नई दिल्ली3 मिनट पहले
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भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग वेबसाइट IRCTC का नया वर्जन लॉन्च कर दिया गया है। इस अपग्रेड का मुख्य मकसद हर दिन टिकट बुक करने वाले लाखों यात्रियों के अनुभव को आसान और तेज बनाना है। इस बड़े बदलाव को समझने के लिए पूरी खबर पढ़ें इस खास Q&A रिपोर्ट में:
सवाल 1: IRCTC की इस नई वेबसाइट को लेकर क्या अपडेट आया है?
जवाब: IRCTC की वेबसाइट का बीटा वर्जन 15 जुलाई 2026 को रात 9 बजे से लाइव हो गया है। पिछले महीने जयपुर के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के दौरे पर गए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छात्रों से बातचीत के दौरान यह घोषणा की थी कि 15 जुलाई तक IRCTC की नई वेबसाइट लॉन्च कर दी जाएगी।
सवाल 4: आम यात्रियों के लिए नई बीटा वेबसाइट में कौन से बड़े सुधार किए हैं?
जवाब: रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत के लिए मुख्य रूप से चार बड़े तकनीकी सुधार किए गए हैं:
- स्मार्ट कैप्चा: अब लॉगिन या बुकिंग के दौरान परेशान करने वाले कैप्चा नहीं दिखाई देंगे। साथ ही, फालतू के पॉप-अप, चमकने वाले ग्राफिक्स और ध्यान भटकाने वाले एलिमेंट्स भी नहीं है।
- सीटों की उपलब्धता: अब यूजर्स को अलग-अलग क्लास जैसे- स्लीपर, थर्ड एसी, सेकंड एसी के लिए बार-बार सर्च नहीं करना होगा। सभी श्रेणियों में सीटों की उपलब्धता एक साथ स्क्रीन पर दिखेगी।
- फास्ट चेकआउट: आईआरसीटीसी ने बुकिंग के लिए ‘फास्टर चेकआउट’ फीचर पेश किया है। टिकट बुक करते समय यात्रियों को जितने स्टेप्स से गुजरना पड़ता था, उनकी संख्या कम कर दी गई है। स्टेप्स कम होने से बुकिंग की पूरी प्रक्रिया में लगने वाला समय घट जाएगा।
- आसान रिपीट बुकिंग: बार-बार यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ‘इजीअर रिपीट बुकिंग’ की सुविधा दी गई है। इसमें यात्रियों की डिटेल्स पहले से सेव रहेंगी। अगली बार टिकट बुक करते समय आपको दोबारा नाम, उम्र या अन्य जानकारियां नहीं भरनी होंगी।

सवाल 5: बीटा वेबसाइट एक्सेस कैसे होगी और इसका लिंक कहां मिलेगा?
जवाब: यात्री https://www.irctc.co.in/eticket/ पर जाकर नए पोर्टल का अनुभव ले सकते हैं। इसके अलावा, जो लोग IRCTC की पुरानी या मौजूदा होमपेज वेबसाइट पर जा रहे हैं, उन्हें भी मुख्य पेज पर ही नई बीटा वेबसाइट पर जाने के लिए सीधा लिंक उपलब्ध करा दिया गया है।
सवाल 2: बीटा वर्जन जारी करने के पीछे रेलवे का असली मकसद क्या है?
जवाब: बीटा वर्जन लॉन्च करने का मुख्य उद्देश्य आम यात्रियों से फीडबैक और सुझाव लेना है। रेल यात्री नई वेबसाइट का इस्तेमाल करके इसके फीचर्स पर अपनी राय दे सकेंगे। इस फीडबैक के आधार पर आने वाले समय में वेबसाइट में और जरूरी सुधार किए जाएंगे, ताकि कस्टमर सेटिस्फेक्शन बढ़ सके।
सवाल 3: IRCTC वेबसाइट पर कितना लोड है, जिसके चलते बदलाव की जरूरत पड़ी?
जवाब: साल 2002 में लॉन्च की गई IRCTC वेबसाइट देश के सबसे व्यस्त ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक है। पहले इसपर ट्राफिक कम था, लेकिन वर्तमान में इस वेबसाइट के जरिए रोजाना औसतन 14.5 लाख ट्रेन टिकट बुक किए जाते हैं। इतने बड़े यूजर बेस को बिना किसी रुकावट तेज सर्विस देने और तकनीकी रूप से अप-टू-डेट रखने के लिए इस वेबसाइट के पूरे ढांचे को अपग्रेड करना जरूरी हो गया था।
सवाल 6: क्या यह बदलाव सिर्फ वेबसाइट के डिजाइन तक सीमित है?
जवाब: नहीं, यह सिर्फ बाहरी डिजाइन का बदलाव नहीं है। भारतीय रेलवे इसके साथ ही अपने बैकएंड सिस्टम को भी बदल रहा है। दशकों पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन को समानांतर रूप से अपग्रेड किया जा रहा है।
सवाल 7: पुराना पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन बदलने में क्या चुनौतियां आ रही हैं?
जवाब: रेलवे के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इस पूरे अपग्रेडेशन के दौरान ट्रेन टिकट बुकिंग की लाइव सर्विस को एक मिनट के लिए भी बंद नहीं किया जा सकता था। चालू सिस्टम के साथ ही बैकएंड में यह काम करना काफी चुनौतीपूर्ण था। नया पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन भी जल्द लॉन्च कर दिया जाएगा।
सवाल 8: नई वेबसाइट पूरी तरह से फंक्शनल कब तक हो जाएगी?
जवाब: चूंकि पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन और नई वेबसाइट दोनों पर एक साथ काम चल रहा है, इसलिए रेलवे ने स्पष्ट किया है कि बीटा वर्जन से यूजर फीडबैक लेने और इंजन का काम पूरा होने के बाद, अगले कुछ हफ्तों के भीतर पूरी तरह से फंक्शनल नया IRCTC पोर्टल सभी के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। तब तक यात्री बीटा वर्जन का इस्तेमाल कर सकते हैं और पुराने पोर्टल से भी सामान्य बुकिंग जारी रख सकते हैं।
रीडर्स के लिए टिप्स: नई वेबसाइट पर फीडबैक कैसे दें?
- आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर दिए गए बीटा वर्जन के लिंक पर क्लिक करें।
- नए इंटरफेस पर जाकर लॉगइन करें और टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को अनुभव करें।
- होमपेज पर दिए गए ‘फीडबैक’ विकल्प पर जाकर बताएं कि नया लेआउट कैसा लगा।
- अगर आपको सीट देखने या भुगतान करने में कोई दिक्कत आती है, तो उसे स्क्रीनशॉट के साथ सबमिट करें ताकि फाइनल रोलआउट से पहले रेलवे उसे ठीक कर सके।
