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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और मेमोरी चिप की भारी मांग के चलते अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयरों में ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली है। गुरुवार को कारोबारी सेशन में माइक्रोन का मार्केट कैपिटलाइजेशन कुछ समय के लिए दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों मेटा प्लेटफॉर्म्स और टेस्ला से भी ज्यादा हो गया। मजबूत तिमाही अनुमानों (गाइडेंस) के बाद निवेशकों के बढ़े भरोसे से कंपनी के शेयर इंट्राडे में 18.4% तक उछल गए। मेटा-टेस्ला के बिल्कुल करीब बंद हुआ मार्केट कैप रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को कारोबार खत्म होने पर माइक्रोन टेक्नोलॉजी का शेयर 15.8% की बढ़त के साथ बंद हुआ। बाजार बंद होने पर माइक्रोन का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.37 ट्रिलियन डॉलर रहा। इसकी तुलना में मेटा प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैप 1.38 ट्रिलियन डॉलर और इलॉन मस्क की कंपनी टेस्ला का मार्केट कैप 1.41 ट्रिलियन डॉलर था। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान आई बड़ी तेजी से माइक्रोन कुछ समय के लिए इन दोनों कंपनियों से आगे निकल गया था। चौथी तिमाही में $50 बिलियन रेवेन्यू का अनुमान माइक्रोन की इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे कंपनी का चौथी तिमाही (अगस्त में समाप्त होने वाली तिमाही) के लिए जारी किया गया मजबूत रेवेन्यू अनुमान है। कंपनी ने इस तिमाही में करीब 50 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू हासिल करने का अनुमान जताया है। यह वॉल स्ट्रीट के 43.2 बिलियन डॉलर के अनुमान से काफी ज्यादा है। इस शानदार परफॉर्मेंस ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि हाइपरस्केलर्स के कैपिटल एक्सपेंडिचर को लेकर जारी चिंताओं के बावजूद AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च मजबूत बना हुआ है। भविष्य की सप्लाई के लिए $22 बिलियन के एडवांस ऑर्डर चिप मार्केट में मची इस होड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि माइक्रोन को भविष्य में मेमोरी चिप्स की सप्लाई सुरक्षित करने के लिए ग्राहकों से 22 बिलियन डॉलर के कमिटमेंट (एडवांस ऑर्डर) मिल चुके हैं। यह हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और अन्य AI फोकस्ड प्रोडक्ट्स की भारी डिमांड को दर्शाता है। 2027 के बाद तक बनी रहेगी चिप की किल्लत ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोन के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) संजय मेहरोत्रा ने एनालिस्ट्स से बात करते हुए कहा कि फिलहाल मांग के मुकाबले सप्लाई पूरी होने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। बाजार में यह तंग स्थिति (शॉर्टेज) कैलेंडर वर्ष 2027 के बाद भी बने रहने की आशंका है। चिप की उपलब्धता में केवल 2028 से धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है। मई में छुआ था $1 ट्रिलियन का पड़ाव माइक्रोन ने इसी साल मई के आखिरी हफ्ते में पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप का आंकड़ा पार किया था। इस आंकड़े को छूकर कंपनी दुनिया की चुनिंदा दिग्गज टेक कंपनियों के क्लब में शामिल हो गई थी। इस अर्निंग रिपोर्ट के आने के बाद से अब तक कंपनी का शेयर 15% से ज्यादा चढ़ चुका है, जबकि साल 2026 में अब तक इस स्टॉक में कुल 326% की भारी बढ़त दर्ज की जा चुकी है। सेमीकंडक्टर और स्टोरेज शेयरों में आई चौतरफा तेजी माइक्रोन के शानदार नतीजों का असर पूरी इंडस्ट्री पर देखने को मिला। गुरुवार को फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 3.2% चढ़ गया। एलएसईजी (LSEG) के डेटा के मुताबिक, यह इंडेक्स अब तक के अपने सबसे मजबूत तिमाही प्रदर्शन की राह पर है। माइक्रोन की कॉम्पिटिटर कंपनियों में सैंडिस्क का शेयर 22%, वेस्टर्न डिजिटल 7.4% और सीगेट टेक्नोलॉजी 4.3% मजबूत हुआ। वहीं क्वालकॉम के शेयरों में भी तेजी आई, क्योंकि कंपनी ने अपने AI-फोकस्ड डेटा-सेंटर बिजनेस के लिए महत्वाकांक्षी ग्रोथ प्लान पेश किया है। एप्पल के कारण टेक सेक्टर में दिखा मिला-जुला रुख माइक्रोन के ब्लॉकबस्टर नतीजों के बावजूद ग्लोबल टेक सेक्टर में मिला-जुला रुख रहा। निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि हाइपरस्केलर्स द्वारा AI पर किया जा रहा भारी खर्च कब तक टिक पाएगा। इसी बीच एपल ने मेमोरी और स्टोरेज चिप की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए अपने आईपैड और मैकबुक की कीमतें बढ़ाने का ऐलान कर दिया। एपल के इस कदम से कंपनी के शेयरों में 6.1% की गिरावट आई और बाजार में एक बार फिर यह बहस शुरू हो गई कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर बूम की इस बढ़ी हुई लागत का बोझ आखिरी में कौन उठाएगा। क्या होते हैं हाइपरस्केलर्स और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी? हाइपरस्केलर्स: ये वे बड़ी क्लाउड कंप्यूटिंग और टेक कंपनियां (जैसे माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एमेजन और मेटा) होती हैं, जो बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर्स और AI इंफ्रास्ट्रक्चर का संचालन करती हैं। इनके द्वारा किया जाने वाला खर्च पूरी टेक इंडस्ट्री की दिशा तय करता है। हाई-बैंडविड्थ मेमोरी: यह एक एडवांस और सुपर-फास्ट मेमोरी चिप होती है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से AI और डीप लर्निंग के प्रोसेस को तेजी से चलाने के लिए किया जाता है। इसकी मांग इस समय दुनिया भर में सबसे ज्यादा है। ये खबर भी पढ़ें… सोमवार को गिरावट के साथ खुल सकता है भारतीय बाजार: गिफ्टी निफ्टी में 150 अंकों की कमजोरी; 8% टूटा दक्षिण कोरिया का कोस्पी मुहर्रम की छुट्टी के कारण आज 26 जून को भारतीय शेयर बाजार बंद हैं। लेकिन वैश्विक बाजारों में मंदी के कारण सोमवार को ये गिरावट के साथ खुल सकता है। आज दक्षिण कोरिया का बाजार कोस्पी 8% नीचे हैं और गिफ्ट निफ्टी 150 अंकों से ज्यादा टूट गया है। पूरी खबर पढ़ें…
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मार्केट-कैप में माइक्रोन ने मेटा-टेस्ला को पीछे छोड़ा:AI चिप की डिमांड से शेयरों में 18.4% का उछाल; कंपनी की कुल वैल्यू $1.37 ट्रिलियन पहुंची