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‘जैसे मैंने बड़े बेटे वैभव सूर्यवंशी को कामयाब बनाया है, उसी तरह से मैं छोटे बेटे आशीर्वाद सूयवंशी को भी तैयार करूंगा। आशीर्वाद भी वैभव की तरह ही तेज खेलता है। बस अंतर इतना है कि वैभव एक बार में समझ जाता था, इसे बार-बार समझाना पड़ता है। अभी आशीर्वाद बच्चा है, घर में सबका का दुलारा है। धीरे-धीरे मैं उसे भी तैयार कर लूंगा। आशीर्वाद भी देश के लिए खेलेगा।’ ये बातें वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहीं। दरअसल, 11 साल के आशीर्वाद ने 2 दिन पहले ताजपुर क्रिकेट टूर्नामेंट में 87 गेंदों पर शतक लगाया था। 20 चौके और एक सिक्स मारे थे। इसके अलावा 4 ओवर में 4 विकेट भी लिए। वैभव ने छोटे भाई के पहले शतक को अपने सोशल साइट पर शेयर किया है। जिसके बाद चर्चा होने लगी है कि वैभव के बाद आशीर्वाद भी कम उम्र में IPL में डेव्यू करेगा। आशीर्वाद कितने घंटे मेहनत करते हैं?, उनकी पैक्टिस कहां होती है?, शतक के पाद परिवार और ट्रेनर क्या बोले, पढ़ें रिपोर्ट…. पहले तस्वीरें, जहां आशीर्वाद अपनी पैक्टिस करते हैं वैभव की तरह ही लॉन्ग शॉर्ट लगाता है वैभव के चाचा राजीव सूर्यवंशी कहते हैं कि आशीर्वाद अभी 11 साल का है। अभी क्लास 6 में पढ़ाई करता है। दो दिन पहले ताजपुर क्रिकेट अकादमी की ओर से बघौनी में किक्रेट टूर्नामेंट हुआ था। जिसमें आशीर्वाद ने भी भाग लिया था। जिसमें उसने शानदार प्रदर्शन किया था। अपने भाई वैभव की तरह ही उसने लॉन्ग शॉर्ट लगाए। उसने इतना बढ़िया खेला है कि हमें लगता है कि 2 साल में वो आईपीएल तक चला जाएगा। हर दिन 6 घंटे मेहनत करते हैं आशीर्वाद वैभव के चाचा राजीव सूर्यवंशी कहते हैं कि जिस प्रैक्टिस नेट पर वैभव प्रैक्टिस किया करता था, उसी नेट पर आशीर्वाद भी प्रैक्टिस करता है। आशीर्वाद को उसके पिता संजीव सूर्यवंशी प्रैक्टिस करा रहे हैं। इसके अलावा कुछ युवक भी रहते हैं, जो वैभव की प्रैक्टिस के टाइम भी रहते थे। आशीर्वाद सुबह-शाम करीब 6 घंटे मेहनत करता है। राइट हैंड बैटिंग करता है और तेज रफ्तार बॉलर भी है। दो साल में आशीर्वाद को आईपीएल के लिए तैयार कर लिया जाएगा। जिस तरह से लोकल टूर्नामेंट में उसने प्रदर्शन किया है। परिवार की उम्मीद और बढ़ गई है। आशीर्वाद बड़ा क्रिकेटर बनेगा आशीर्वाद को पैक्टिस कराने वाले रौशन कुमार बताते हैं कि दो दिन पहले टूर्नामेंट में आशीर्वाद को लेकर मैं गया था। वहां उसने बेहतरीन खेला। उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसा वैभव अपने बचपन में खेला करता था। उसको देखकर लग रहा था कि आने वाले दिन में आशीर्वाद भी बड़ा क्रिकेटर बनेगा। वो काफी ऊपर तक जाएगा। आशीर्वाद की बदौलत टीम ने 234 रन बनाए आशीर्वाद सूर्यवंशी बिहार में क्रिकेट की ट्रेनिंग ले रहे हैं। वे बड़े भाई वैभव की तरह अटैकिंग बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। आशीर्वाद की शतकीय पारी की बदौलत क्रिकेट अकादमी ताजपुर ने 29.5 ओवर में 4 विकेट पर 234 रन बनाए। टीम के लिए शिवम राज ने 75 गेंदों में 52 रन का योगदान दिया। शतक पूरा करने के बाद आशीर्वाद ने हेलमेट उतारकर जश्न मनाया। उनकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। वैभव तीन भाइयों में मंझले हैं वैभव सूर्यवंशी तीन भाइयों में मंझले हैं। उनके बड़े भाई का नाम उज्ज्वल सूर्यवंशी है, जबकि सबसे छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी हैं। पिता संजीव सूर्यवंशी और मां आरती सूर्यवंशी ने दोनों बेटों के क्रिकेट करियर में अहम भूमिका निभाई है। वैभव सबसे कम उम्र में भारतीय टीम में चुने गए आशीर्वाद के बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय क्रिकेट का चर्चित नाम हैं। 6 जून को उनका चयन आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज तथा एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में हुआ। 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया में जगह बनाकर वे भारत के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए। वैभव ने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। IPL में जीती ऑरेंज कैप वैभव इस समय श्रीलंका-A दौरे पर भारतीय टीम के साथ हैं। उन्होंने अब तक दो मैचों में 58 रन बनाए हैं। इससे पहले IPL 2026 में उन्होंने 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। वैभव को मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सबसे ज्यादा छक्के लगाने का पुरस्कार भी मिला था। उन्होंने इसी सीजन 36 गेंदों पर शतक जड़कर नया रिकॉर्ड बनाया था। राजीव सूर्यवंशी ने घर के उत्तर वैभव के प्रैक्टिस नेट की ओर इशारा करते हुए बताया कि यहां वैभव का उसके पिता प्रैक्टिस कराया करते थे। वैभव के आईपीएल और अब टी-20 इंडियन टीम में सलेक्शन के बाद वह ज्यादातर बाहर ही रह रहा है। यहां पर उनके छोटे भाई आशीर्वाद के पिता संजीव सूर्यवंशी के साथ ही परिवार के लोग प्रैक्टिस करा रहे हैं। पैक्टिस कराने वालों में कभी वैभव को बॉलिंग करने वाले युवक भी रहते हैं। सुबह और शाम के समय उसे प्रैक्टिस कराई जा रही है। अभी 5-6 घंटा वह मैदान में पसीना बहाता है। यह दाहिए हाथ का बैट्समैंन और फास्ट बॉलर है। वैभव के स्टाइल में ही तेज खेलता है। लॉग शार्ट लगाता है। अभी कलाई से ज्यादा शॉर्ट लगाता है। चाचा ने बताया कि आने वाले दो सालों में इसे भी आईपीएल के लिए तैयार कर लिया जाएगा। जिस तरह से लोकल टूर्नामेंट में इसने प्रदर्शन किया है। उससे परिवार की उम्मीद और बढ गई है। आशीर्वाद ताजपुर के एक निजी स्कूल में वर्ग सिक्स का छात्र है। पढाई के साथ ही खेल में समय दे रहा है। कम उम्र में वैभव सूर्यवंशी के बाद उनका छोटा भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने लोकल क्रिकेट टूर्नामेंट में शतक लगा कर भौकाल मचा दिया है। दस सालों के आशीर्वाद ने ताजपुर क्रिकेट अकादमी द्वारा बघौनी में आयोजित टूर्नामेंट में 87 गेंदों पर शतक लगाया है। और तो और इसमें 20 चौका और एक छक्का शामिल है। इसके साथ ही उसने चार ओवर में चार विकेट भी लिया। वैभव सूर्यवंशी ने छोटे भाई के पहले शतक को अपने सोशल साइट पर शेयर किया है। जिसके बाद चर्चा का विषय बन गया है कि क्या वैभव के बाद उनका भाई भी बहुत कम उम्र में आईपीएम में डेव्यू करेगा। आशीर्वाद की शतकीय पारी के बाद दैनिक भास्कर उनके घर पर पहुंची। जहां मेरी मुलाकात उनके चाचा राजीव सूर्यवंशी से हुई। आशीर्वाद के पिता संजीव सूर्यवंशी के बारे में बताया गया कि वह बाहर हैं। राजीव सूर्यवंशी ने घर के उत्तर वैभव के प्रैक्टिस नेट की ओर इशारा करते हुए बताया कि यहां वैभव का उसके पिता प्रैक्टिस कराया करते थे। वैभव के आईपीएल और अब टी-20 इंडियन टीम में सलेक्शन के बाद वह ज्यादातर बाहर ही रह रहा है। यहां पर उनके छोटे भाई आशीर्वाद के पिता संजीव सूर्यवंशी के साथ ही परिवार के लोग प्रैक्टिस करा रहे हैं। पैक्टिस कराने वालों में कभी वैभव को बॉलिंग करने वाले युवक भी रहते हैं। सुबह और शाम के समय उसे प्रैक्टिस कराई जा रही है। अभी 5-6 घंटा वह मैदान में पसीना बहाता है। यह दाहिए हाथ का बैट्समैंन और तेज फास्ट बॉलर है। वैभव के स्टाइल में ही तेज खेलता है। लॉग शार्ट लगाता है। अभी कलाई से ज्यादा शॉर्ट लगाता है। चाचा ने बताया कि आने वाले दो सालों में इसे भी आईपीएल के लिए तैयार कर लिया जाएगा। जिस तरह से लोकल टूर्नामेंट में इसने प्रदर्शन किया है। उससे परिवार की उम्मीद और बढ गई है। आशीर्वाद ताजपुर के एक निजी स्कूल में वर्ग सिक्स का छात्र है। पढाई के साथ ही खेल में समय दे रहा है। पिता ने कहा दो सालों में कर लूंगा तैयार, अभी बच्चा है सबका प्यारा है वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहा कि आशीर्वाद भी वैभव की तरह ही तेज खेलता है। अभी इसे क्रिकेट का गुरू सिखा रहे हैं। वैभव और आशीर्वाद में अंतर है। वैभव को कोई बात एक बार में समझ आ जाती थी। लेकिन इसे बार-बार समझाना पड़ता है। अभी समय लगेगा लेकिन आने वाले दो सालों में इसे भी तैयार कर लेंगे। अभी वह बच्चा है सबका प्यारा है। उस पर कम समय दे रहे हैं अभी वैभव के साथ ही कभी इधर जाना तो कभी उधर जाना पड़ रहा है। जिस कारण आशीर्वाद पर कम समय दे रहे हैं। लेकिन धीरे-धीरे इसे भी तैयार कर लूंगा। यह भी देश के लिए खेलेगा।
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भाई वैभव सूर्यवंशी की नेट पर प्रैक्टिस करते हैं आशीर्वाद:रोज 6 घंटे मैदान में बहा रहे पसीना; पिता बोले- छोटा बेटा बड़ा किक्रेटर बनेगा