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Asian Open Short Track Speed Skating Trophy 2026


4 दिन, 14 देश और 270 से ज्यादा खिलाड़ी… बर्फ पर होगा रोमांच।

देहरादून में आज से एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 शुरू हो गई है। रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के हिमाद्री आइस रिंक में हो रही इस प्रतियोगिता में 14 देशों के 270 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री प

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हांगकांग, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, मंगोलिया, मलेशिया, चीनी ताइपे, इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान, चीन, दक्षिण कोरिया और भारत के खिलाड़ी 20 अगस्त तक अलग-अलग स्पर्धाओं में मुकाबला करेंगे। चीन और दक्षिण कोरिया जैसे मजबूत आइस स्पोर्ट्स देशों के खिलाड़ी भी इसमें शामिल हैं। प्रतियोगिता से पहले 14 से 16 अगस्त तक खिलाड़ियों ने हिमाद्री आइस रिंक में अभ्यास किया।

उत्तराखंड लगातार दूसरी बार इस एशियाई स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है। आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों के परिवार और खेल प्रेमी भी पहुंच रहे हैं। दर्शकों के लिए एंट्री नि:शुल्क है, जबकि जो लोग रिंक नहीं पहुंच सकते, वे YouTube पर मुकाबलों का लाइव प्रसारण देख सकेंगे।

ओपनिंग सेरेमनी की कुछ तस्वीरें देखिए…

आज शाम 4 बजे से शुरू होंगी रेस

उद्घाटन समारोह के बाद आज शाम 4 बजे से प्रतियोगिता की रेस शुरू होंगी। 17 अगस्त को प्रतियोगिता का पहला दिन है। इसके बाद 18 अगस्त को दूसरा दिन और अवॉर्ड सेरेमनी, 19 अगस्त को तीसरा दिन और पुरस्कार समारोह होगा। 20 अगस्त को प्रतियोगिता के चौथे और अंतिम दिन के बाद अवॉर्ड और क्लोजिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी।

प्रतियोगिता से पहले 14 से 16 अगस्त तक अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों ने हिमाद्री आइस रिंक में अभ्यास किया। थाईलैंड समेत कई देशों के खिलाड़ियों ने रिंक पर अभ्यास कर ट्रैक और परिस्थितियों को समझा। अब चार दिन तक यहां अलग-अलग स्पर्धाओं में मुकाबले होंगे।

खिलाड़ियों के साथ परिवार और खेल प्रेमी भी पहुंचे

प्रतियोगिता को देखने के लिए खिलाड़ियों के परिवार भी देहरादून पहुंचे हैं। कई परिवार अपने बच्चों का मुकाबला देखने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए रिंक में मौजूद हैं। इसके अलावा शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग में रुचि रखने वाले खेल प्रेमी भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के मुकाबले देखने के लिए पहुंच रहे हैं।

आम दर्शकों के लिए प्रतियोगिता की एंट्री नि:शुल्क रखी गई है। यानी कोई भी खेल प्रेमी, परिवार या स्कूली बच्चा हिमाद्री आइस रिंक पहुंचकर मुकाबले देख सकता है। जो लोग रिंक तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए प्रतियोगिता का YouTube पर मुफ्त लाइव प्रसारण भी किया जाएगा।

14 देशों के खिलाड़ी होंगे आमने-सामने

प्रतियोगिता में शामिल देशों में हांगकांग, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, मंगोलिया, मलेशिया, चीनी ताइपे, इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान, चीन, दक्षिण कोरिया और भारत शामिल हैं।

चीन और दक्षिण कोरिया की भागीदारी को प्रतियोगिता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय आइस स्पोर्ट्स में मजबूत माने जाते हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों को उनके साथ मुकाबला करने का अनुभव मिलेगा।

270 से ज्यादा खिलाड़ी, 102 कोच-अधिकारी

आयोजकों के मुताबिक प्रतियोगिता के लिए 270 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पहुंचे हैं। इनके अलावा 102 कोच, रेफरी और अधिकारी भी आयोजन का हिस्सा हैं। खिलाड़ियों और अधिकारियों के साथ प्रतिनिधि, सपोर्ट स्टाफ और अन्य आयोजन से जुड़े लोगों को मिलाकर 1,000 से ज्यादा लोगों की मौजूदगी रहेगी।

गुजरात से भी कई भारतीय खिलाड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें निर्जा निशांत ललाकिया, माही राजेश सोलंकी, काव्या अमित पटेल, ध्वजा उपेन पटेल, युवराज मेहता, ध्यान अमित पटेल, महर्ष दीपक प्रजापति और तत्व जोशी शामिल हैं।

लगातार दूसरी बार उत्तराखंड को मिली मेजबानी

उत्तराखंड लगातार दूसरी बार एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है। आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. अमिताभ शर्मा ने कहा कि लगातार दूसरी बार एशियन ओपन की मेजबानी भारत और उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि चीन, दक्षिण कोरिया समेत प्रमुख एशियाई देशों की भागीदारी प्रतियोगिता की बढ़ती प्रतिष्ठा और अंतरराष्ट्रीय स्केटिंग समुदाय के भारत पर बढ़ते भरोसे को दिखाती है।

आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों का अनुभव देना और उन्हें भविष्य की इंटरनेशनल स्केटिंग यूनियन (ISU) प्रतियोगिताओं तथा अन्य वैश्विक आयोजनों के लिए तैयार करना है।

क्या है शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग?

शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग बर्फ पर होने वाली रेस है, जिसमें कई खिलाड़ी एक साथ ट्रैक पर उतरते हैं। खिलाड़ी कम दूरी के ट्रैक पर तेज गति से कई चक्कर लगाते हैं और निर्धारित दूरी सबसे पहले पूरी करने की कोशिश करते हैं।

इस खेल में खिलाड़ी एक-दूसरे के काफी करीब रहते हैं। इसलिए केवल तेज गति होना ही पर्याप्त नहीं होता। रेस के दौरान सही लाइन पकड़ना, मोड़ पर संतुलन बनाए रखना, दूसरे खिलाड़ी से टकराने से बचना और सही समय पर आगे निकलना महत्वपूर्ण होता है।

छोटे ट्रैक पर कई खिलाड़ियों के एक साथ दौड़ने के कारण मुकाबले में लगातार स्थिति बदलती रहती है। कई बार आखिरी चक्कर या आखिरी मोड़ पर ही रेस का परिणाम तय होता है।

हिमाद्री आइस रिंक में हो रहा अंतरराष्ट्रीय मुकाबला

एशियन ओपन की मेजबानी कर रहा हिमाद्री आइस रिंक रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बना इनडोर आर्टिफिशियल आइस रिंक है। इसका आकार 60 मीटर × 30 मीटर है और इसे ओलंपिक आकार के रिंक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

ISAI के अनुसार रिंक में करीब 3,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता है। यह रिंक वर्ष 2011 के साउथ एशियन विंटर गेम्स से जुड़ी खेल विरासत का भी हिस्सा रहा है। लंबे समय बाद यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित होने से देहरादून में आइस स्पोर्ट्स को नया मंच मिला है।

उत्तराखंड के लिए क्यों महत्वपूर्ण है आयोजन?

इस प्रतियोगिता के जरिए देहरादून में एक साथ 14 देशों के खिलाड़ी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच, रेफरी और अधिकारी पहुंचे हैं। इससे उत्तराखंड के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता को करीब से देखने और उसमें हिस्सा लेने का मौका मिल रहा है।

साथ ही हिमाद्री आइस रिंक को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए इस्तेमाल किए जाने से देहरादून में आइस स्पोर्ट्स के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे को भी पहचान मिल रही है। लगातार दूसरी बार एशियन ओपन की मेजबानी इस लिहाज से महत्वपूर्ण है।



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