17 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

सबा मंसूर अली खान पटौदी और शर्मिला टैगोर की बड़ी बेटी हैं। वह सैफ की छोटी बहन और सोहा की बड़ी बहन हैं।
एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की बेटी सबा अली पटौदी ने हाल ही में अपने माता-पिता की अंतरधार्मिक शादी और धार्मिक परवरिश पर बात की है। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उनकी मां ने इस्लाम अपनाया था और बच्चों को भी इसके बारे में सिखाया।
सबा ने यह बात यूट्यूब चैनल ‘बिग बॉलीवुड बफ्स’ से बातचीत में कही। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें, सैफ अली खान और सोहा अली खान को कोई धर्म मानने के लिए मजबूर नहीं किया।
जब इंटरव्यू में उनसे सवाल पूछा गया, “क्या आप धार्मिक हैं?” इस पर सबा ने जवाब दिया, “मैं बहुत धार्मिक हूं, लेकिन मुझे लगता है कि धर्म से ज्यादा मैं आध्यात्मिक हूं। हालांकि, आध्यात्मिक होने के लिए मेरा जुड़ाव इस्लाम से है। इसलिए मेरे लिए दोनों लगभग एक ही हैं। मैं कहूंगी कि मेरा धर्म इस्लाम है और मेरा इससे जुड़ाव है। अगर मुझे भगवान के बारे में सोचना हो, तो मैं उन्हें अल्लाह कहूंगी।”

सबा अली खान पटौदी एक फेमस ज्वेलरी डिजाइनर और भोपाल रियासत के शाही चैरिटेबल ट्रस्ट ‘औकाफ-ए-शाही’ की मुख्य प्रबंधक (मुतवल्ली) हैं।
सबा ने आगे कहा, “इसका मतलब यह नहीं है कि मैं दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करती। बिल्कुल नहीं। मुझे लगता है कि बौद्ध धर्म भी काफी हद तक मेरी सोच से जुड़ता है और सभी धर्मों की बात करें, तो एक ही शक्ति का स्रोत है। मैं इसमें भी विश्वास करती हूं। आप उसे अल्लाह कह सकते हैं, राम कह सकते हैं या अपनी सुविधा के हिसाब से कोई भी नाम दे सकते हैं। मैं शायद उन्हें अल्लाह कहूंगी, लेकिन वास्तव में वह एक ही एनर्जी का सोर्स है, जिससे हम सभी जुड़े हुए हैं। इसलिए यह वास्तव में अलग नहीं है।”
शादी के बाद शर्मिला टैगोर ने इस्लाम अपनाया था
सबा ने अपने मां शर्मिला टैगोर को लेकर बताया, “जब अम्मा और अब्बा की शादी हुई, तो मेरी मां ने वास्तव में इस्लाम धर्म अपना लिया था। उन्होंने हमें भी इस्लाम के बारे में बताया, ताकि हम कन्फ्यूज न हों और हमें किसी तरह की एक समझ मिल सके। इसलिए हमारे घर में मंदिर नहीं था। हमने हिंदू धर्म का पालन नहीं किया। वास्तव में, उन्होंने मुझे मेरे धर्म के बारे में सिखाया और इस्लाम, रमजान और उससे जुड़ी चीजों को समझाया।”

शर्मिला टैगोर ने 27 दिसंबर 1968 को मंसूर अली खान पटौदी से शादी की थी। उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाने के बाद अपना नाम बदलकर बेगम आयशा सुल्ताना रखा था।
उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद यह हमारी पसंद थी कि हम क्या अपनाना चाहते हैं। हम तीन भाई-बहनों में से मैं अपनी आस्था से सबसे ज्यादा जुड़ी हुई थी। इसलिए मैं इसे मानती हूं। यह कुछ ऐसा है, जिसे मैं करती हूं।”
सबा ने यह भी साफ किया, “लेकिन ऐसा नहीं है कि मेरे पिता, मेरी मां या किसी और ने हममें से किसी पर कुछ थोपा हो।”
…………..
यह खबर भी पढ़ें…
सैफ अली खान बहन के पर्स से पैसे निकालते थे:सबा पटौदी ने बताया- रक्षा बंधन पर वही रकम गिफ्ट में दे देते थे

सैफ अली खान की बहन सबा पटौदी ने हाल ही में बताया था कि सैफ कई बार उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में दे देते थे। यह बात उन्होंने नेहा धूपिया और अंगद बेदी के यूट्यूब शो में बताई। पूरी खबर यहां पढ़ें…
