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ऋतिक की फिल्म काबिल के डायरेक्टर संजय गुप्ता का निधन:बाथरूम में गिरे थे, पिछले हफ्ते 57वां जन्मदिन मनाया; संजय दत्त के साथ 8 फिल्में बनाईं




कांटें, काबिल, शूटआउट एट लोखंडवाला, मुंबई सागा जैसी बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट कर चुके संजय गुप्ता का आज सुबह निधन हो गया है। एक्टर ने 23 अक्टूबर को 57वां जन्मदिन मनाया था। रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर 30 अक्टूबर को मुंबई स्थित घर के बाथरूम में गिरे थे, हालांकि इसकी जानकारी आज सुबह मिली।फिलहाल डायरेक्टर की मौत की असल वजह सामने नहीं आई है। संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में क्राइम, गैंगस्टर ड्रामा, एक्शन और अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त स्टारर कांटे, ऋतिक रोशन की काबिल, संजय दत्त की जिंदा और जॉन अब्राहम की शूटआउट एट वडाला शामिल हैं। कांटे की रिलीज के बाद 5 हफ्ते आईसीयू में रहे संजय गुप्ता ने अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, कुमार गौरव, मलाइका अरोड़ा और लकी अली स्टारर फिल्म कांटे डायरेक्ट की थी। फिल्म के कुछ हिस्से लॉस एंजिलिस में शूट हुए थे, लेकिन तभी 9/11 हमले के चलते शूटिंग में काफी अड़चन हुई और शेड्यूल बदलना पड़ा। फिल्म 20 दिसंबर 2002 को रिलीज हुई और हिट साबित हुई। फिल्म रिलीज के एक हफ्ते बाद 27 दिसंबर 2002 को संजय गुप्ता का खंडाला से लौटते वक्त कार एक्सीडेंट हुआ। जब उन्हें एडमिट करवाया गया तो डॉक्टर्स ने साफ कहा कि उनके अगले 72 घंटे बेहद क्रिटिकल हैं। तब वह महज 35 साल के थे। डायरेक्टर को 5 हफ्तों तक अस्पताल में भर्ती रखा गया था। संजय गुप्ता सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थे। इसी साल जून में एक पोस्ट कर उन्होंने कांटें की रिलीज के समय हुए एक्सीडेंट का भी जिक्र किया था। संजय गुप्ता को मिली थीं अंडरवर्ल्ड की धमकियां, संजय दत्त ने की मदद कुछ हफ्तों पहले ही संजय गुप्ता ने हुसैन जैदी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें 1992-93 के बीच अंडरवर्ल्ड की धमकियां मिली थीं। इस समय वह बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म आतिश बना रहे थे, जिसमें संजय दत्त, करिश्मा कपूर और रवीना टंडन लीड रोल में थे। उन्होंने बताया कि एक सुबह उनके घर पर फोन आया। दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को ‘नाना’ बताया। संजय को समझ नहीं आया कि कौन नाना है? बाद में उन्हें पता चला कि फोन छोटा राजन का था। फोन पर उन्हें गालियां दी गईं। उन्होंने तुरंत संजय दत्त को फोन किया और कहा कि उन्हें घर से बाहर निकालने में मदद करें। इसके बाद संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की सरकारी गाड़ी उनके घर भेजी। संजय गुप्ता पीछे के रास्ते से उस गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए।



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