कराकस, वेनेजुएला8 मिनट पहले
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दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में रविवार को फिर 5.6 तीव्रता का भूकंप आया। यूरो-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक भूकंप का केंद्र अरागुआ तट के पास समुद्र में 30 किलोमीटर की गहराई में था।
यह भूकंप 24 जून को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद शनिवार को 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था। वेनेजुएला में अब तक 1430 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही 3300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के 72 घंटे बाद करीब 68,900 लोग अब भी लापता हैं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भूकंप के बाद शुरू के 48 से 72 घंटे ही सबसे जरूरी होते है। इस समय लोगों को बचाने की उम्मीद ज्यादा रहती है।
कई इलाकों में राहत टीमों की कमी के कारण लोग परिजन को ढूंढने के लिए खुद मलबा हटा रहे हैं। कई परिवार हथौड़ों और दूसरे औजारों से इमारतों का मलबा हटाकर अपने परिजन की तलाश कर रहे हैं।
मैप में देखें, 24 जून को आए भूकंप की लोकेशन…

भूकंप से जुड़ी 5 तस्वीरें…

सरकारी बिजली कंपनी कॉर्पोएलेक का एक कर्मचारी भूकंप से प्रभावित इमारतों के बाहर तारों की जांच कर रहा है।

भूकंप के बाद लोगों के घर क्षतिग्रस्त हो गए है और इमारतें ढह गई हैं।

लोग सड़कों और पार्क में टेंट लगा कर रहने को मजबूर हैं।

सरकारी अधिकारी भूकंप से प्रभावित लोगों के लिए ट्रकों से मदद पहुंचा रहे हैं।

कराकस में भूकंप से प्रभावित इमारतों को देखता मेयर कार्यालय का एक कर्मचारी।
वेनेजुएला के लिए भारत ने चलाया ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’
भारत ने शुक्रवार को वेनेजुएला की मदद के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। ‘अमिस्ताद’ एक स्पेनिश शब्द है जिसका मतलब ‘दोस्ती’ होता है। वेनेजुएला की आधिकारिक भाषा स्पेनिश ही है। इस ऑपरेशन का मकसद भूकंप प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द मदद पहुंचाना और घायलों का इलाज कराना है।
भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमानों के जरिए करीब 35 टन राहत सामग्री भेजी गई है। इसमें जरूरी दवाइयां, मेडिकल इक्विपमेंट और राहत सामग्री शामिल हैं, जिनसे कम समय में अस्थायी इलाज सुविधाएं तैयार की जा सकती हैं।
भारत ने 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल यूनिट की 41 सदस्यीय मेडिकल टीम भी वेनेजुएला भेजी है। इसमें डॉक्टर, नर्स और मेडिकल एक्सपर्ट शामिल हैं। यह टीम वहां घायलों का इलाज करेगी और जरूरत पड़ने पर अस्थायी अस्पताल भी बनाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को तुरंत इलाज मिल सके।

भारत ने वेनेजुएला ने राहत सामग्री भेजी है।
दुनिया के कई देशों से पहुंची राहत टीमें
वेनेजुएला सरकार के अनुसार, अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, स्विट्जरलैंड समेत कई देशों के 861 बचावकर्मी राहत कार्य में जुटे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी 25 अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों के करीब 1000 आपातकर्मी भेजने की घोषणा की है।
रेस्क्यू के लिए भारी मशीनें, दमकलकर्मी और आपातकालीन टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। अमेरिका ने भी भूकंप राहत कार्य के लिए वेनेजुएला पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया है।
एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत पहुंचाने में मुश्किल
इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी (IRC) की चीफ एलिनोर रेक्स ने बताया कि देश का मुख्य एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त होने से बड़े पैमाने पर मदद पहुंचाने में दिक्कत हो रही है।
उन्होंने कहा कि IRC के पास पड़ोसी देश कोलंबिया में राहत सामग्री मौजूद है, लेकिन उसे वेनेजुएला तक पहुंचाने के लिए एयरपोर्ट तक पहुंच जरूरी है, जो एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
आने वाले दिनों में IRC की टीमें प्रभावित लोगों तक भोजन, पीने का पानी, अस्थायी आश्रय और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जरूरी दवाइयां व चिकित्सा सामग्री पहुंचाने पर ध्यान देंगी।
वेनेजुएला में भूकंप के बाद कई सेवाएं बंद
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, भूकंप से वेनेजुएला में करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के घर ढह गए हैं। वे सड़कों या अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

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वेनेजुएला में भूकंप के बाद हालात बदतर हैं। दो दिन बाद भी मलबे से फंसे लोगों और शवों को निकाला जा रहा है। शुक्रवार को 18 दिन के बच्चे को उसके मां के साथ सुरक्षित निकाला गया।
लोग सड़कों पर रहने को मजबूर हैं। घायलों का इलाज सड़क पर किया जा रहा है। 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप बुधवार को आए थे। इनमें अब तक 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा तबाही काराकस और ला गुआइरा शहरों में हुई है। पूरी खबर देखें…
