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नई दिल्ली18 मिनट पहले
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उबर इंडिया के CEO प्रभजीत सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वे सितंबर में चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के भारत ऑपरेशन्स में बतौर कंट्री मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) शामिल होंगे।
प्रभजीत सिंह भारत में ओपनएआई के सबसे सीनियर लीडर होंगे और वे इसी साल मार्च में ओपनएआई के एशिया पैसिफिक के मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किए गए किरन मणी को रिपोर्ट करेंगे।
भारत में ओपनएआई का काम संभालेंगे प्रभजीत
ओपनएआई ने एक बयान में कहा है कि प्रभजीत सिंह पर भारत में कंपनी के कंज्यूमर ग्रोथ, एंटरप्राइज अडॉप्शन, पार्टनरशिप, रेगुलेटरी एंगेजमेंट और ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी होगी।
उनका फोकस पार्टनरशिप बनाने और भारत के बड़े एआई इकोसिस्टम को सपोर्ट करने पर रहेगा। साथ ही वे कंज्यूमर्स, बिजनेस, संस्थानों और सरकारी संस्थाओं को एआई से फायदा पहुंचाने में मदद करेंगे।
उबर में प्रभजीत सिंह का 10 साल का सफर
आईआईटी कानपुर और आईआईएम अहमदाबाद के छात्र रहे प्रभजीत सिंह शुक्रवार तक उबर के भारत और दक्षिण एशिया बिजनेस के प्रेसिडेंट के रूप में काम कर रहे थे। उबर इंडिया से उनका जाना उनके एक दशक लंबे सफर का अंत है, जिसके दौरान उन्होंने भारत भर में उबर के विकास और विस्तार की देखरेख की।
प्रभजीत अगस्त 2015 में जनरल मैनेजर, हेड ऑफ स्ट्रेटजी के रूप में उबर से जुड़े थे। इसके बाद जून 2020 में वे प्रेसिडेंट बने और इस क्षेत्र में कंपनी के बिजनेस का नेतृत्व किया। उबर से पहले वे मैकिन्से एंड कंपनी में एसोसिएट पार्टनर थे।
उबर का बयान और आगे का प्लान
प्रभजीत के रिजाइन करने पर उबर के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि ग्लोबल लेवल पर भारत उबर के सबसे जरूरी बाजारों में से एक है, और यह इनोवेशन व लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का एक अहम ड्राइवर है।
प्रवक्ता ने कहा कि आज हमारे बिजनेस की मजबूती उस बेहतरीन टीम और नींव को दर्शाती है जो सालों में तैयार हुई है। हम प्रभजीत को उबर के साथ उनके एक दशक के सफर में उनके नेतृत्व और स्थायी योगदान के लिए धन्यवाद देते हैं।
हम भारत में अपने विकास के अगले फेज के लिए पूरी तरह कमिटेड हैं। उबर ने अभी तक इस रोल के लिए किसी उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि कंपनी आने वाले हफ्तों में अपना लीडरशिप ट्रांजिशन प्लान तैयार करेगी।
भारतीय बाजार में घरेलू कंपनियों से मिल रही चुनौती
प्रभजीत सिंह का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब उबर को भारत में रैपिडो जैसे घरेलू प्लेयर्स के साथ-साथ को-ऑपरेटिव राइड-हेलिंग एप भारत टैक्सी जैसे नए मोबिलिटी प्लेटफॉर्म्स से कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ रहा है।
प्रभजीत के कार्यकाल में उबर के 6 बड़े बदलाव
- कंपनी ने टियर-II शहरों और अन्य गैर-मेट्रो बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत की।
- उबर मोटो, उबर ऑटो और इंटरसिटी ट्रैवल जैसी सर्विसेज के जरिए पोर्टफोलियो का विस्तार किया।
- एवरेस्ट फ्लीट जैसे फ्लीट ऑपरेटर्स और ड्राइवर्स के साथ पार्टनरशिप को गहरा किया।
- उबर एप पर मेट्रो टिकट बुकिंग जैसी कई सर्विसेज को इंटीग्रेट किया।
- एप पर मेट्रो टिकटिंग सेवा वर्तमान में 5 शहरों में लाइव है।
सरकार समर्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ओएनडीसी के माध्यम से उबर एप पर अब तक 1 करोड़ से ज्यादा मेट्रो राइड्स बुक की जा चुकी हैं। पिछले महीने ही उबर ने ओएनडीसी में ₹60 करोड़ के स्ट्रैटेजिक निवेश की घोषणा की थी।
क्या है ओएनडीसी?
ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) सरकार समर्थित एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है, जो डिजिटल कॉमर्स के लिए एक ओपन नेटवर्क तैयार करता है और इसमें उबर जैसी कंपनियां निवेश और इंटीग्रेशन कर रही हैं।
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