वॉशिंगटन डीसी23 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मतदाता और नागरिकता रिकॉर्ड की जांच में 24 हजार से ज्यादा गैर-अमेरिकी नागरिकों के वोट डालने का पता चला है।
ट्रम्प ने आगे कहा कि अमेरिकी जनगणना ब्यूरो मतदाता रिकॉर्ड और नागरिकता रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है। अब तक 12.8 करोड़ मतदाताओं की जांच की जा चुकी है। अभी 3.2 करोड़ और मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच होनी बाकी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, अवैध मतदान के मामलों की संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2020 के चुनाव में उनकी ही जीत हुई थी। ट्रम्प ने कहा कि चुनाव में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए वे ‘सेव अमेरिका एक्ट’ लाने वाले हैं।

ट्रम्प क्यों उठा रहे हैं यह मुद्दा?
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग के लिए पहचान संबंधी जानकारी देनी होती है। हालांकि पूरे देश में एक जैसा नियम नहीं है। हर राज्य के अपने चुनावी नियम हैं। इसलिए वोट डालने के लिए मांगे जाने वाले दस्तावेज भी राज्य के हिसाब से बदलते हैं।
वॉशिंगटन डीसी समेत 15 ऐसे राज्य हैं जहां वोट डालने के लिए फोटो आईडी जरूरी नहीं है। इनमें से ज्यादातर राज्य ऐसे हैं जहां चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत होती है।
ट्रम्प और उनकी पार्टी के नेता का आरोप है कि जिन राज्यों में फोटो आईडी जरूरी नहीं है, वहां किसी और के नाम पर वोट डालने या गैर-नागरिकों के मतदान का खतरा रहता है। इसलिए वे सख्त पहचान और नागरिकता जांच की मांग कर रहे हैं।

सेव अमेरिका ऐक्ट के लिए समर्थन जुटा रहे ट्रम्प
डोनाल्ड ट्रम्प ने 24 हजार गैर-नागरिकों के कथित अवैध मतदान का मुद्दा ऐसे समय उठाया है, जब वह सेव अमेरिका ऐक्ट के लिए समर्थन जुटा रहे हैं। अगर ये कानून पास होता है तो वोटर रजिस्ट्रेशन के समय नागरिकता का प्रमाण देना अनिवार्य होगा।
ट्रंप और उनके समर्थकों का कहना है कि इससे गैर-नागरिकों के मतदान पर रोक लगेगी और चुनावी प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित होगी।

2020 में राष्ट्रपति चुनाव हार गए थे ट्रम्प
अमेरिका में 2020 का राष्ट्रपति चुनाव जो बाइडेन ने जीता था। उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रम्प को हराया था। इस चुनाव में बाइडेन को 8.1 करोड़ वोट मिले, जबकि ट्रम्प को 7.4 करोड़ वोट मिले।
इलेक्टोरल कॉलेज में बाइडेन को 306 वोट जबकि ट्रम्प को 232 वोट मिले। वहां राष्ट्रपति चुनाव का नतीजा इलेक्टोरल वोट से ही तय होता है।
हर राज्य को उसकी आबादी और संसद में उसके प्रतिनिधित्व के आधार पर कुछ इलेक्टोरल वोट मिलते हैं। अमेरिका में सभी राज्यों को मिलाकर 538 इलेक्टोरल वोट हैं। राष्ट्रपति बनने के लिए किसी उम्मीदवार को 270 वोट चाहिए।
उदाहरण के लिए, अगर किसी उम्मीदवार को किसी राज्य में सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, तो आम तौर पर उस राज्य के सभी इलेक्टोरल वोट उस उम्मीदवार को मिल जाते हैं।
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