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पाकिस्तान का दावा- अफगानिस्तान के तीन ठिकानों पर हमले किए:TTP कमांडर समेत 29 आतंकी मारे; एक दिन पहले कराची में आतंकी हमला हुआ था




पाकिस्तान ने रविवार रात को अफगानिस्तान सीमा से लगे इलाकों में 29 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया है। पाकिस्तान के मुताबिक, पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में जमीनी ऑपरेशन किया गया। इसके बाद सीमा पार अफगानिस्तान के भीतर तीन आतंकियों के ठिकानों पर हमले किए गए। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने X पर लिखा- यह ऑपरेशन देश में हाल के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया। इसमें जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया गया। TTP का कमांडर खान फरोश भी मारा गया। बाजौर में 4, अफगानिस्तान में 25 आतंकी मारे अताउल्लाह तरार ने बताया कि बाजौर जिले में खुफिया जानकारी मिलने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें खान फरोश समेत चार आतंकी मारे गए। बाजौर, खैबर पख्तूनख्वा का अफगानिस्तान से लगा जिला है। इसके बाद अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में तीन अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए गए। वहां 25 आतंकी मारे गए। इन ठिकानों पर रखा हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट कर दिया गया। एक दिन पहले कराची में हमला हुआ था शनिवार को कराची में सिंध रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में चार रेंजर्स जवान मारे गए थे। पाकिस्तान के मुताबिक, जवाबी फायरिंग में छह हमलावर मारे गए। एक घायल हमलावर को गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तान ने उसे अफगान नागरिक बताया है। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान तालिबान से अलग हुए संगठन जमात-उल-अहरार ने ली थी। पाकिस्तान का कहना है कि ताजा ऑपरेशन में इसी संगठन और TTP के ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान बोला- नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे अताउल्लाह तरार ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना चाहता है, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान पिछले साल से अफगान सीमा और उसके भीतर कई बार हमले कर चुका है। उसका कहना है कि इन हमलों का निशाना TTP और दूसरे आतंकी संगठनों के ठिकाने रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP के आतंकियों को पनाह देती है। काबुल इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए।



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