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Aditya Pancholi Controversy | Zarina Wahab Dawood Ibrahim Rakhi Rumor


10 मिनट पहले

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जरीना वहाब का जन्म 1959 में हुआ था और आदित्य पंचोली का 1965 में। जरीना उम्र में आदित्य से 6 साल बड़ी हैं। - Dainik Bhaskar

जरीना वहाब का जन्म 1959 में हुआ था और आदित्य पंचोली का 1965 में। जरीना उम्र में आदित्य से 6 साल बड़ी हैं।

2000 के दशक में कुछ हिंदी अखबारों और मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि मुंबई में आदित्य पंचोली की ‘दादागिरी’ इसलिए चलती है क्योंकि उनकी पत्नी और अभिनेत्री जरीना वहाब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती हैं। इस दावे पर आदित्य पंचोली ने कड़ी नाराजगी जताई थी।

आप की अदालत में दिए एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “मेरी बीवी 17 साल की उम्र से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रही है। एक भी उंगली आज तक उस पर नहीं उठी। वह एक मुस्लिम औरत है। मैं बोलता हूं, वो पाक है, देवी है।”

उन्होंने आगे कहा था, “उसके बारे में लिखा गया कि वो इसलिए दादागिरी करता है क्योंकि आदित्य पंचोली की बीवी जरीना वहाब, दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती है। अरे बेवकूफों, लिखने से पहले सोचो, क्या एक मुसलमान, मुसलमान को राखी बांधता है?”

आदित्य और जरीना की मुलाकात 1986 में हुई थी

आदित्य पंचोली और जरीना वहाब की लव स्टोरी बॉलीवुड की सबसे चर्चित और अनोखी कहानियों में से एक है। दोनों की पहली मुलाकात साल 1986 में नारी हीरा की वीडियो फिल्म ‘कलंक का टीका’ के सेट पर हुई थी। जरीना वहाब के मुताबिक, आदित्य उनसे उम्र में लगभग 5 साल छोटे थे और पहली मुलाकात में ही उन्हें बेहद हैंडसम लगे थे।

फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए और उन्हें प्यार हो गया। दोनों का प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि पहली मुलाकात के महज 15 से 20 दिनों के अंदर ही दोनों ने साल 1986 में शादी कर ली। यह शादी उस दौर में इसलिए भी बहुत चर्चा में रही क्योंकि जरीना मुस्लिम थीं और आदित्य हिंदू।

शादी के बाद आदित्य पंचोली का नाम कुछ अभिनेत्रियों के साथ जुड़ा, जिनमें 1993 में पूजा बेदी और 2004 के दौरान कंगना रनोट के साथ उनके रिश्ते काफी विवादों में रहे।

शादी के बाद आदित्य पंचोली का नाम कुछ अभिनेत्रियों के साथ जुड़ा, जिनमें 1993 में पूजा बेदी और 2004 के दौरान कंगना रनोट के साथ उनके रिश्ते काफी विवादों में रहे।

जरीना की मां रिश्ते को लेकर चिंतित थीं

जरीना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी मां शुरुआत में इस रिश्ते को लेकर काफी चिंतित थीं, क्योंकि आदित्य दूसरे धर्म के थे और उम्र में छोटे थे। लेकिन जरीना ने अपनी मां को समझाते हुए कहा था, “‘मां, हिंदू-मुसलमान सब एक जैसे हैं। आप ही कहती हैं कि अल्लाह की मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। तो मेरी जिंदगी का इतना बड़ा फैसला भी अल्लाह ने ही लिया है। यह फैसला मैंने नहीं, उन्होंने लिया है।’” जरीना की बात सुनकर उनके परिवार ने इस शादी को स्वीकार कर लिया।

जरीना ने लहरें को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उनकी शादी निकाह के तरीके से हुई थी। जब उनसे पूछा गया था कि क्या आदित्य ने इस्लाम कबूल किया था, तो उन्होंने कहा, “उन्होंने धर्म नहीं बदला था, लेकिन मुस्लिम रीति के अनुसार उन्हें अपना नाम बदलना पड़ा था, इसलिए उन्होंने ऐसा किया।”

आदित्य पंचोली का असली नाम निर्मल पंचोली है।

आदित्य पंचोली का असली नाम निर्मल पंचोली है।

जरीना वहाब ने बताया था कि उनकी बेटी का नाम सना एक पाकिस्तानी शो के किरदार से प्रेरित था। वहीं बेटे का नाम सूरज रखा गया, क्योंकि आदित्य की एक फिल्म में उनके किरदार का नाम सूरज था। बच्चों के नाम मुस्लिम या हिंदू रखने को लेकर परिवार में कोई चर्चा नहीं हुई। जरीना ने कहा था कि सना और सूरज को अपनी धार्मिक पहचान खुद चुनने की आजादी दी गई।

जरीना वहाब और आदित्य पंचोली के दो बच्चे बेटा सूरज पंचोली और बेटी सना हैं।

जरीना वहाब और आदित्य पंचोली के दो बच्चे बेटा सूरज पंचोली और बेटी सना हैं।

दोनों के करियर की बात करें तो जरीना वहाब ने 1970 के दशक में फिल्मों में पहचान बनाई। 1976 की ‘चितचोर’ और 1977 की ‘घरौंदा’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। ‘घरौंदा’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेशन भी मिला था। उन्होंने हिंदी के साथ मलयालम और दूसरी भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया। बाद में टीवी और फिल्मों में चरित्र भूमिकाओं में भी नजर आईं।

वहीं आदित्य पंचोली ने 1980 के दशक में अभिनय की शुरुआत की। ‘दयावान’, ‘कब तक चुप रहूंगी’, ‘कातिल’ जैसी फिल्मों से उन्होंने पहचान बनाई। आगे चलकर ‘यस बॉस’, ‘बॉडीगार्ड’, ‘रेस 2’, ‘जय हो’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। उनके करियर में हीरो के साथ-साथ विलेन और कैरेक्टर रोल भी अहम रहे।

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