![]()
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारंगे पाटील को अपना भाई कहा है। बुधवार रात नागपुर में एक कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा- जारंगे जी मेरे भाई हैं। मैं चाहती हूं वो मेरे घर पर खाना खाने आएं। जारंगे पिछले 13 दिनों से जालना के अंतरवाली सराटी गांव में मराठा समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। जारंगे ओबीसी आरक्षण के साथ हैदराबाद और सातारा गजट के रिकॉर्ड लागू करने और पात्र मराठा लोगों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र देने की भी मांग कर रहे हैं। उनके आंदोलन के बीच CM फडणवीस ने मंगलवार को कहा था KF सरकार संविधान के दायरे में जो भी संभव होगा, वह करेगी। हमने बातचीत के दरवाजे कभी बंद नहीं किए हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि एक समुदाय के हिस्से का आरक्षण लेकर दूसरे समुदाय को नहीं दिया जाएगा। गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर भी बोलीं अमृता अमृता ने नवरात्रि और गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने बुधवार को कहा, “त्योहार सभी को साथ लेकर चलने वाले होते हैं। किसी मुस्लिम व्यक्ति के समारोह में शामिल होने में कुछ गलत नहीं है।” उन्होंने नवरात्रि और गरबा को हिंदू धर्म की झलक लोगों तक पहुंचाने का अच्छा माध्यम बताया और दुनिया को इसकी विशेषताओं से परिचित कराने की बात कही। उनका यह बयान राज्य मंत्री और भाजपा नेता नीतेश राणे के उस रुख के बाद आया है, जिसमें उन्होंने विश्व हिंदू परिषद की गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री रोकने की मांग का समर्थन किया था। VHP ने मुस्लिमों की एंट्री रोकने का ऐलान किया विश्व हिंदू परिषद ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिमों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। नवरात्रि उत्सव 11 अक्टूबर से शुरू होना है। वीएचपी के इस ऐलान के बाद गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
Source link
अमृता फडणवीस बोलीं- जारंगे मेरे भाई, घर आकर खाना खाएं:मराठा आंदोलन के बीच दिया न्योता; गरबा में मुस्लिमों की एंट्री का समर्थन कर चुकीं