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बाल कलाकार से शुरुआत करने वाले कुणाल खेमू ने अभिनय, लेखन और निर्देशन में पहचान बनाई है। अब वह प्राइम वीडियो के पहले डेली रियलिटी शो ‘अलायंस’ को होस्ट कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने शो के फॉर्मेट, होस्टिंग अनुभव, परिवार और करियर से जुड़े सवालों पर बात की। सवाल: पहली बार किसी रियलिटी शो को होस्ट कर रहे हैं। ऐसा क्या था जिसने आपको इसके लिए हामी भरने पर मजबूर किया? जवाब: मुझे यह पसंद आया कि सिर्फ मेरा ही पहला कदम नहीं था। प्राइम वीडियो भी पहली बार डेली रियलिटी शो ला रहा है। यह फॉर्मेट भारत में पहली बार बन रहा है। लगा कि हम सब साथ सीखेंगे। इसमें रियलिटी और चुनौतियां हैं। रिश्ते बनते हैं, टूटते हैं और हर दिन खेल बदलता है। यहां फैसले बाहर से नहीं होते, कंटेस्टेंट्स खुद तय करते हैं। सवाल: बिग बॉस और दूसरे रियलिटी शोज से यह कितना अलग है? जवाब: सबसे बड़ा फर्क इसका फॉर्मेट है। यहां लोग अकेले नहीं, जोड़ियों में आते हैं। चार गठबंधन बनते हैं और खेल उन्हीं के आसपास घूमता है। यहां रसोई या रोजमर्रा की लड़ाइयों से ज्यादा ध्यान रणनीति और रिश्तों पर है। सवाल: अमिताभ बच्चन, सलमान खान, करण जौहर और शिल्पा शेट्टी जैसे बड़े नाम पहले ही होस्टिंग कर चुके हैं। तुलना का दबाव महसूस हुआ? जवाब: मैंने कभी तुलना का दबाव नहीं लिया। अगर कोई बेहतर कर चुका है तो मैं उसे कॉपी क्यों करूं। निर्माताओं ने कहा कि उन्हें मेरी अलग ऊर्जा चाहिए। मैंने सोचा कि भगवान का नाम लेकर शुरुआत करता हूं। मैं पहले खुद जानना चाहता हूं कि मुझे इसमें मजा आता है या नहीं। अगर यह स्वाभाविक नहीं लगा तो मैं अपने पुराने काम पर लौट जाऊंगा। सवाल: असल जिंदगी में आप अकेले चलने वाले इंसान हैं या गठबंधन बनाने में भरोसा रखते हैं? जवाब: जिंदगी का सबसे जरूरी साथ तो मैं बना चुका हूं। हर काम के लिए अलग साथी चाहिए। दौड़ने के लिए धावक, फिल्म के लिए कलाकार और लेखन के लिए अच्छे लेखक चाहिए। मुझे जुनूनी लोगों के साथ काम करना पसंद है। सवाल: अगर शो में दोस्ती, दुश्मनी और धोखा तीनों देखने को मिलें तो आपको सबसे ज्यादा क्या पसंद आएगा? जवाब: रियलिटी शो में हर तरह की भावनाएं जरूरी हैं। सिर्फ हंसी या लड़ाई से मजा नहीं आता। मुझे लोग ज्यादा दिलचस्प लगते हैं। कई बार चुप रहने वाले लोग भी असर छोड़ जाते हैं। पहले ही दिन ऐसी घटनाएं हुईं जिनकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। असली रियलिटी स्क्रिप्ट से अलग होती है। सवाल: अगर फिल्म इंडस्ट्री से किसी को इस शो में कंटेस्टेंट बनाकर बुलाना हो तो किसे बुलाएंगे? जवाब: अभी कहना मुश्किल है। पहले पूरा सीजन देख लूं, तब समझ आएगा कि किस तरह के लोग फिट बैठेंगे। सवाल: अगर सोहा, सैफ और करीना इस शो में आ जाएं तो किसके साथ गठबंधन बनाएंगे और किसे धोखा देंगे? जवाब: ऐसा होने वाला ही नहीं है, इसलिए अभी सोचने का मतलब नहीं। मुझे नहीं पता खेल कैसे आगे बढ़ेगा। मौका आएगा तब देखा जाएगा। सवाल: किसी कंटेस्टेंट को देखकर लगा कि यह तो गोलमाल के किसी किरदार जैसा है? जवाब: अभी तक नहीं। अरमान की ऊर्जा अलग लगी। वह प्यारा और अलग अंदाज का इंसान है। खेल आगे बढ़ने पर असली रंग सामने आएंगे। सवाल: अभिनय, निर्देशन, लेखन, संगीत और अब होस्टिंग। सबसे मुश्किल क्या लगा? जवाब: इस समय सबसे चुनौतीपूर्ण होस्टिंग लग रही है क्योंकि यह मेरे लिए नया अनुभव है। अभिनय और निर्देशन का अनुभव था, लेकिन यहां हर पल कुछ नया सीखना पड़ रहा है। सवाल: इस शो में रणनीति ज्यादा काम आएगी या भावनाएं? जवाब: रणनीति थोड़ी दूर तक साथ देती है, लेकिन लंबे समय में असली स्वभाव सामने आ जाता है। फैसले बाहर के लोग नहीं बल्कि घर के लोग करेंगे। इसलिए असली पहचान ही मायने रखती है। सवाल: कैमरे के सामने ज्यादा मजा आता है या कैमरे के पीछे? जवाब: अभिनय मेरा पहला प्यार है और हमेशा रहेगा। निर्देशन ने मुझे अलग तरह की आजादी दी। निर्देशक के तौर पर आप पूरी टीम से जुड़े रहते हैं। भावनाएं खुलकर सामने आती हैं। वह अनुभव मुझे पसंद आया। सवाल: मडगांव एक्सप्रेस के बाद अब किस पर काम चल रहा है? जवाब: मेरी लिखी और निर्देशित फिल्म ‘वाइब’ 18 सितंबर को रिलीज होगी। ‘मडगांव एक्सप्रेस 2’ की पटकथा तैयार है और उस पर काम चल रहा है। सवाल: ‘गो गोवा गॉन २’ का इंतजार आज भी हो रहा है। उस पर क्या अपडेट है? जवाब: अगर मेरे हाथ में फैसला होता तो दूसरा भाग कब का बन चुका होता। लेकिन अधिकार मेरे पास नहीं हैं। फैसला वही लोग करेंगे जिनके पास अधिकार हैं। सवाल: दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब: हर दिन रात 12 बजे प्राइम वीडियो पर ‘अलायंस’ देखिए। यह नया फॉर्मेट है और उम्मीद है कि दर्शकों को पसंद आएगा।
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कुणाल खेमू बोले- होस्टिंग मेरे लिए नया अनुभव:‘अलायंस’ में रियलिटी, रिश्ते और रणनीति का अनोखा मिश्रण दिखेगा