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BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास की जन्मतिथि को लेकर विवाद सामने आया है। जम्मू की स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनकी जन्मतिथि में हेरफेर के आरोपों की प्रारंभिक पुलिस जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने नवाबाद पुलिस को मामले की जांच कर 3 सितंबर 2026 या उससे पहले रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मन्हास जम्मू-कश्मीर से BCCI अध्यक्ष बनने वाले पहले व्यक्ति हैं। उन्हें सितंबर 2025 में इस पद के लिए चुना गया था। वे पूर्व भारतीय फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर हैं और अपने क्रिकेट करियर में जम्मू-कश्मीर और दिल्ली को रिप्रेजेंट कर चुके हैं। पूर्व एसपी ने शिकायत की मामला पूर्व डिप्टी और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त मानद सचिव सुदर्शन मेहता की शिकायत के बाद सामने आया। मेहता ने आरोप लगाया है कि मन्हास ने जूनियर क्रिकेट में राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों के लिए पात्रता हासिल करने के उद्देश्य से अपनी जन्मतिथि से जुड़े अलग-अलग रिकॉर्ड इस्तेमाल किए। हालांकि, कोर्ट ने अभी मन्हास को दोषी नहीं माना है और न ही सीधे FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने पहले प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। शिकायत में दो अलग-अलग जन्मतिथियों का दावा शिकायतकर्ता के मुताबिक, मन्हास की जन्मतिथि अलग-अलग रिकॉर्ड में अलग दर्ज है। शिकायत में महाराजा हरि सिंह एग्रीकल्चर कॉलेजिएट स्कूल (MHAC), नागबनी के रिकॉर्ड का हवाला दिया गया है, जिसमें उनकी जन्मतिथि 9 दिसंबर 1977 बताई गई है। वहीं, दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) की आधिकारिक वेबसाइट पर उनकी जन्मतिथि 12 अक्टूबर 1979 दर्ज होने का दावा किया गया है। यानी दोनों रिकॉर्ड में करीब दो साल का अंतर है। यही अंतर शिकायत का मुख्य आधार है। मेहता ने इन आरोपों के आधार पर धोखाधड़ी, चीटिंग और जालसाजी से जुड़े प्रावधानों के तहत FIR दर्ज करने की मांग की थी। शिकायत में IPC की धाराओं 415, 420 और 462 का उल्लेख किया गया है और इनके संबंधित BNS प्रावधानों का भी जिक्र है।
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BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास की जन्मतिथि पर विवाद:जम्मू कोर्ट ने पुलिस को जांच के आदेश दिए, 3 सितंबर तक रिपोर्ट मांगी