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Sunny Deol Interview | Partition 1947 Film Impact & Lucknow Visit


लखनऊ7 मिनट पहले

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बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने कहा कि उन्होंने 1947 के बंटवारे से जुड़ी कई कहानियां अपने बुजुर्गों से सुनी हैं। तब कई परिवार टूट गए थे। बाद में संभलने के लिए कैसे उन्होंने कश्मकश की, यही चीज हमने बंटवारा 1947 फिल्म में दिखाने की कोशिश की है। सनी देओल अपनी नई फिल्म के प्रमोशन के लिए बीते दिनों लखनऊ में थे। उन्होंने तब यह बात कही।

सनी ओर उनके बेटे करण देओल ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इस दौरान सनी देओल ने फिल्म की कहानी, बंटवारे से जुड़ी यादों, फिल्म को लेकर अपनी उम्मीदों पर बात की। इसके अलावा, करण ने फिल्म की शूटिंग, पिता के साथ और उनके अपने प्रति व्यवहार को लेकर बात की। साथ ही दोनों पिता-पुत्र ने लखनऊ आने के अनुभव भी साझा किए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…

सवाल : बंटवारे पर पहले भी बहुत सारी फिल्में बनी हैं। यह फिल्म उनसे कितना अलग होगी?

जवाब : फिल्म के जैसे बहुत सारे ऐसे टॉपिक होते हैं, जिस पर बहुत काम हुआ होता है। इस फिल्म में जो बताने की कोशिश की गई है, शायद वह अब तक किसी ने कहा या बताया न हो। बंटवारे का सबसे ज्यादा असर पंजाब में हुआ। वहां लोगों को यह नहीं पता था कि कल सुबह उठकर क्या होगा। बंटवारे में एक फैमिली कैसे टूटती है, संभलती है और इकट्ठा होती है, उसे दिखाया है।

सवाल : करण, इस फिल्म में किरदार निभाना कितना चुनौतीपूर्ण रहा?

जवाब : यह फिल्म मेरे लिए बिल्कुल अलग जोन की थी। बहुत हार्ड वर्क किया। इसके लिए आदिशक्ति एक्टिंग वर्कशॉप गया। राज और आमिर सर के साथ काफी काम किया। करण के जवाब के बीच में सनी देओल बोले कि राज संतोषी ने इस कहानी को काफी सेलिब्रेट किया और सब हो गया।

दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान करण ने अपने घर के एक्सपीरियंस भी शेयर किए।

दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान करण ने अपने घर के एक्सपीरियंस भी शेयर किए।

सवाल : इस फिल्म में आपका जोश और जुनून गदर फिल्म के जैसा लगा। क्या शूटिंग के समय आपको गदर की याद आई?

जवाब : हमने यह कहानी साल 2010 में सुनी थी। उस समय से यह कहानी हमारे अंदर बस गई थी। आमिर ने भी इस कहानी को सुन रखा था, फिर हमने आमिर से कहा कि हम इसे बनाएंगे और फिल्म बन गई।

सवाल : शूटिंग करते वक्त आपको क्या याद आया? उस दर्द को कितना महसूस किया?

जवाब : जिस घर में हमारा बचपन गुजरा है, वहां हमारे बुजुर्ग बैठकर बंटवारे की कहानियों पर बात करते थे, उसे सुनकर हम बड़े हुए। उनकी बातें सुनकर हमें बहुत दुख होता था कि ऐसा भी हुआ है। उस समय वह बातें हमारे अंदर बैठ गईं और जब यह कहानी सुनाई गई तो हमने उस से खुद को बहुत जल्दी कनेक्ट कर लिया। फिर हमें तमाम पुरानी चीजें याद आ गईं।

बातचीत में सनी देओल ने बेटे करण देओल को एक बार रोककर खुद जवाब दिया।

बातचीत में सनी देओल ने बेटे करण देओल को एक बार रोककर खुद जवाब दिया।

सवाल : सनीजी, आपने गदर की शूटिंग लखनऊ में की। ऐसे में शहर को कैसे याद करते हैं? यहां का जायका, जुबान या इमारतें क्या पसंद हैं?

जवाब : लखनऊ से जो एक्सपीरियंस मिलता है, उसे कभी नहीं भूल सकता। लोग बहुत प्यार देते हैं। मुझे हमेशा यहां स्पेशल फील होता है। जब भी आता हूं तो यह सोचता हूं कि दोबारा लखनऊ कब आने को मिलेगा।



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