तेहरान/न्यूयॉर्क22 मिनट पहले
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ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की (फाइल फोटो)
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-इजराइल के हमले में घायल होने के बाद जिस अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था, उसी पर दोबारा हमला हुआ।
रिपोर्ट में ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य मोहसेन हैदरी के हवाले से बताया गया कि हमले के बाद खामेनेई को अस्पताल के मलबे से निकाला गया था।
इसके बाद उन्हें अज्ञात जगह ले जाया गया। तब से खामेनेई सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। हालांकि 8 अगस्त को एक वीडियो सामने आया था जिसमें वे लोगों से बात करते हुए दिखाई दिए थे।
इतना ही नहीं, 8 मार्च को सुप्रीम लीडर चुने जाने की जानकारी भी उन्हें खुद नहीं थी। उन्हें अपने सुप्रीम लीडर बनने की खबर टीवी पर घोषणा होने के बाद मिली।

चुनाव के दौरान असेंबली पर भी हमले का दावा
ईरान में सुप्रीम लीडर चुनने की जिम्मेदारी एक्सपर्ट्स असेंबली की होती है। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, हमलों के दौरान इस संस्था के कोम स्थित सचिवालय को भी निशाना बनाया गया था।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बमबारी में 8 लोगों की मौत हुई और नए सुप्रीम लीडर के चयन से जुड़े दस्तावेज नष्ट हो गए। इसके बाद असेंबली के सदस्यों ने कागज पर वोट लिखे और एक गुप्त कमरे में जाकर चुनाव की प्रक्रिया पूरी की।
हैदरी ने कहा कि मोजतबा खामेनेई का नाम सबसे पहले उन्होंने ही प्रस्तावित किया था। उनके मुताबिक, असेंबली को जानकारी मिली थी कि मोजतबा सुरक्षित हैं और नेतृत्व संभाल सकते हैं। इसलिए उन्हें नया सुप्रीम लीडर चुना गया।
न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, 59 में से 50 सदस्यों ने मोजतबा के पक्ष में वोट दिया। अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को 8 वोट मिले, जबकि एक सदस्य ने मतदान नहीं किया।
पिता अयातुल्ला के करीबी सलाहाकार थे मोजतबा खामेनेई
हैदरी ने मोजतबा खामेनेई को ‘परदे के पीछे रहने वाला व्यक्ति’ बताया। सुप्रीम लीडर बनने से पहले उन्होंने कोई बड़ा सरकारी या राजनीतिक पद नहीं संभाला था। हालांकि, उन्हें लंबे समय तक अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई का करीबी सलाहकार माना जाता रहा है।
उनकी हालत को लेकर अलग-अलग दावे
मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर कई तरह के दावे सामने आते रहे हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, कुछ अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि हमलों में उनका चेहरा बुरी तरह घायल हो गया था।
पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि मोजतबा की मौत हुई है। ट्रम्प के मुताबिक, उनके शरीर के बाएं हिस्से, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई थीं।
वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इसी हफ्ते फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि मोजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि पिछले महीने उनकी मोजतबा के साथ करीब 7 घंटे लंबी मुलाकात हुई थी।
यानी मोजतबा खामेनेई की हालत को लेकर अब भी अलग-अलग दावे हैं। कई महीनों से उनके सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आने की वजह से इस रहस्य पर चर्चा बनी हुई है।

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