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26 मिनट पहले
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पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर मंगलवार को वीडियो जारी किया।
देश की आर्थिक विकास दर 7.8% रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का नतीजा है।
PM ने एक बार फिर लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘अगर जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदना चाहिए।’ इससे पहले 11 मई को भी PM ने देशवासियों से सोना नहीं खरीदने की अपील की थी।

पीएम बोले- कुछ लोग ‘झूठ की गूंज’ के सहारे माहौल खराब करने में लगे
पीएम मोदी ने कहा- देश के अंदर भी कुछ लोग निराशा फैलाने और ‘झूठ की गूंज’ के सहारे माहौल खराब करने में लगे हैं। इन सभी चुनौतियों को पार करते हुए भारत ने 7.8% की विकास दर हासिल की है। देश को यही रफ्तार बनाए रखनी होगी और आगे भी तेजी से विकास करना होगा।
उन्होंने कहा, विदेश में घूमने के लिए यात्राएं करने और विदेश में शादी करने से बचना चाहिए। लोगों को मेक इन इंडिया के मंत्र के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
पीएम ने यह भी कहा, जितना ज्यादा स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जाएगा, भारत उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब देश की युवा पीढ़ी को एक विकसित भारत सौंपा जाएगा।
भास्कर नॉलेज में जानें कि सोने खरीदने से रुपया कैसे कमजोर होगा, इसका महंगाई पर क्या असर होगा और फिजिकल गोल्ड की जगह कहां निवेश किया जा सकता है?
सोने का आयात कम हो तो रुपया मजबूत होता है
भारत अपने इस्तेमाल का करीब 99% सोना विदेशों से खरीदता है। 2025-26 में सोने का ये इम्पोर्ट बिल करीब 6.4 लाख करोड़ रुपए का था।
भारत को विदेश से सोना खरीदने पर विदेशी मुद्रा डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जब हम सोना कम खरीदते हैं, तो देश का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहता है और डॉलर की मांग कम हो जाती है। डॉलर की मांग घटने से विदेशी मुद्रा बाजार में रुपए पर दबाव कम होता है, जिससे रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत बना रहता है।
रुपया मजबूत हो तो महंगाई कम होती है
रुपए के मजबूत होने से कच्चे तेल और अन्य जरूरी चीजों का आयात सस्ता हो जाता है, क्योंकि भारत को इनके भुगतान के लिए कम रुपए खर्च करने पड़ते हैं। इससे देश में महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
भारत ने इस साल 4.76% कम सोना खरीदा, 24% ज्यादा भुगतान किया
2025-26 में भारत ने पिछले कारोबारी साल के मुकाबले 4.76% कम सोना खरीदा, लेकिन सोने के इम्पोर्ट बिल में 24% तक का उछाल आया। इसकी सबसे बड़ी वजह थी- सोने की तेजी से बढ़ती कीमतें। अभी सोने की कीमत करीब 1.43 लाख डॉलर प्रति किलो है।
सोने की जगह ETF में निवेश कर सकते हैं
फिजिकल गोल्ड (जैसे गहने या सिक्के) के मुकाबले ETF में निवेश करना अधिक सुरक्षित और फायदेमंद है। जैसे इसकी चोरी का डर नहीं होता। लॉकर का खर्च नहीं लगता।
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