतियोगिताओं में शामिल होने से पहले उन्हें कम से कम चार फिल्मों के प्रस्ताव मिल चुके थे।

ऐश्वर्या ने बताया था कि उस समय उन्होंने फिल्मों में आने के बजाय मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का फैसला किया। वह कुछ समय फिल्म इंडस्ट्री से दूर रहकर करियर के दूसरे विकल्प देखना चाहती थीं।

उन्होंने बताया था कि अगर वह मिस इंडिया प्रतियोगिता में शामिल नहीं होतीं, तो आमिर खान के साथ ‘राजा हिंदुस्तानी’ उनकी पहली फिल्म हो सकती थी। 1996 में आई इस फिल्म में बाद में करिश्मा कपूर नजर आईं।

ऐश्वर्या के मुताबिक, वह पढ़ाई बीच में छोड़कर फिल्मों में नहीं आना चाहती थीं। उन्हें लगता था कि उनके फैसले का असर उन युवाओं पर पड़ सकता था, जो उन्हें अपना आदर्श मानते थे। वह नहीं चाहती थीं कि उनकी सफलता देखकर लोग पढ़ाई छोड़कर सीधे ग्लैमर की दुनिया में आने का फैसला करें।

19 नवंबर 1994 को ऐश्वर्या ने मिस वर्ल्ड का ताज जीता।

19 नवंबर 1994 को ऐश्वर्या ने मिस वर्ल्ड का ताज जीता।

1994 में मिस वर्ल्ड बनीं, दुनिया भर में पहचान मिली

ऐश्वर्या राय ने जनवरी 1994 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। वह इस प्रतियोगिता में सुष्मिता सेन के बाद दूसरे स्थान पर रही थीं। नवंबर में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के सन सिटी में आयोजित मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

इस प्रतियोगिता में 86 देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। ऐश्वर्या ने मिस वर्ल्ड 1994 का खिताब जीता। वह रीता फारिया के बाद मिस वर्ल्ड बनने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं।

फाइनल में उनसे पूछा गया था कि उनके मुताबिक मिस वर्ल्ड में कौन-से गुण होने चाहिए। ऐश्वर्या ने जवाब में करुणा, जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और राष्ट्रीयता, रंग तथा सामाजिक हैसियत से ऊपर उठकर इंसान को देखने की बात कही थी।

इस जवाब से भी उन्हें दुनिया भर में पहचान मिली। मिस वर्ल्ड बनने के बाद उनका जीवन बदल गया। उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। फैशन शो, मीडिया इंटरव्यू, सामाजिक कार्यक्रमों और दुनियाभर की यात्राओं से उनकी पहचान भारतीय मॉडल से अंतरराष्ट्रीय सेलिब्रिटी के रूप में बनने लगी।

मिस वर्ल्ड संगठन के मुताबिक, ऐश्वर्या ने अपने कार्यकाल में कई देशों का दौरा किया और सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस अनुभव से उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत हुई।

1997 में फिल्मों में एंट्री, पहली फिल्म से मिली तारीफ

मिस वर्ल्ड बनने के बाद ऐश्वर्या ने तुरंत बॉलीवुड में कदम नहीं रखा। 1997 में उन्होंने मणिरत्नम की तमिल फिल्म ‘इरुवर’ से एक्टिंग डेब्यू किया। इसमें उनके साथ मोहनलाल और प्रकाश राज थे। फिल्म को समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली।

इसी साल उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘और प्यार हो गया’ रिलीज हुई। इसमें वह बॉबी देओल के साथ नजर आईं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई, लेकिन ऐश्वर्या की खूबसूरती और स्क्रीन प्रेजेंस की चर्चा होने लगी।

1998 में तमिल फिल्म ‘जीन्स’ से उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा में पहचान मिली। इसके बाद वह ऋषि कपूर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘आ अब लौट चले’ में अक्षय खन्ना के अपोजिट नजर आईं। हालांकि यह फिल्म सफल नहीं रही। 1999 में संजय लीला भंसाली की ‘हम दिल दे चुके सनम’ उनके करियर की बड़ी फिल्म साबित हुई।

इसी साल उन्होंने सुभाष घई की फिल्म ‘ताल’ में काम किया। फिल्म के गानों और ऐश्वर्या की स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। ‘हम दिल दे चुके सनम’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला।

2000 में वह ‘मोहब्बतें’, ‘जोश’ और ‘हमारा दिल आपके पास है’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। इन फिल्मों से साफ हुआ कि ऐश्वर्या खूबसूरती के साथ-साथ अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर भी अपनी जगह बना सकती हैं।

ऐश्वर्या के करियर की अहम फिल्मों में संजय लीला भंसाली की 'देवदास' शामिल है।

ऐश्वर्या के करियर की अहम फिल्मों में संजय लीला भंसाली की ‘देवदास’ शामिल है।

‘देवदास’ ने पहुंचाया कान्स तक, बनीं अंतरराष्ट्रीय पहचान वाली अभिनेत्री

ऐश्वर्या के करियर की अहम फिल्मों में संजय लीला भंसाली की ‘देवदास’ शामिल है। 2002 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने पारो का किरदार निभाया था। शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित के साथ उनकी मौजूदगी दर्शकों और समीक्षकों को पसंद आई।

फिल्म 2002 के कान्स फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित हुई थी। इसके बाद ऐश्वर्या की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत हुई।

2003 में वह कान्स फिल्म फेस्टिवल की जूरी में शामिल होने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बनीं। यह भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी उपलब्धि थी। अब उनकी पहचान सिर्फ बॉलीवुड अभिनेत्री तक सीमित नहीं थी। वह अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों, फैशन इवेंट्स और ग्लोबल ब्रांड्स के बीच पहचानी जाने लगी थीं।

2004 में उन्हें टाइम मैगजीन की दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में जगह मिली। इसी दौर में यूरोप और अमेरिका में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।

‘ब्राइड एंड प्रेजुडिस’ से शुरू हुआ अंग्रेजी फिल्मों का सफर

ऐश्वर्या ने अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में काम करने का फैसला सिर्फ हॉलीवुड में जगह बनाने के लिए नहीं किया था। वह अलग-अलग भाषाओं और देशों के सिनेमा में काम करना चाहती थीं।

2004 में गुरिंदर चड्ढा की अंग्रेजी फिल्म ‘ब्राइड एंड प्रेजुडिस’ रिलीज हुई। यह जेन ऑस्टिन के मशहूर उपन्यास ‘प्राइड एंड प्रेजुडिस’ की भारतीय पृष्ठभूमि पर आधारित आधुनिक प्रस्तुति थी। इसमें ऐश्वर्या ने ललिता बख्शी का किरदार निभाया था।

फिल्म में भारतीय संगीत, डांस और पश्चिमी कहानी का मिश्रण था। इसके जरिए ऐश्वर्या ब्रिटेन और अमेरिका के दर्शकों तक पहुंचीं।

2005 में वह ‘द मिस्ट्रेस ऑफ स्पाइसेज’ में नजर आईं। यह फिल्म चित्रा बनर्जी दिवाकरुणी के उपन्यास पर आधारित थी। इसमें उन्होंने तिलो नाम की महिला का किरदार निभाया, जो मसालों के जरिए लोगों की समस्याएं समझने और उनकी मदद करने की कोशिश करती है।

2006 में उनकी अंग्रेजी फिल्म ‘प्रोवोक्ड: ए ट्रू स्टोरी’ रिलीज हुई। यह किरणजीत अहलूवालिया की वास्तविक जिंदगी से प्रेरित थी। इसमें ऐश्वर्या ने घरेलू हिंसा का सामना करने वाली महिला का किरदार निभाया था। यह उनके करियर के गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदारों में से एक था।

2007 में ‘द लास्ट लीजन’ में उन्होंने ब्रिटिश और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ काम किया। इसमें कॉलिन फर्थ और बेन किंग्सले भी थे।

2009 में वह हॉलीवुड की मशहूर कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘द पिंक पैंथर 2’ में नजर आईं। इसमें स्टीव मार्टिन, जीन रेनो और एंडी गार्सिया भी थे।

इन फिल्मों से ऐश्वर्या ने अंग्रेजी सिनेमा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। सभी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर एक जैसी सफलता नहीं मिली, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान बढ़ी।

‘ट्रॉय’ से ‘रश ऑवर’ तक हॉलीवुड के बड़े प्रोजेक्ट ठुकराए

ऐश्वर्या के अंतरराष्ट्रीय करियर की दिलचस्प बात यह है कि उन्हें कई बड़े हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स के प्रस्ताव मिले थे, लेकिन वह इनका हिस्सा नहीं बन सकीं।

2009 में ‘द नेशनल’ को दिए इंटरव्यू में ऐश्वर्या ने बताया था कि निर्देशक ब्रेट रैटनर ने ‘रश ऑवर’ फ्रेंचाइजी में काम करने के लिए उनसे दो बार संपर्क किया था। ब्रैड पिट की फिल्म ‘ट्रॉय’ में हेलेन के किरदार के लिए भी उनका नाम चर्चा में था।

उन्होंने बताया था कि माइकल डगलस भारत आकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार कर चुके थे कि वह उनके पास एक फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर आए थे। विल स्मिथ ने भी ‘हैनकॉक’ और ‘सेवन पाउंड्स’ के लिए उनसे दो बार संपर्क किया था।

ऐश्वर्या ने इन फिल्मों को ठुकराने की वजह हॉलीवुड के प्रति अनिच्छा नहीं बताई। उनका कहना था कि भारत में फिल्मों की व्यस्तता के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता था।

उन्होंने समझाया था कि भारतीय सिनेमा में लगातार काम करने वाले कलाकार का शेड्यूल कई साल पहले तक तय हो सकता है। ऐसे में विदेशी फिल्मों की शूटिंग के लिए समय निकालना आसान नहीं होता।

इससे समझ आता है कि ऐश्वर्या ने अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिए बॉलीवुड छोड़ने की कोशिश नहीं की। वह दोनों जगह अपनी पसंद और उपलब्ध समय के मुताबिक काम करना चाहती थीं।

बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में भी रहीं शामिल

अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में काम करने के बावजूद ऐश्वर्या भारतीय सिनेमा से जुड़ी रहीं। 2006 में ऋतिक रोशन के साथ ‘धूम 2’ में उनका ग्लैमरस अंदाज दर्शकों को पसंद आया। फिल्म बड़ी व्यावसायिक सफलता साबित हुई।

2007 में मणिरत्नम की ‘गुरु’ में अभिषेक बच्चन के साथ उनकी जोड़ी पसंद की गई। इसी साल दोनों ने शादी की।

2008 में आई ‘जोधा अकबर’ में उन्होंने जोधा बाई का किरदार निभाया। ऋतिक रोशन के साथ उनकी जोड़ी और फिल्म के भव्य सेट्स की चर्चा हुई। 2010 में उन्होंने ‘रावण’, ‘रोबोट’ और ‘गुजारिश’ जैसी फिल्मों में काम किया।

संजय लीला भंसाली की ‘गुजारिश’ में उनके अभिनय की खास तौर पर तारीफ हुई। इसमें उन्होंने गंभीर दुर्घटना के बाद लकवाग्रस्त हुए व्यक्ति की नर्स का किरदार निभाया था।

इन फिल्मों से साफ था कि ऐश्वर्या सिर्फ ग्लैमरस भूमिकाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती थीं। वह ऐतिहासिक, रोमांटिक, सामाजिक और गंभीर किरदारों में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी थीं।

बेटी के जन्म के बाद बदली प्राथमिकताएं, फिल्मों से लंबा ब्रेक लिया

2011 में ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन के घर बेटी आराध्या का जन्म हुआ। इसके बाद ऐश्वर्या ने फिल्मों से लंबा ब्रेक लिया। उन्होंने इसे करियर से दूरी बनाने के बजाय अपनी प्राथमिकताओं के मुताबिक लिया गया फैसला बताया।

2010 में ‘गुजारिश’ के बाद वह करीब पांच साल तक किसी नई फिल्म में नजर नहीं आईं। 2015 में संजय गुप्ता की ‘जज्बा’ से उन्होंने वापसी की। इसमें वह ऐसी वकील की भूमिका में थीं, जिसकी बेटी का अपहरण हो जाता है।

2016 में वह ‘सरबजीत’ में नजर आईं। इसमें उन्होंने सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर का किरदार निभाया था। इसी साल करण जौहर की ‘ऐ दिल है मुश्किल’ में उन्होंने सबा नाम की शायरा की भूमिका निभाई। रणबीर कपूर के साथ उनके दृश्यों की खूब चर्चा हुई।

2018 में उन्होंने अनिल कपूर और राजकुमार राव के साथ ‘फन्ने खां’ में काम किया। इसके बाद हिंदी फिल्मों में उनकी सक्रियता फिर कम हो गई।

ऐश्वर्या ने अपने करियर में हर साल कई फिल्में करने की नीति नहीं अपनाई। 2003 में टाइम मैगजीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह धीरे-धीरे कम फिल्में करना चाहती थीं, ताकि अपनी भूमिकाओं और फिल्म निर्माण की प्रक्रिया पर ज्यादा ध्यान दे सकें।

2022 में कान्स के दौरान उन्होंने खुद को करियर की शुरुआत से ही ‘प्रोवर्बियल टॉरटॉइज’ यानी धीमी लेकिन लगातार चलने वाला कछुआ बताया था। उनका कहना था कि वह काम की रफ्तार खुद तय करती हैं और हर साल रिलीज होने वाली फिल्मों की संख्या को सफल करियर का पैमाना नहीं मानतीं।

क्या बॉलीवुड ने ऐश्वर्या को साइडलाइन किया?

ऐश्वर्या के करियर को लेकर सवाल है कि एक समय बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाने वाली अभिनेत्री को अब पहले की तरह फिल्में क्यों नहीं मिल रही हैं?

इस सवाल पर ऐश्वर्या ने 2023 में जवाब दिया था। कान्स फिल्म फेस्टिवल में उनसे पूछा गया कि हिंदी सिनेमा उन्हें ‘पोन्नियिन सेल्वन’ जैसे गहराई वाले किरदार क्यों नहीं दे रहा है।

इसके जवाब में उन्होंने कहा था, ‘यह एक ऐसा खामोश सवाल है, जो मुझे लगता है कि सभी क्रिएटिव लोग खुद से पूछते हैं।’

उन्होंने कहा था कि ऐसे निर्देशक भी हैं, जो महिला कलाकारों के लिए जटिल और प्रभावशाली किरदार लिखते हैं। मणिरत्नम जैसे निर्देशकों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उनके साथ काम करना कलाकारों के लिए संतुष्टि देने वाला अनुभव है।

ऐश्वर्या का यह बयान उनके करियर के मौजूदा दौर को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाए हुए हैं, लेकिन हिंदी सिनेमा में लंबे समय से किसी बड़ी फिल्म फ्रेंचाइजी या मुख्य भूमिका में नजर नहीं आई हैं।

यह कहना सही नहीं होगा कि बॉलीवुड ने उन्हें पूरी तरह साइडलाइन कर दिया है। फिल्मों के बीच लंबे अंतराल की एक वजह उनकी अपनी प्राथमिकताएं और कार्यशैली भी रही है। लेकिन 2023 के उनके बयान से पता चलता है कि महिला कलाकारों को उम्र और करियर के अलग-अलग पड़ाव पर चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं मिलने का मुद्दा उनके लिए महत्वपूर्ण है।

पोन्नियिन सेल्वन में ऐश्वर्या ने नंदिनी का किरदार निभाया था।

पोन्नियिन सेल्वन में ऐश्वर्या ने नंदिनी का किरदार निभाया था।

‘पोन्नियिन सेल्वन’ में नंदिनी बनकर फिर साबित की अपनी अभिनय क्षमता

हिंदी फिल्मों से दूरी के बीच ऐश्वर्या ने दक्षिण भारतीय सिनेमा में वापसी की। 2022 में मणिरत्नम की फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्वन: पार्ट 1’ रिलीज हुई। इसमें उन्होंने नंदिनी का किरदार निभाया।

यह ऐतिहासिक कहानी चोल साम्राज्य की राजनीति, सत्ता संघर्ष और षड्यंत्रों पर आधारित थी। ऐश्वर्या का किरदार नंदिनी कहानी के महत्वपूर्ण किरदारों में से एक था।

2023 में फिल्म का दूसरा हिस्सा ‘पोन्नियिन सेल्वन: पार्ट 2’ रिलीज हुआ। इसमें ऐश्वर्या ने नंदिनी के साथ मंदाकिनी देवी का किरदार भी निभाया। दोनों भूमिकाओं से उन्होंने साबित किया कि वह खूबसूरती और ग्लैमर के साथ जटिल किरदार निभाने की क्षमता भी रखती हैं।

इस फिल्म के लिए उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा में सराहना मिली। 2024 में आईफा उत्सवम में ‘पोन्नियिन सेल्वन: पार्ट 2’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार मिला।

यह वापसी बताती है कि ऐश्वर्या आज भी दर्शकों को आकर्षित कर सकती हैं। जरूरत ऐसे किरदारों और निर्देशकों की है, जो उनकी अभिनय क्षमता का पूरा इस्तेमाल कर सकें।

कान्स में दो दशक से ज्यादा समय से कायम है ऐश्वर्या का जलवा

ऐश्वर्या की ग्लोबल पहचान का बड़ा हिस्सा कान्स फिल्म फेस्टिवल से जुड़ा है। उन्होंने 2002 में ‘देवदास’ के साथ कान्स में मौजूदगी दर्ज कराई थी। 2003 में वह फेस्टिवल की जूरी में शामिल हुईं।

इसके बाद से वह कान्स के रेड कार्पेट पर भारत का प्रतिनिधित्व करती रही हैं। उनके कपड़ों, लुक और रेड कार्पेट अपीयरेंस की अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा होती रही है।

वह बड़े फैशन ब्रांड्स और अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स में नजर आती रही हैं। लोरियल पेरिस के साथ उनका जुड़ाव उनकी ग्लोबल ब्रांड पहचान का अहम हिस्सा है।

2009 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। 2012 में फ्रांस सरकार ने उन्हें ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स सम्मान दिया।

ऐश्वर्या की पहचान फिल्मों तक सीमित नहीं रही। वह भारतीय सिनेमा, फैशन, सौंदर्य और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हो चुकी हैं।

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