पटना3 मिनट पहले
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गयाजी के सोमन राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पैरा शॉटपुट में गोल्ड मेडल जीता है। पैरा शॉटपुट इवेंट की F-57 कैटेगरी में सोमन राणा ने बेस्ट थ्रो किया। सोमन राणा ने 13.40 मीटर गोला फेंका और गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।
सोमन राणा इंडियन आर्मी में पोस्टेड थे। भारतीय सेवा में देश की सेवा करते हुए जम्मू कश्मीर में ड्यूटी के दौरान एक माइंस ब्लास्ट हुआ, जिसमें उन्होंने अपना दायां पैर खो दिया था।

इंडियन आर्मी में सिपाही के पोस्ट पर तैनात रहे हैं सोमन राणा।
2001 में आर्मी में हुआ था सिलेक्शन
सोमन के पिता एक किसान हैं। सोमन भी अपने माता-पिता का हाथ बंटाने के लिए खेतों में जाकर मदद करते थे। सोमन को आर्मी में जाना था। उन्हें खेल में कोई दिलचस्पी भी नहीं थी।
2001 में उनका सिलेक्शन इंडियन आर्मी में हो गया। सिपाही की ट्रेनिंग के लिए वह शिलांग गए थे। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद उनकी पोस्टिंग पूंछ में हुई।
जम्मू कश्मीर के माइंस ब्लास्ट में सोमन ने खोया अपना दायां पैर
भारतीय सेवा में देश की सेवा करते हुए जम्मू कश्मीर में ड्यूटी के दौरान एक माइंस ब्लास्ट हुआ, जिसमें उन्होंने अपना दायां पैर खो दिया।
इस घटना के बाद सोमन डिप्रेशन में आ गए थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आगे जिंदगी कैसे चलेगी। उनके पास चलने के लिए एक पैर नहीं थे। सभी ने उन्हें प्रोस्थेटिक लेग लगाने की सलाह दी।
फिर वह पुणे इलाज के लिए गए और वहां पर अपने जैसे लोगों को देखकर उन्हें फिर से जिंदगी जीने की उम्मीद जागी।

पैरा गेम्स के लिए प्रैक्टिस करते सोमन राणा। (फाइल फोटो)
2017 से पैरा गेम्स में रखा कदम
44 साल के सोमन ने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दी। गंभीर चोट और लंबे उपचार के बाद हार मानने की बजाय सोमन ने जीवन को एक नई दिशा देने का निर्णय लिया।
2012 में उन्हें नेशनल गेम्स खेले हुए पैरा प्लेयर्स से मुलाकात हुई। एक आईडिया मिलने के बाद 2017 से वह खुद पैरा गेम्स में आएं।
2023 में चीन में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में वह सिल्वर मेडलिस्ट रहे हैं और 2025 खेलो इंडिया गेम्स में उन्हें गोल्ड मेडल मिला है। हालांकि, 2024 में आयोजित पेरिस पैरालंपिक में वह पांचवें स्थान पर रहे थे।
