स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले
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सौरव गांगुली क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘दूसरा’ के निर्माताओं को सौरव गांगुली के व्यक्तित्व और पब्लिसिटी अधिकारों के मामले में दो करोड़ रुपए की बिना शर्त बैंक गारंटी जमा करने का आदेश दिया है।
शुक्रवार को अदालत ने पहली नजर में माना कि फिल्म में गांगुली की पहचान और उनके क्रिकेट करियर से जुड़े पलों का इस्तेमाल उनके अधिकारों का उल्लंघन कर सकता है। कोर्ट ने निर्माताओं को फिल्म की शुरुआत और अंत में डिस्क्लेमर लगाने का निर्देश भी दिया है।
हालांकि, अदालत ने फिल्म की रिलीज पर रोक नहीं लगाई, क्योंकि यह 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आ चुकी है। ऐसे में फिल्म की स्क्रीनिंग जारी रह सकेगी, लेकिन निर्माताओं को कोर्ट की तय शर्तें पूरी करनी होंगी।
बैंक गारंटी का मतलब क्या है, मेकर्स को ₹2 करोड़ क्यों देने होंगे?
अदालत ने फिल्म बनाने वाली कंपनी रमेश देव प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड को बैंक गारंटी जमा करने को कहा है। बैंक गारंटी को आसान भाषा में समझें तो यह बैंक की ओर से दी गई वित्तीय सुरक्षा होती है। इसका मतलब यह नहीं कि निर्माताओं को अभी गांगुली को 2 करोड़ रुपए मुआवजे के तौर पर देने हैं।
यह रकम अदालत के आदेश की शर्तों के पालन और मामले के अंतिम निपटारे तक एक सुरक्षा के रूप में रखी जाएगी। इसके अलावा डिस्क्लेमर में साफ लिखा होना चाहिए कि गांगुली ने फिल्म में अपनी पहचान और व्यक्तित्व के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी है।

गांगुली को फिल्म के किन हिस्सों पर आपत्ति है?
विवाद की सबसे बड़ी वजह 2002 का नेटवेस्ट सीरीज फाइनल है। 13 जुलाई 2002 को लॉर्ड्स के मैदान पर भारत ने इंग्लैंड को हराकर खिताब जीता था। 326 रन का पीछा करते हुए युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने साझेदारी की थी। भारत की जीत के बाद कप्तान गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी जर्सी उतारकर हवा में लहराई थी। यह तस्वीर भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित पलों में शामिल हो गई।
गांगुली और फिल्म प्रोडक्शन कंपनी लव फिल्म्स का आरोप है कि ‘दूसरा’ में उनके कप्तानी के दौर, इस ऐतिहासिक जीत और जर्सी लहराने वाले जश्न का इस्तेमाल बिना अनुमति किया गया। फिल्म का ट्रेलर 12 अक्टूबर को रिलीज हुआ था।
2002 में लॉर्ड्स के मैदान इंग्लैंड के खिलाफ जीत के बाद सौरव गांगुली ने टी-शर्ट उतारकर हवा में लहराई थी।
‘दूसरा’ गांगुली की बायोपिक नहीं, लेकिन कहानी में उनके करियर की झलक
फिल्म के निर्माताओं का पक्ष इससे अलग है। उनका कहना है कि ‘दूसरा’ गांगुली की बायोपिक नहीं है, बल्कि राजस्थान की एक मध्यमवर्गीय लड़की तारा की काल्पनिक कहानी है।
मेकर्स की कानूनी टीम ने यह भी दलील दी कि फिल्म में इस्तेमाल किए गए क्रिकेट मैच के फुटेज के BCCI और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) से जरूरी अनुमति ली गई है।

सौरव गांगुली ने भारत के लिए 311 वनडे में 11363 रन बनाए हैं।
लव फिल्म्स के साथ 2021 में हुआ था बायोपिक का समझौता
इस विवाद में सिर्फ गांगुली के व्यक्तिगत अधिकार ही नहीं, बल्कि एक प्रोडक्शन कंपनी के साथ हुआ पुराना करार भी शामिल है। गांगुली ने 5 अगस्त 2021 को लव फिल्म्स के साथ समझौता किया था। इसके तहत कंपनी को उनके जीवन, निजी और पेशेवर सफर तथा क्रिकेट करियर पर आधारित ऑडियो-विजुअल कंटेंट बनाने और उसका व्यावसायिक इस्तेमाल करने के अधिकार दिए गए थे।
इसी समझौते के आधार पर लव फिल्म्स ‘दादा- द सौरव गांगुली स्टोरी’ नाम से बायोपिक बना रही है। इस फिल्म में राजकुमार राव गांगुली की भूमिका निभाएंगे और इसकी रिलीज 14 मई 2027 तय है।
व्यक्तित्व अधिकार क्या होते हैं?
व्यक्तित्व अधिकार यानी किसी व्यक्ति को अपनी पहचान के व्यावसायिक इस्तेमाल पर नियंत्रण रखने का अधिकार। इसमें नाम, चेहरा, आवाज, पहचान, लोकप्रिय छवि और उससे जुड़ी खास चीजें शामिल हो सकती हैं।
उदाहरण के लिए, कोई कंपनी किसी मशहूर क्रिकेटर की तस्वीर लगाकर अपना प्रोडक्ट बेचती है, तो यह सवाल उठ सकता है कि क्या उस खिलाड़ी ने ऐसा करने की अनुमति दी है। इसी तरह किसी खिलाड़ी के नाम या पहचान का इस्तेमाल फिल्म, विज्ञापन, मर्चेंडाइज या प्रचार में व्यावसायिक फायदा कमाने के लिए किया जाए, तो उसकी सहमति और अधिकारों का सवाल उठ सकता है।
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