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सनी देओल की फिल्म 'सूर्या' विवादों में आई:इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने डॉक्टरों पर हिंसा दिखाने पर जताई आपत्ति; सरकार को लिखा पत्र




सनी देओल की अपकमिंग फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ विवादों में आ गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने फिल्म के कंटेंट पर आपत्ति जताई है। IMA ने फिल्म में मेडिकल सेक्टर में भ्रष्टाचार को आम बताने और डॉक्टरों पर हिंसा दिखाने पर चिंता जताई है। फिल्म 20 नवंबर को रिलीज होने वाली है। IMA ने कहा कि फिल्म का प्रमोशनल कंटेंट पूरे हेल्थकेयर सेक्टर में भ्रष्टाचार और अनैतिक कामों की गलत इमेज बना सकता है। IMA ने पत्र में कहा, “हम फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ में मेडिकल प्रोफेशन को दिखाने को लेकर गंभीर चिंता जताते हैं। इसके प्रमोशनल कंटेंट में हेल्थकेयर सेक्टर में भ्रष्टाचार को आम बताने, मेडिकल प्रोफेशनल्स पर हिंसा दिखाने और लोगों के भरोसे व कर्मचारियों की सुरक्षा पर संभावित असर को लेकर चिंता है।”
एसोसिएशन ने आगे कहा, “डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल के कर्मचारियों पर शारीरिक हमले दिखाने वाले दृश्य हिंसा को सामान्य बना सकते हैं। ऐसे हमले अगर वीरतापूर्ण या सही ठहराए गए काम की तरह दिखें, तो मेडिकल प्रोफेशनल्स के खिलाफ दुश्मनी बढ़ सकती है।” IMA ने साफ किया कि वह भ्रष्टाचार, अनैतिक मेडिकल प्रैक्टिस या प्रोफेशनल गलती का समर्थन नहीं करता। उसके मुताबिक, किसी भी गलत काम पर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
IMA ने सरकार से निष्पक्ष समीक्षा की मांग की IMA ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से फिल्म के कंटेंट और मेडिकल प्रोफेशन के चित्रण की निष्पक्ष समीक्षा करने को कहा। एसोसिएशन ने फिल्म बनाने वालों से कथित गलत कामों को आम बताने और हेल्थकेयर कर्मचारियों पर हिंसा दिखाने वाले हिस्सों में उचित सुधार की मांग की। इसके अलावा, IMA ने सरकार से कहा कि अगर लागू कानून के तहत उचित हो, तो फिल्म पर रोक या दूसरी कार्रवाई पर विचार किया जाए।
वहीं, न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, IMA की शिकायत के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने बताया है कि फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ सर्टिफिकेशन के लिए जमा नहीं हुई है। यह जानकारी सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने गुरुवार को दी।
फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ का टीजर 19 अक्टूबर को जारी किया गया था। जिसमें सनी कहते हैं कि इंसान डॉक्टर को भगवान मानता है, उसके हाथों में अपनी जिंदगी सौंप देता है। अगर वो डॉक्टर विश्वासघात करेगा, तो वो बेचारा क्या करेगा? फिल्म में सनी देओल अपनी बेटी को खोने के बाद भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते दिख रहे हैं। दूसरे डायलॉग में सनी कहते हैं, “मामूली-सी बीमारी लेकर उनके पास जाता है, तो वो 5 लाख का बिल बनाते हैं, 25 टेस्ट करवाते हैं। खुद ऑर्गनाइजेशन यही करती आ रही है। वहां डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन नहीं लिखते, कमीशन लिखते हैं। यह सब हम लोग बर्दाश्त करते हैं, लेकिन कब तक?”
फिल्म में सनी देओल के अलावा इसमें रवि किशन, प्रज्ञा जायसवाल, तनुश्री चक्रवर्ती, मनीष वाधवा और टीनू आनंद भी हैं। फिल्म की बाकी कास्ट में विर्ति वाघानी, जीशु सेनगुप्ता, खालिद सिद्दीकी, अनूप त्रिवेदी और रोहित तिवारी शामिल हैं।



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