इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को क्रिकेटर यश दयाल के खिलाफ निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यश दयाल पर एक महिला ने शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया है। कोर्ट ने गाजियाबाद की मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से जारी समन और ट्रायल कोर्ट की पूरी कार्यवाही पर रोक लगा दी। जस्टिस संजय कुमार पचोरी की सिंगल बेंच ने यह आदेश यश दयाल की उस याचिका पर दिया, जिसमें उन्होंने पुलिस की चार्जशीट और ट्रायल कोर्ट के संज्ञान आदेश को चुनौती दी थी जुलाई 2025 में दर्ज हुआ था मामला गाजियाबाद पुलिस ने जुलाई 2025 में एक महिला की शिकायत पर यश दयाल के खिलाफ केस दर्ज किया था। महिला का आरोप है कि पांच साल के रिश्ते के दौरान क्रिकेटर ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। इससे पहले 15 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने की याचिका पर दयाल की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद उन्होंने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को रद्द करने के लिए अलग से याचिका दायर की है। रिश्ता आपसी सहमति से था: यश दयाल याचिका में यश दयाल ने दावा किया है कि उनका रिश्ता शुरुआत से ही आपसी सहमति पर आधारित था और इसमें शादी का कोई वादा नहीं था। दयाल का तर्क है कि यह मामला ज्यादा से ज्यादा शादी के वादे से मुकरने का हो सकता है, न कि शादी के झूठे वादे का। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने खुद स्वीकार किया है कि शारीरिक संबंध 2021 में बने थे, जबकि शादी की बात बाद में हुई। क्रिकेटर ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता या किसी भी गवाह के बयान में शादी के आश्वासन का कोई जिक्र नहीं है। दयाल ने आरोप लगाया कि उनके मशहूर होने के बाद पैसे ऐंठने के लिए यह केस दर्ज कराया गया है। यश दयाल IPL में गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए खेल चुके हैं। वे 2026 सीजन में नहीं खेले, लेकिन आरसीबी के साथ अनुबंध में बने रहे। जयपुर में भी दर्ज हो चुका है केस याचिकाकर्ता की ओर से वकील रघुवंश मिश्रा और तनिष्क गोयल ने पक्ष रखा। गौरतलब है कि पिछले साल यश दयाल के खिलाफ जयपुर पुलिस ने भी पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया था।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट से IPL क्रिकेटर यश दयाल को राहत:रेप केस में समन और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक