नई दिल्ली8 मिनट पहले
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लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस सस्ते हो सकते हैं, क्योंकि बीमा की देखभाल करने वाली संस्था IRDAI ने इंश्योरेंस बेचने के नियम बदलने की तैयारी कर रही है।
IRDAI ने 23 सितंबर को एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कंपनियों के खर्च घटाने, एजेंट्स के कमीशन को साफ-साफ बताने और मिस-सेलिंग यानी गलत जानकारी देकर पॉलिसी बेचने को रोकने के लिए नए नियम लागू करने का प्रस्ताव दिया है।
इन नए नियमों का सीधा फायदा और असर आपकी जेब, सही पॉलिसी चुनने और बीमा खरीदने के पूरे तरीके पर पड़ेगा।
कंपनियों का खर्च 12.5% तक घटाने की तैयारी
- लाइफ इंश्योरेंस: सरकार ने नया नियम बनाया है कि कंपनियां अपना खर्चा अगले 2 साल में घटाकर 15% और 5 साल में 12.5% करेंगी।
- हेल्थ और वाहन बीमा: कंपनियां अपना खर्च अगले 5 साल में 30% से घटाकर 20% पर लाएंगी।
- ग्राहक को फायदा: कंपनियों का खर्च घटने से पॉलिसियों के दाम कम होंगे और बचत वाली स्कीमों पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा।
एजेंट को मिलने वाले कमीशन जानकारी देनी होगी
अब आपको साफ-साफ पता चलेगा कि आपकी पॉलिसी बेचने पर एजेंट या बैंक को कितना कमीशन मिल रहा है।
नए नियम के अनुसार कंपनियों को कमीशन की पूरी जानकारी आसान भाषा में बतानी होगी, ताकि ग्राहक को मालूम रहे कि उसके दिए पैसों में से कितना हिस्सा एजेंट की जेब में जा रहा है।
मिस-सेलिंग रोकने के लिए तीन नियम
- एजेंट की पहचान जुड़ेगी: पॉलिसी के कागज पर उसे बेचने वाले एजेंट या कर्मचारी की ID दर्ज होगी। साथ ही, कौन-सी कंपनी कितनी मिस-सेलिंग यानी झूठ बोल पॉलिसी बेच रही है, इसका पूरा डेटा भी आम जनता के लिए सार्वजनिक किया जाएगा।
- कमिशन वापस लिया जाएगा: अगर यह साबित होता है कि एजेंट या बैंक ने झूठ बोलकर या गलत जानकारी देकर आपको पॉलिसी बेची है, तो कंपनी उनसे अपना दिया गया कमीशन वापस लेगी।
- टारगेट और इनाम पर रोक: बैंक और कंपनियों के कर्मचारियों को जबरन ज्यादा से ज्यादा पॉलिसी बेचने के लिए मिलने वाले इनाम और टारगेट पर रोक लगाई जाएगी।
बीमा सुगम से डिजिटल सर्विस और क्लेम आसान होगा
- बीमा सुगम: ये सरकार का एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जिससे ग्राहक घर बैठे अलग-अलग कंपनियों की पॉलिसियों की तुलना कर सकेंगे।
- क्लेम आसान: इसके जरिए एक कंपनी से दूसरी कंपनी में पॉलिसी शिफ्ट (पोर्ट) करना और क्लेम के पैसे पाना पहले से काफी तेज और आसान हो जाएगा।
