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सलमान खान बोले- जिंदगी का प्रेशर दूसरों पर डालता हूं:खुद नहीं लेता; ‘मातृभूमि’ की स्क्रिप्ट में बदलाव के लिए सरकार का दबाव नहीं था




सलमान खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ का ट्रेलर शुक्रवार, 6 नवंबर को मुंबई में लॉन्च हुआ। इस मौके पर सलमान ने फिल्म की कहानी, स्क्रिप्ट में बदलाव और सेंसर बोर्ड से जुड़े सवालों के जवाब दिए। सरकार के दबाव की चर्चाओं पर उन्होंने साफ कहा कि स्क्रिप्ट में बदलाव के लिए सरकार की तरफ से कोई दबाव नहीं था। वहीं, जिंदगी और काम के दबाव पर सलमान ने मजाकिया अंदाज में कहा कि लाइफ का प्रेशर दूसरों को लेता हूं, खुद नहीं लेता हूं। फिल्म 20 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। स्क्रिप्ट में बदलाव पर बोले- सरकार का दबाव नहीं था सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ पिछले कई महीनों से कहानी और स्क्रिप्ट में बदलाव को लेकर चर्चा में है। शुरुआत में इसका नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। यह फिल्म 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प पर आधारित है। फिल्म का नाम बदलने और कहानी में कथित फेरबदल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। चर्चा थी कि भारत और चीन के बीच मौजूदा कूटनीतिक परिस्थितियों के कारण स्क्रिप्ट में बदलाव किए गए। सेंसर बोर्ड की मंजूरी में देरी को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा था। ट्रेलर लॉन्च पर सलमान ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि स्क्रिप्ट में बदलाव के लिए सरकार की तरफ से कोई दबाव नहीं था। मेकर्स ने कहानी को एक अलग नजरिए से विकसित किया है। फिल्म में सैनिकों के संघर्ष और युद्ध के साथ दोनों तरफ के सैनिकों और उनके परिवारों की भावनाओं को भी दिखाने की कोशिश की गई है। सैनिकों के साथ उनके परिवारों की कहानी भी दिखेगी सलमान खान के मुताबिक, ‘मातृभूमि’ सिर्फ दो देशों के बीच हुए संघर्ष या युद्ध की कहानी नहीं है। इसमें कई परिवारों की भावनाएं, सैनिकों का बलिदान और अपनों से दूर रहने का दर्द भी शामिल है। फिल्म में भारतीय सैनिकों के साथ दूसरी तरफ के सैनिकों और उनके परिवारों को भी जगह दी गई है। इसका मकसद युद्ध का मानवीय पहलू दिखाना है। युद्ध में लड़ने वाले सैनिकों के साथ उन परिवारों की जिंदगी भी प्रभावित होती है, जो अपने किसी सदस्य के सुरक्षित लौटने का इंतजार करते हैं। फिल्म का नया नाम ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ भी इसी सोच को दर्शाता है। मेकर्स इसे पारंपरिक वॉर फिल्म से आगे बढ़ाकर इंसानियत, त्याग और युद्ध के असर की कहानी के रूप में पेश करना चाहते हैं। जिंदगी के प्रेशर पर सलमान का मजेदार जवाब ट्रेलर लॉन्च पर सलमान खान से जिंदगी के दबाव और उसे संभालने को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने अपने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह जिंदगी का प्रेशर दूसरों को लेते हैं, खुद नहीं लेते। सलमान का यह जवाब उनके हल्के-फुल्के अंदाज के कारण चर्चा में रहा। लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे सलमान पर फिल्मों, बॉक्स ऑफिस और दर्शकों की उम्मीदों का दबाव रहता है। इसके बावजूद वह अक्सर बेबाक और मजाकिया अंदाज में सवालों के जवाब देते हैं। पहले फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था सलमान खान की फिल्म की घोषणा ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से हुई थी। इसकी कहानी जून 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प से प्रेरित है। इस संघर्ष में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे। फिल्म में सलमान खान भारतीय सेना के अधिकारी कर्नल बी. संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं। वह 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे और गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों का नेतृत्व कर रहे थे। अदम्य साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। सलमान के साथ चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में हैं। मुकेश ऋषि, अंकुर भाटिया, जेन शॉ और अभिलाष चौधरी भी फिल्म में हैं। कई बार टली रिलीज, अब 20 नवंबर को होगी रिलीज ‘मातृभूमि’ की रिलीज को लेकर काफी समय से अनिश्चितता थी। फिल्म पहले अप्रैल 2026 में रिलीज होने वाली थी, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया। कुछ हिस्सों की दोबारा शूटिंग और सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया के चलते भी रिलीज में देरी हुई। इस बीच फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ से बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया। फिल्म के कंटेंट और भारत-चीन से जुड़े संदर्भों पर भी चर्चाएं होती रहीं। अब ट्रेलर लॉन्च के मौके पर फिल्म की रिलीज डेट 20 नवंबर 2026 घोषित की गई है।



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