बेंगलुरु5 मिनट पहले
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कर्नाटक सरकार ने तेल कंपनियों पर पेट्रोल में तय लिमिट से ज्यादा एथेनॉल मिलाने का आरोप लगाया है। नियम के मुताबिक E20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल होना चाहिए, लेकिन लैब जांच में यह 31.2% तक पाया गया।
कर्नाटक सरकार का कहना है कि इस मिलावट से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ रहा है। इसलिए केंद्र सरकार को गाड़ियों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए एक स्पेशल मुआवजा फंड बनाना चाहिए।
सरकारी लैब से जवाब नहीं मिला, प्राइवेट जांच में खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब राज्य सरकार ने इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम, नयारा और शेल जैसी कंपनियों के पेट्रोल पंपों से 63 सैंपल जुटाए। शुरुआत में तेल कंपनियों की अपनी लैब्स से एथेनॉल की सही मात्रा पर कोई साफ जवाब नहीं मिला, जिससे गड़बड़ी का शक हुआ।
इसके बाद सरकार ने बेंगलुरु की ISO और NABL से मान्यता प्राप्त प्राइवेट लैब ‘श्रीराम रिसर्च इंस्टीट्यूट’ में जांच कराई, जहां पेट्रोल में ज्यादा मात्रा में एथेनॉल मिलाने की पुष्टि हुई।

