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‘अरे बेवकूफों, क्या एक मुसलमान, मुसलमान को राखी बांधता है?’:पत्नी जरीना वहाब को दाऊद इब्राहिम से जोड़ने पर भड़के थे आदित्य पंचोली



2000 के दशक में कुछ हिंदी अखबारों और मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि मुंबई में आदित्य पंचोली की ‘दादागिरी’ इसलिए चलती है क्योंकि उनकी पत्नी और अभिनेत्री जरीना वहाब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती हैं। इस दावे पर आदित्य पंचोली ने कड़ी नाराजगी जताई थी। आप की अदालत में दिए एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “मेरी बीवी 17 साल की उम्र से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रही है। वह एक मुस्लिम औरत है। अखबारों में लिखा गया कि इस तरह दादागिरी करता है क्योंकि आदित्य पंचोली की बीवी जरीना वहाब, दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती है। अरे बेवकूफ, लिखने से पहले सोचो, क्या एक मुस्लिम, मुस्लिम को राखी बांधता है?” आदित्य पंचोली और जरीना वहाब की लव स्टोरी बॉलीवुड की सबसे चर्चित और अनोखी कहानियों में से एक है। दोनों की पहली मुलाकात साल 1986 में नारी हीरा की वीडियो फिल्म ‘कलंक का टीका’ के सेट पर हुई थी। जरीना वहाब के मुताबिक, आदित्य उनसे उम्र में लगभग 5 साल छोटे थे और पहली मुलाकात में ही उन्हें बेहद हैंडसम लगे थे। फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए और उन्हें प्यार हो गया। दोनों का प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि पहली मुलाकात के महज 15 से 20 दिनों के अंदर ही दोनों ने साल 1986 में शादी कर ली। यह शादी उस दौर में इसलिए भी बहुत चर्चा में रही क्योंकि जरीना मुस्लिम थीं और आदित्य हिंदू। जरीना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी मां शुरुआत में इस रिश्ते को लेकर काफी चिंतित थीं, क्योंकि आदित्य दूसरे धर्म के थे और उम्र में छोटे थे। लेकिन जरीना ने अपनी मां को समझाते हुए कहा था, “‘मां, हिंदू-मुसलमान सब एक जैसे हैं। आप ही कहती हैं कि अल्लाह की मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। तो मेरी जिंदगी का इतना बड़ा फैसला भी अल्लाह ने ही लिया है। यह फैसला मैंने नहीं, उन्होंने लिया है।’” जरीना की बात सुनकर उनके परिवार ने इस शादी को स्वीकार कर लिया। जरीना वहाब ने यह भी खुलासा किया था कि उनकी शादी मुस्लिम रीति-रिवाज यानी निकाह के जरिए हुई थी। उन्होंने साफ किया था कि आदित्य ने शादी के लिए अपना धर्म (हिंदू धर्म) नहीं बदला था। हालांकि, निकाहनामे की रस्म को पूरा करने के लिए उन्होंने अपना नाम बदलकर ‘निर्मल पंचोली’ रखा था (निर्मल वास्तव में आदित्य पंचोली का असली और घरेलू नाम है)। आज भी उनके घर में मंदिर और नमाज दोनों का समान रूप से सम्मान किया जाता है। दोनों के दो बच्चे हैं- बेटा सूरज पंचोली और बेटी सना। दोनों के करियर की बात करें तो जरीना वहाब ने 1970 के दशक में फिल्मों में पहचान बनाई। 1976 की ‘चितचोर’ और 1977 की ‘घरौंदा’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। ‘घरौंदा’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेशन भी मिला था। उन्होंने हिंदी के साथ मलयालम और दूसरी भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया। बाद में टीवी और फिल्मों में चरित्र भूमिकाओं में भी नजर आईं। वहीं आदित्य पंचोली ने 1980 के दशक में अभिनय की शुरुआत की। ‘दयावान’, ‘कब तक चुप रहूंगी’, ‘कातिल’ जैसी फिल्मों से उन्होंने पहचान बनाई। आगे चलकर ‘यस बॉस’, ‘बॉडीगार्ड’, ‘रेस 2’, ‘जय हो’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। उनके करियर में हीरो के साथ-साथ विलेन और कैरेक्टर रोल भी अहम रहे।



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