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वर्ल्ड अपडेट्स:नेपाल एयरलाइंस के मैप में जम्मू-कश्मीर को पाक का हिस्सा दिखाया: विवाद के बाद 24 घंटे में माफी




नेपाल एयरलाइंस ने सोशल मीडिया पर साझा नेटवर्क मैप में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पाकिस्तान का हिस्सा दिखा दिया। पोस्ट वायरल होने के बाद वैश्विक स्तर पर विरोध हुआ, जिसके बाद एयरलाइन ने 24 घंटे के भीतर माफी जारी कर इसे ‘मैप की गलती’ बताया। बुधवार को नेपाल एयरलाइंस के सोशल मीडिया हैंडल से एक रूट मैप शेयर किया गया। इस मैप में भारत के जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पाकिस्तान के क्षेत्र के रूप में दिखाया गया था। यह पोस्ट X और फेसबुक पर तेजी से वायरल हो गया। भारतीय यूजर्स ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और एयरलाइन की आलोचना की। विवाद बढ़ने के बाद नेपाल एयरलाइंस ने 24 घंटे के भीतर माफी जारी की। एयरलाइन ने कहा कि यह एक ‘कार्टोग्राफिक इनएक्युरेसी’ थी और भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी। मामले को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) और एविएशन मिनिस्ट्री नेपाल के समक्ष कूटनीतिक विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका ने भारत को 657 प्राचीन कलाकृतियां लौटाईं: 1.4 करोड़ डॉलर की विरासत वापस अमेरिका ने भारत को करीब 1.4 करोड़ डॉलर मूल्य की 657 प्राचीन कलाकृतियां लौटाई हैं। ये कलाकृतियां तस्करी नेटवर्क के जरिए विदेश पहुंचाई गई थीं, जिन्हें जांच के बाद बरामद कर वापस किया गया। मैनहटन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एल्विन ब्रैग ने मंगलवार को इन कलाकृतियों की वापसी की घोषणा की। ये सभी कलाकृतियां अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की जांच के दौरान बरामद की गईं। जांच में बदनाम आर्ट डीलर सुभाष कपूर और तस्कर नैन्सी वीनर से जुड़े नेटवर्क सामने आए। इन नेटवर्क्स के जरिए भारत समेत कई देशों की सांस्कृतिक धरोहर की चोरी और बिक्री की जाती थी। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की काउंसल राजलक्ष्मी कदम की मौजूदगी में कलाकृतियां लौटाई गईं। भारत के महावाणिज्य दूत बिनय प्रधान ने अमेरिकी एजेंसियों के सहयोग की सराहना की। लौटाई गई वस्तुओं में 20 लाख डॉलर की अवलोकितेश्वर की कांस्य प्रतिमा शामिल है, जो छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित संग्रहालय से चोरी हुई थी। इसके अलावा मध्य प्रदेश के मंदिर से चोरी की गई नृत्यरत गणेश की मूर्ति भी शामिल है। एक लाल बलुआ पत्थर की बुद्ध प्रतिमा भी वापस की गई है, जिसकी कीमत करीब 75 लाख डॉलर बताई गई। यह प्रतिमा भी तस्करी कर अमेरिका पहुंचाई गई थी। मैनहटन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी की एंटीक्विटीज ट्रैफिकिंग यूनिट अब तक 6200 से ज्यादा सांस्कृतिक वस्तुएं बरामद कर चुकी है, जिनकी कुल कीमत 485 मिलियन डॉलर से अधिक है। इनमें से 5900 से ज्यादा वस्तुएं 36 देशों को लौटाई जा चुकी हैं। अधिकारियों ने कहा कि अभी भी कई कलाकृतियां विदेशों में हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।



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