मुंबई12 मिनट पहले
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देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) को बैंकिंग सेक्टर में अपनी पैठ मजबूत करने की दिशा में बड़ी मंजूरी मिली है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने LIC को प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज ICICI बैंक में अपनी चुकता शेयर पूंजी या वोटिंग अधिकारों का 9.99% तक हिस्सा हासिल करने की इजाजत दे दी है।
ICICI बैंक ने शेयर बाजार को दी गई नियामकीय जानकारी में इस बात की पुष्टि की है। बैंक के मुताबिक, RBI की ओर से जारी मंजूरी पत्र 4 सितंबर 2026 को रात 9:09 बजे प्राप्त हुआ। यह अनुमति मिलने के बाद अब LIC अगले एक साल के भीतर बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकेगी।
1 साल की समयावधि तय, वरना रद्द होगी मंजूरी
नियामक फाइलिंग में स्पष्ट किया गया है कि यह मंजूरी एक सीमित समय सीमा के साथ दी गई है। यदि LIC मंजूरी पत्र जारी होने की तारीख (4 सितंबर 2026) से एक वर्ष के भीतर इस हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा नहीं कर पाती है, तो यह अनुमति स्वतः ही रद्द मानी जाएगी।
अधिग्रहण की यह प्रक्रिया संबंधित वैधानिक और नियामक शर्तों के अनुपालन पर निर्भर करेगी।
“ICICI बैंक को RBI का पत्र मिला है जिसमें LIC को बैंक में 9.99% तक की ‘एग्रीगेट होल्डिंग’ हासिल करने की मंजूरी दी गई है। यह अनुमति पत्र जारी होने के एक वर्ष तक वैध रहेगी।”— ICICI बैंक (नियामकीय फाइलिंग)

HDFC बैंक में भी 9.99% हिस्सेदारी की मिल चुकी है मंजूरी
ICICI बैंक से पहले LIC को देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी मिल चुकी है। 19 अगस्त को HDFC बैंक द्वारा जारी एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, RBI ने LIC को बैंक की पेड-अप शेयर कैपिटल या वोटिंग राइट्स का 9.99% तक अधिग्रहण करने की अनुमति दी थी।
फाइलिंग के आंकड़ों के अनुसार, LIC के पास पहले से ही HDFC बैंक की कुल शेयर पूंजी का 4.11% हिस्सा मौजूद था।
शेयर बाजार में कंपनियों का हाल
मंजूरी की खबर के बीच शेयर बाजार में कारोबार के दौरान LIC के शेयरों में मामूली गिरावट देखी गई।
LIC शेयर: बीएसई (BSE) पर LIC का शेयर 1.55 रुपए यानी 0.37% घटकर ₹415.35 पर बंद हुआ।
ICICI बैंक शेयर: बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ICICI बैंक का शेयर ₹1,423.20 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
एग्रीगेट होल्डिंग क्या होती है?
वित्तीय और बैंकिंग नियामक शब्दावली में ‘एग्रीगेट होल्डिंग’ का अर्थ किसी संस्था द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से ली गई कुल हिस्सेदारी से होता है। इसमें कंपनी द्वारा सीधे खरीदे गए शेयर और उसकी सहायक कंपनियों या म्यूचुअल फंड स्कीमों के जरिए किए गए निवेश शामिल होते हैं।
