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एशियाड से पहले भारतीय शूटिंग कोच पर आरोप:चेन्नई में शूटिंग रेंज का ठेका लेने की कोशिश की; हितों के टकराव की जांच शुरू




भारत के एशियन गेम्स की तैयारियों में शामिल एक टॉप नेशनल शॉटगन कोच जांच के घेरे में हैं। उन पर चेन्नई में शूटिंग रेंज बनाने के ठेके में हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) के आरोप लगे हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। यह कोच नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के साथ मिलकर ओलिंपिक, ISSF वर्ल्ड कप, वर्ल्ड चैंपियनशिप और नेशनल चैंपियनशिप के लिए भारतीय शॉटगन निशानेबाजों को ट्रेनिंग देते हैं। SAI ने जांच के दिए निर्देश SAI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मुख्यालय में एक शिकायत मिली है। हमने स्टेडियम डिवीजन और दिल्ली के क्षेत्रीय निदेशक को मामले की जांच करने को कहा है। हालांकि, अभी तक मेरे पास कोई रिपोर्ट नहीं आई है। अधिकारी ने आगे कहा कि शिकायत गुमनाम नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता ने अपना नाम लिखा है। इसलिए सरकारी प्रक्रियाओं के अनुसार इसकी जांच की जाएगी। ठेके को लेकर विवाद एक पूर्व निशानेबाज ने बताया कि यह शिकायत चेन्नई में शूटिंग रेंज बनाने के ठेके से जुड़ी है। टेंडर प्रक्रिया से असंतुष्ट एक बोलीदाता ने सतर्कता विभाग (विजिलेंस डिपार्टमेंट) से संपर्क किया है। सूत्रों के मुताबिक, चेन्नई में 15 से 16 करोड़ रुपए की लागत से पांच शॉटगन रेंज बनाई जानी थीं। कोच ने खुद यह ठेका हासिल करने की कोशिश की, जिसके बाद प्रतिद्वंद्वी बोलीदाता ने सतर्कता विभाग में शिकायत दर्ज कराई। एशियन गेम्स की टीम से बाहर होने की चर्चा सूत्रों का दावा है कि 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए कोच को कोचिंग दल से बाहर रखा जा सकता है। पूर्व निशानेबाज ने आरोप लगाया कि जांच लंबित होने के कारण NRAI उन्हें एशियन गेम्स के कोचों की सूची से हटा सकता है। इस मामले पर NRAI के महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा कि वे फ्लाइट में हैं और टिप्पणी करने में असमर्थ हैं। NRAI ने कहा- हमें इसकी जानकारी नहीं NRAI की ओर से जारी बयान में कहा गया कि फेडरेशन को किसी कोच की निजी व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी नहीं है। हमें किसी कोच के खिलाफ विजिलेंस जांच की भी जानकारी नहीं है। बयान में कहा गया कि हमें एशियन गेम्स के कैंप के लिए कोचों की सूची की आंशिक मंजूरी मिली है, जिसमें कुछ नाम हटा दिए गए हैं। हम इस संबंध में SAI से स्पष्टीकरण और निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। संबंधित कोच ने भी फोन कॉल का कोई जवाब नहीं दिया। राइफल कोच भी जांच के घेरे में एशियन गेम्स की तैयारियों में शामिल एक अन्य हाई परफॉरमेंस राइफल कोच भी SAI की जांच का सामना कर रहे हैं। उन पर सरकारी कर्णी सिंह रेंज में निजी कोचिंग चलाने और जो निशानेबाज उनकी क्लास में नहीं आते, उनके साथ भेदभाव करने का आरोप है। 50 मीटर राइफल इवेंट के हेड कोच मनोज कुमार इस जांच के दायरे में हैं। जानकारी के अनुसार, हाल ही में SAI मुख्यालय में एक सुनवाई हुई थी, जिसमें प्रभावित निशानेबाजों और उनके अभिभावकों की शिकायतें सुनी गईं।



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