18 मिनट पहले
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भारी खर्च और बढ़ते वर्कफोर्स के बीच टेक कंपनी गूगल ने 5 देशों में बायआउट का ऐलान किया। कंपनी ने खर्च में कटौती करने के लिए कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड के कर्मचारियों को अपनी इच्छा से नौकरी छोड़ने यानी एग्जिट पैकेज (बायआउट) का ऑफर दिया है।
गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने अपनी AI स्ट्रैटेजी पर फोकस करने और प्राथमिकताओं के हिसाब से रिसोर्सेज को शिफ्ट करने के लिए यह फैसला लिया है। इस फैसले के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारत में काम कर रहे कर्मचारी भी इसके दायरे में आएंगे।
5 देशों में ऑफर, भारत का नाम शामिल नहीं
गूगल के स्पोक्सपर्सन ने रायटर्स को दिए बयान में कहा कि कंपनी ने जून से कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में कुछ कर्मचारियों के लिए ‘वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम’ शुरू किया है। गूगल ने फिलहाल इस एग्जिट पैकेज में भारत के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया है।
AI पर भारी खर्च से वॉल स्ट्रीट चिंतित
गूगल और अन्य बड़ी कंपनियां AI तकनीक पर पानी की तरह पैसा बहा रही हैं। इस भारी खर्च से वॉल स्ट्रीट के निवेशक चिंतित हैं, जिससे अल्फाबेट के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई है।
हाल ही में टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपने खर्चों पर लगाम लगाने के लिए 60,000 कर्मचारियों को बायआउट कॉन्ट्रैक्ट का ऑफर दिया था।
सितंबर 2026 तक 2.04 लाख के पार पहुंचा वर्कफोर्स
पिछले कुछ समय में अल्फाबेट का हेडकाउंट लगातार बढ़ा है। सितंबर 2026 के आखिरी तक गूगल में कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 2.04 लाख तक पहुंच गई।
कंपनी ने महज 6 महीनों में करीब 10,000 नए कर्मचारी जोड़े हैं। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में दर्ज की गई जब ज्यादातर अन्य टेक कंपनियां अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजी बदलकर कर्मचारियों की संख्या घटाने में लगी थीं।
विज को खरीदने से 2,000 कर्मचारी बढ़े
कर्मचारियों की संख्या में इस उछाल का एक बड़ा कारण अधिग्रहण भी रहा। इस साल मार्च में गूगल ने साइबर सिक्योरिटी फर्म ‘विज’ (Wiz) को खरीदा था। जिसके बाद विज के 2,000 कर्मचारियों को गूगल में शामिल किया गया था।
रिसोर्सेज को अहम हिस्सों में शिफ्ट करना चाहती है कंपनी
सुंदर पिचाई की लीडरशिप वाली कंपनी अब अपने रिसोर्सेज को उन सेक्टरों में ट्रांसफर करना चाहती है जो प्रायोरिटी लिस्ट में ऊपर हैं।
गूगल पिछले साल से अमेरिका और ब्रिटेन के कुछ डिवीजन्स में यह एग्जिट प्रोग्राम चला रही है। इसे उन कर्मचारियों के लिए ऑप्शन बताया गया है जो अब कंपनी की रफ्तार और दिशा से सहमत महसूस नहीं करते।
क्या होता है बायआउट ऑफर?
जब कोई कंपनी सीधे कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के बजाय खुद इस्तीफा देने का ऑप्शन देती है, तो उसे बायआउट या वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम कहते हैं।
इसके तहत इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों को सर्विस के बदले एकमुश्त सेवरेंस पैकेज (पैसा) और एडिशनल बेनिफिट्स दिए जाते हैं।
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माइक्रोसॉफ्ट ने करीब 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया है। कंपनी ने इसके बदले ग्रेड के मुताबिक एक साल तक की सैलरी एकमुश्त देने की बात कही है।
कंपनी AI और सिस्टम बनाने में हुए खर्च की भरपाई के लिए कर्मचारियों की संख्या कम करने जा रही है। कंपनी में कुल 2.23 लाख कर्मचारी हैं, जिनमें 23 हजार भारत में हैं। पूरी खबर पढ़ें…
