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RBI Polymer Notes Trial | New Delhi Launch Update 2027


नई दिल्ली40 मिनट पहले

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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जल्द ही देश में प्लास्टिक यानी पॉलीमर से बने नोटों का पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह देश में नए जनरेशन की करेंसी लाने की RBI के प्लान का अगला कदम है।

₹10 और ₹20 के नोटों से शुरू होगा ट्रायल

रिजर्व बैंक शुरुआती फेज में सबसे पहले छोटी वैल्यू के नोटों पर इसकी टेस्टिंग करेगा। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पहला पायलट प्रोजेक्ट ₹10 और ₹20 वैल्यू के छोटे नोटों के साथ शुरू होने की उम्मीद है।

इस ट्रायल के नतीजों और अनुभवों के आधार पर ही RBI आगे का फैसला लेगा। अगर यह टेस्टिंग पूरी तरह सफल रही, तो आरबीआई साल 2027 से देश में इन पॉलीमर नोटों का फुल-स्केल लॉन्च शुरू कर सकता है।

नए नोट के साथ पुराने कागजी नोट भी चलेंगे

भारतीय बाजार में पॉलीमर नोटों के आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट तुरंत चलन से बाहर हो जाएंगे। RBI ने साफ किया है कि नई करेंसी पुराने पेपर नोटों की जगह नहीं लेगी।

  • को-एग्जिस्टेंस: बाजार में पॉलीमर और पेपर दोनों ही तरह के नोट एक साथ चलते रहेंगे।
  • फेज में बदलाव: यह बदलाव धीरे-धीरे और फेज मैनर से किया जाएगा।
  • सर्कुलेशन जारी रहेगा: जब तक नए नोट पूरी तरह स्थापित नहीं होते, तब तक कागजी नोट सर्कुलेशन में बने रहेंगे।

RBI ने जारी किया ग्लोबल टेंडर

इस पूरे प्रोजेक्ट की तैयारियां तब तेज हो गईं, जब आरबीआई की नोट-प्रिंटिंग यूनिट ने ग्लोबल लेवल पर ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) जारी किया। यह टेंडर विशेष प्रकार की ‘पॉलीमर सबस्ट्रेट शीट’ की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई के लिए मंगाया गया है, जिसका इस्तेमाल इन नोटों को छापने के लिए किया जाता है।

डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, दुनिया भर के मैन्युफैक्चरर को एडवांस सेफ्टी फीचर्स से लैस पॉलीमर सबस्ट्रेट की सप्लाई के लिए इनवाइट किया गया है। इस टेंडर के तहत बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त तय की गई है।

नए नोट फटेंगे नहीं, पानी-धूल से भी सुरक्षित रहेंगे

पॉलीमर से बने बैंकनोट ट्रेडिशनल कागजी नोटों की तुलना में बहुत ज्यादा टिकाऊ होते हैं। यह नोट पानी, गंदगी और धूल में भी सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा यह नोट आसानी से फटते भी नहीं हैं। इस वजह से ये बाजार में लंबे समय तक बिना फटे और साफ-सुथरे बने रहते हैं।

पॉलीमर शीट का सबसे बड़ा फायदा यह भी है कि इसमें एडवांस सेफ्टी फीचर्स को आसानी से जोड़ा जा सकता है। इससे नकली नोट बनाने वाले जालसाजों के लिए इनकी नकल करना लगभग नामुमकिन हो जाता है, जिससे देश का सेफ्टी सिस्टम और मजबूत होगा।

दुनिया के कई बड़े देशों में पहले से चल रहे पॉलीमर नोट

पॉलीमर बैंकनोट का इस्तेमाल दुनिया के कई विकसित देशों में बहुत समय से किया जा रहा है। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं।

RBI ने पहले भी देश में चलने वाले नोटों की लाइफ बढ़ाने और उनकी क्वालिटी सुधारने के लिए पॉलीमर नोट लाने की इच्छा जताई थी। अब जल्द शुरू होने वाला यह पायलट प्रोजेक्ट पहला वास्तविक टेस्ट होगा। हालांकि, RBI की ओर से इस पर अब तक कोई ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है।

क्या होते हैं पॉलीमर बैंकनोट?

ये नोट कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं।

क्या होता है एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट?

यह एक तरह का ग्लोबल टेंडर डॉक्यूमेंट होता है, जिसके जरिए रिजर्व बैंक दुनिया भर की अनुभवी और योग्य कंपनियों को प्रोजेक्ट के लिए अपनी क्षमता, तकनीक और कीमतों के साथ प्रस्ताव भेजने का न्योता देता है।

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