2 मिनट पहले
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पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि ऋषभ पंत अब तक अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि पंत को ‘एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला खिलाड़ी’ कहकर टीम मैनेजमेंट को उन्हें खास समर्थन नहीं देना चाहिए।
अश्विन के मुताबिक, पंत के फैसले लेने के तरीके की वजह से वे वनडे और टी20 इंटरनेशनल टीम में नहीं खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंत को सच्चाई बताई जाएगी, तो वे भारत के लिए हर फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं।

पंत फिल्हाल सिर्फ टेस्ट मैच खेल रहे हैं।
पंत को खास ट्रीटमेंट देने के खिलाफ
अश्विन ने ‘अश्विन की बात’ कार्यक्रम में कहा, “किसी एक खिलाड़ी को खास ट्रीटमेंट मत दीजिए। अगर एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाले खिलाड़ी को समर्थन देना है, तो यह समर्थन सभी को दीजिए। यशस्वी जायसवाल भी ऐसे ही खिलाड़ी हैं।”
उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि ऋषभ अनुभवी हैं। वे 50 टेस्ट खेल चुके हैं और उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यह तर्क मत दीजिए कि वे एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाले खिलाड़ी हैं। उनके फैसले लेने के तरीके की वजह से ही वे बाकी दो फॉर्मेट में नहीं खेल रहे हैं। जिस दिन आप उन्हें सच बताएंगे, वे भारत के लिए हर फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।”
अश्विन ने कहा कि अहम मौकों पर खराब फैसले लेने के लिए पंत की आक्रामक बल्लेबाजी को बहाना नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस फॉर्मेट में हालात के हिसाब से खेलना जरूरी है।
‘पंत से मेरी उम्मीद अब तक पूरी नहीं हुई’
अश्विन ने कहा, “ऋषभ पंत से मेरी उम्मीद अब तक पूरी नहीं हुई है। इसके लिए मुझे बहुत अफसोस है। सोनल दिनूषा का स्ट्राइक रेट भी काफी अच्छा था, लेकिन अंतर ज्यादा जोखिम वाले विकल्पों का है।”
उन्होंने कहा, “जब खेल आपके हाथ में हो, तब लोग कहते हैं- ‘ऋषभ इसी तरह खेलते हैं।’ लेकिन बात यह है कि आपकी टीम को क्या चाहिए।”
अश्विन ने पंत की बल्लेबाजी के तरीके पर कहा कि निर्णायक मौकों पर लिए गए जोखिमों को सही नहीं ठहराया जा सकता। उनके मुताबिक, टीम की जरूरत के हिसाब से फैसले लेना जरूरी है।
सिडनी और ब्रिस्बेन की पारियों का जिक्र
अश्विन ने कहा, “ऋषभ ने सिडनी और ब्रिस्बेन में शानदार पारियां खेलीं, लेकिन वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के बिना आप वह मैच नहीं जीत सकते थे।”
उन्होंने कहा, “टेस्ट मैच बनाने और उसके आखिरी सेशन में जीतने के लिए 11 क्रिकेटर्स की जरूरत होती है, लेकिन एक टेस्ट हारने के लिए सिर्फ एक पल की मूर्खता काफी होती है।”
हाल ही में खत्म हुई श्रीलंका सीरीज में पंत ने 168 रन बनाए थे। इसमें दो टेस्ट मैचों में उनके दो अर्धशतक शामिल थे। कोलंबो में दूसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद भारत ने यह सीरीज 1-0 से जीती।
सेहवाग और गिलक्रिस्ट से तुलना पर जवाब
अश्विन ने पंत की आक्रामक बल्लेबाजी की तुलना वीरेंद्र सेहवाग और एडम गिलक्रिस्ट जैसे पुराने महान खिलाड़ियों से करने की बात भी खारिज की।
उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ उन मौकों की बात कर रहा हूं, जब मैच निर्णायक स्थिति में हो और ऐसे शॉट खेले जाएं। मुझे खिलाड़ी के तौर पर ऋषभ पसंद हैं। इस फॉर्मेट में हालात के मुताबिक खेलना जरूरी है।”
अश्विन ने कहा, “सेहवाग और गिलक्रिस्ट ने आक्रामक क्रिकेट खेला, लेकिन जब उनकी टीम 500 रन पीछे होती थी, तब वे मार्को यानसन की गेंद पर आगे बढ़कर शॉट खेलने के दौरान आउट नहीं होते थे।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरे सामने इन खिलाड़ियों के बारे में ऐसी मार्केटिंग वाली बातें दोबारा मत रखिए।”
