13 मिनट पहले
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रिलायंस और रोल्स रॉयस ने भारत में एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बताई है। इसमें AMCA इंजन के संभावित संयुक्त विकास की क्षमता तैयार की जाएगी।
कंपनियों के मुताबिक, यह कॉम्प्लेक्स एयरो इंजन की पूरी लाइफसाइकिल के लिए काम करेगा। इसमें डिजाइन और डेवलपमेंट से लेकर निर्माण, टेस्टिंग, प्रोडक्शन और बाद में लाइफटाइम सपोर्ट शामिल होगा।
यह सुविधा सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट नहीं होगी। इसे इंजीनियरिंग, प्रोडक्शन और सपोर्ट से जुड़ी प्रोपल्शन क्षमताओं के व्यापक केंद्र के तौर पर तैयार करने की योजना है।
रिलायंस की भूमिका क्या होगी
रिलायंस के मुताबिक, वह इस साझेदारी में अपनी टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, बड़े स्तर पर काम करने की क्षमता और प्रोजेक्ट पूरा करने का अनुभव लाएगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि इस साझेदारी का मकसद भारत में एडवांस्ड एयरो इंजन टेक्नोलॉजी से जुड़ा घरेलू इकोसिस्टम तैयार करना है।
उन्होंने कहा, “भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी में देश की अपनी क्षमता जरूरी है। रोल्स रॉयस के साथ हमारा मकसद एडवांस्ड प्रोपल्शन में उसकी दुनिया की अग्रणी विशेषज्ञता को रिलायंस की टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, बड़े स्तर पर काम करने और प्रोजेक्ट पूरा करने की क्षमताओं के साथ जोड़ना है। इससे भारत में स्वदेशी एयरो इंजन इकोसिस्टम तैयार किया जा सकेगा।”
अंबानी ने कहा कि दोनों कंपनियां ऐसी स्थायी राष्ट्रीय क्षमता बनाना चाहती हैं, जो भारत को आत्मनिर्भर बनाए। समय के साथ इससे एडवांस्ड प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी में भारत को दुनिया के स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी।
रोल्स रॉयस क्या योगदान देगी
रोल्स रॉयस प्रस्तावित साझेदारी में एडवांस्ड इंजीनियरिंग और एयरक्राफ्ट इंजन से जुड़ी अपनी विशेषज्ञता देगी।
रोल्स रॉयस पीएलसी के CEO तुफान एर्गिनबिल्गिच ने कहा कि यह सहयोग कंपनी की इंजीनियरिंग विरासत और इंजन क्षमताओं को भारत में रिलायंस की औद्योगिक मौजूदगी के साथ जोड़ेगा।
उन्होंने कहा, “मैं रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर काम करने का अवसर पाकर उत्साहित हूं। इससे एडवांस्ड इंजीनियरिंग में हमारी सौ साल की विरासत और प्रमाणित इंजन विशेषज्ञता को भारतीय उद्योग में उनके घरेलू नेतृत्व के साथ जोड़ने का मौका मिलेगा।”
एर्गिनबिल्गिच ने कहा कि भारत में रोल्स रॉयस की मौजूदा साझेदारियों और क्षमताओं के साथ यह प्रस्तावित सहयोग मजबूत और आत्मनिर्भर एयरोस्पेस इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
AMCA से आगे भी सहयोग के मौके
प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल सिर्फ तत्काल AMCA कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह सकता। रिलायंस और रोल्स रॉयस ने कहा कि यह साझेदारी डिफेंस, सिविल एयरोस्पेस और नई पावर व प्रोपल्शन प्रणालियों में व्यापक सहयोग के मौके तलाशने की क्षमता भी खोलेगी।
यह पहल आत्मनिर्भर भारत के विजन और स्वदेशी एडवांस्ड प्रोपल्शन क्षमताएं विकसित करने के लिए दोनों कंपनियों के घोषित समर्थन से भी जुड़ी है।
हालांकि, घोषणा में इस व्यवस्था को अभी “रणनीतिक इरादा” बताया गया है। कंपनियों ने कहा है कि वे एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स बनाने और AMCA इंजन के प्रस्तावित संयुक्त विकास की संभावना तलाशेंगी।
जारी की गई जानकारी में प्रोजेक्ट की निवेश राशि, निर्माण शुरू होने की समयसीमा और प्रोडक्शन क्षमता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
