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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को कहा कि फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हमामी को पहले से समस्या माना जाता था। इसके बावजूद उसे पैसेंजर विमान उड़ाने की अनुमति कैसे मिली, यह सवाल उठता है। हमामी पर 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने और विमान को क्रैश कराने का आरोप है। वेंस ने कहा कि ओमान के अधिकारियों ने पहले हमामी के व्यवहार पर चिंता जताई थी। उसे उड़ान ड्यूटी से हटाया गया था, फिर भी बाद में फ्लाईदुबई ने उसे यात्री उड़ानों पर तैनात किया। वहीं ओमान ने कहा कि किसी दूसरे देश ने हमामी की बैकग्राउंड जांच के लिए उससे जानकारी नहीं मांगी थी। ओमान के मुताबिक, अगर किसी देश ने मांगी होती तो वह हमामी के कट्टरपंथी होने से जुड़ी उपलब्ध जानकारी जरूर साझा करता। ओमान ने हमामी पर पहले ही जांच की थी द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान के अधिकारियों ने 29 वर्षीय हमामी की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की थी। उसकी कट्टरपंथी विचारधारा में रुचि को लेकर चिंता जताई गई थी। 2024 में उसे कट्टरपंथी सोच के कारण ओमान की नेशनल एयरलाइन की पायलट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। बाद में उसे एयरलाइन में दूसरी जिम्मेदारी दी गई। करीब 8 महीने पहले वह फ्लाईदुबई से जुड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान ने अपनी जांच की जानकारी दूसरी अथॉरिटीज या एयरलाइंस को नहीं बताईं। जब फ्लाईदुबई ने इस साल फरवरी में उसे नौकरी दी, तब एयरलाइन ने कथित तौर पर उसके पुराने नियोक्ता ओमान एयर से उसके पिछले रिकॉर्ड के बारे में जानकारी नहीं ली। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले- फ्लाईदुबई का को-पायलट हमामी समस्या था:उसे फ्लाइट उड़ाने नहीं देना था; ओमान ने कहा- किसी देश ने हमामी की जानकारी नहीं मांगी