Nitin Gadkari on Media Credibility Crisis


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नागपुर5 मिनट पहले

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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सभी संस्थानों में मीडिया के सामने विश्वसनीयता का संकट सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने मीडिया से अपनी विश्वसनीयता फिर से कायम करने की अपील की।

गडकरी IIM नागपुर मीडिया कॉन्क्लेव 2026 में ‘मीडिया, नेतृत्व और नई विश्व व्यवस्था’ विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने लोकतंत्र की प्रगति के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और न्यायपूर्ण न्यायपालिका के साथ स्वतंत्र और निष्पक्ष मीडिया को जरूरी बताया।

इस कार्यक्रम में प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और एडिटर-इन-चीफ विजय जोशी, बिजनेस स्टैंडर्ड के एडिटोरियल डायरेक्टर ए.के. भट्टाचार्य और ब्लिट्ज इंडिया मीडिया ग्रुप के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ दीपक द्विवेदी मौजूद थे। यह जानकारी PTI ने दी है।

लोकतंत्र के चार स्तंभों की जिम्मेदारी बताई

गडकरी ने कहा, “भारत लोकतंत्र की जननी और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।” उन्होंने लोकतंत्र में गुणात्मक बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “संविधान ने लोकतंत्र के चार स्तंभों यानी विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया की जिम्मेदारियां साफ तौर पर तय की हैं। लोकतंत्र की प्रगति और विकास के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और न्यायपूर्ण न्यायपालिका और मीडिया बहुत जरूरी हैं।”

गडकरी ने कहा कि राजनीति और राजनीतिक दल लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि विचारों या विचारधारा में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अपनी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता होनी चाहिए।

उन्होंने सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक मुद्दों पर लोगों में जागरूकता बढ़ाने की भी बात कही। गडकरी ने कहा कि लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों के बारे में लोगों की जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों व विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता बहुत जरूरी है।

मीडिया की विश्वसनीयता सबसे ज्यादा घटी: गडकरी

गडकरी ने कहा कि 21वीं सदी में सभी क्षेत्रों के लिए विश्वसनीयता, सद्भावना और ईमानदारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा, “सभी क्षेत्रों में विश्वसनीयता कम हुई है, लेकिन मीडिया की विश्वसनीयता बहुत ज्यादा घटी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि सभी मीडिया संस्थानों ने अपनी विश्वसनीयता नहीं खोई है। गडकरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “अखबार और मीडिया संस्थान कहा करते थे कि वे तय करेंगे कि चुनाव कौन जीतेगा, लेकिन अब सोशल मीडिया ने इस दिशा को बदल दिया है।”

उन्होंने कहा, “राजनीति समेत सभी क्षेत्रों में विश्वसनीयता का संकट है, लेकिन मीडिया क्षेत्र में विश्वसनीयता का संकट सबसे बड़ी समस्या है।” गडकरी ने मीडिया से अपनी विश्वसनीयता बहाल करने के बारे में सोचने की अपील की।

गडकरी ने कहा कि जिन लोगों के पास विश्वसनीयता होती है, उन्हें खुद का प्रचार करने की जरूरत नहीं पड़ती।

लोगों, समाज और देश के हित में लिखने की सलाह

केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों को लोगों, समाज और देश के हित में लिखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को गुणात्मक बदलाव के साथ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए।

गडकरी ने कहा कि अच्छे काम की तरह अच्छी पत्रकारिता को भी पहचान मिलती है। उनके मुताबिक, आने वाले समय में वही लोग टिकेंगे, जो अपनी विश्वसनीयता और पेशे के मूल मूल्यों की रक्षा करेंगे।

उन्होंने मीडिया से लोकतंत्र को मजबूत करने, सामाजिक और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और ज्ञान में बदलाव लाने की दिशा में काम करने की अपील की। गडकरी ने कहा कि इससे भारत को ‘विश्व गुरु’ यानी दुनिया का नेता बनाने में भी मदद मिलेगी।

IIM नागपुर के निदेशक और लॉयड्स मेटल्स के MD ने भी बात रखी

कार्यक्रम में IIM नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराया मेट्री ने कहा कि आज का युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी मेटल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. प्रभाकरन ने कहा कि दुनिया भारत को युवा आबादी, स्टार्टअप्स और सबसे बड़े बाजार वाले देश के तौर पर देख रही है। उन्होंने उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के महत्व पर भी जोर दिया।



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