Headlines

Ganga Aarti Held at London Thames River


लंदन40 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
गंगा आरती के दौरान दिए जलाए गए, लेकिन नदी में कोई दीया नहीं बहाया गया। - Dainik Bhaskar

गंगा आरती के दौरान दिए जलाए गए, लेकिन नदी में कोई दीया नहीं बहाया गया।

लंदन में रविवार को पहली बार थेम्स नदी के किनारे गंगा आरती का आयोजन हुआ। इस आरती में हजारों लोग शामिल हुए थे। भजन और मंत्रों के जाप के साथ हुई आरती ने थेम्स के किनारे वाराणसी के घाटों जैसी झलक दिखाई।

चिन्मय मिशन UK ने टोटली थेम्स फेस्टिवल के साथ मिलकर यह आयोजन किया। यह चिन्मय मिशन के 75 साल पूरे होने के मौके पर हो रहे कार्यक्रमों का हिस्सा था। आरती के जरिए नदी, प्रकृति और जीवन के लिए आभार जताया गया।

फीडबैक को देखते हुए थेम्स नदी के किनारे गंगा आरती हर साल आयोजित की जा सकती है।

थेम्स नदी के किनारे हुई गंगा आरती में हिन्दु समुदाय समेत कई लोग शामिल हुए।

थेम्स नदी के किनारे हुई गंगा आरती में हिन्दु समुदाय समेत कई लोग शामिल हुए।

भजन, मंत्र और दीपों के साथ हुई आरती

कार्यक्रम में भजन, मंत्रोच्चार और संगीत प्रस्तुतियां हुईं। बड़ी संख्या में लोगों ने आरती में हिस्सा लिया और दिए जलाकर नदी के लिए सम्मान जताया।

चिन्मय मिशन UK की रेजिडेंट टीचर ब्रह्मचारिणी श्रीप्रिया चैतन्य ने कहा कि पीढ़ियों से लोग गंगा के किनारे नदी, प्रकृति और जीवन के लिए सम्मान जताने के लिए दिए जलाते हैं। थेम्स पर हुई यह आरती इसी भावना को लंदन तक पहुंचाने की कोशिश है।

गंगा आरती से पहले कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

गंगा आरती से पहले कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

उन्होंने कहा कि चिन्मय मिशन के लिए गंगा सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि ज्ञान के प्रवाह का भी प्रतीक है। मिशन के संस्थापक स्वामी चिन्मयानंद ने वेदांत के ज्ञान को लोगों तक पहुंचाने के लिए अपना जीवन लगा दिया था। चिन्मय मिशन के 75 साल पूरे होने के मौके पर यह आयोजन उनकी इसी विरासत को याद करने का एक तरीका था।

थेम्स में नहीं बहाए गई पूजा सामाग्री

थेम्स के किनारे मां गंगा की आरती के कई वीडियो सामने आए हैे।

थेम्स के किनारे मां गंगा की आरती के कई वीडियो सामने आए हैे।

इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि आरती के दौरान थेम्स नदी में कोई दिए, फूल या दूसरी पूजा सामग्री नहीं डाली गई।

चिन्मय मिशन के प्रवक्ता ने बताया कि आरती में इस्तेमाल किए गए दीपक भी नदी में नहीं छोड़े गए, बल्कि किनारे पर ही रखे गए।

कार्यक्रम में कचरा कम करने और सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल घटाने पर भी ध्यान दिया गया। यानी आयोजन में धार्मिक परंपरा के साथ नदी और पर्यावरण की जिम्मेदारी को भी जोड़ा गया।

चिन्मय मिशन के 350 से ज्यादा केंद्र

थेम्स नदी के किनारे हुई इस आरती के दौरान लोग भक्ती में रमे नजर आए।

थेम्स नदी के किनारे हुई इस आरती के दौरान लोग भक्ती में रमे नजर आए।

चिन्मय मिशन की स्थापना 1951 में हुई थी। यह वेदांत पर आधारित वैश्विक संगठन है और दुनिया भर में इसके 350 से ज्यादा केंद्र हैं।

वहीं, टोटली थेम्स फेस्टिवल 1997 से आयोजित हो रहा है। इसमें थेम्स नदी से जुड़े कला, पर्यावरण, विरासत और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम होते हैं।

————————–

ये खबर भी पढ़ें…

ब्रिटेन पहुंचे मोहन भागवत, हिंदू संगठनों ने स्वागत किया

100 से ज्यादा ब्रिटिश हिंदू संगठनों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत का ब्रिटेन पहुंचने पर स्वागत किया। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Newsmatic - News WordPress Theme 2026. Powered By BlazeThemes.