वॉशिंगटन डीसी/तेहरान20 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में पुलिस अधिकारियों और अपने समर्थकों को संबोधित किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को हराने के बाद वे होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का ‘इलाका’ घोषित करेंगे। उन्होंने यह बात शुक्रवार को न्यूयॉर्क में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कही। वे न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन पार्टी की रैली को संबोधित कर रहे थे।
ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान करीब छह महीने से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए समझौते की कोशिश कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद ईरान ने भी पलटवार किया।
उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज ईरान की था, है और रहेगा। इसे किसी ट्वीट या चुनावी भाषण के जरिए नहीं कब्जाया जा सकता। उन्होंने कहा कि ईरान न तो धमकियों से डरता है और न ही किसी ताकत के आगे झुकता है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता माना जाता है। इसी रास्ते से दुनिया के कई देशों तक तेल, प्राकृतिक गैस और खाद पहुंचती है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती थी।

ट्रम्प बोले- अमेरिका का होर्मुज पर पूरा कंट्रोल
ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। इससे पहले भी ट्रम्प दावा कर चुके हैं कि अमेरिका का इस समुद्री मार्ग पर पूरा नियंत्रण है और वह इसे अपने नियंत्रण में बनाए रखेगा।
ट्रम्प ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को स्टील की दीवार बताया था। उन्होंने दावा किया था कि ईरान के पास इसका मुकाबला करने का कोई रास्ता नहीं है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि तेहरान का सैन्य ढांचा बुरी तरह कमजोर हो चुका है।
ईरान ने ट्रम्प के दावे को खारिज किया
ट्रम्प के बयान के तुरंत बाद ईरान ने उनके दावे को खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अब भी बंद है और जब तक उसकी शर्तें नहीं मानी जातीं, इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा।
पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने भी कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार यह कहने से कि होर्मुज स्ट्रेट खुल गया है, जमीनी हकीकत नहीं बदलती। अथॉरिटी के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट अभी भी बंद है और ईरान की शर्तें पूरी होने तक बंद ही रहेगा
ईरान ने रखीं 7 बड़ी शर्तें
होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले ईरान ने भी अमेरिका के सामने कई शर्तें रखी हैं। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाघेर जोलघदार के मुताबिक, अमेरिका को…
- जंग हमेशा के लिए खत्म करनी होगी।
- ईरान की समुद्री नाकाबंदी हटानी होगी।
- क्षेत्र से अपने सैनिक वापस बुलाने होंगे।
- ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने होंगे।
- विदेशों में रोकी गई ईरानी संपत्ति लौटानी होगी।
- जंग में हुए नुकसान का मुआवजा देना होगा।
- ईरान के सहयोगी गुटों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बंद करनी होगी।
28 फरवरी से होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई प्रभावित रही
28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई लगातार प्रभावित रही। समुद्री बारूदी सुरंगों, मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे, अमेरिका और ईरान की नाकेबंदी तथा बढ़ी बीमा लागत के कारण इस रास्ते से हर दिन गुजरने वाला कच्चा तेल 2 करोड़ बैरल से घटकर 37 लाख बैरल रह गया।

होर्मुज पर ईरान दावा क्यों करता है?
हॉर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित है। इसका उत्तरी किनारा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी किनारा ओमान के पास है। सबसे संकरी जगह पर इसकी चौड़ाई सिर्फ 21 नॉटिकल मील (करीब 39 किलोमीटर) है।
शुरुआत में दोनों देशों का समुद्री क्षेत्र सिर्फ 3 नॉटिकल मील तक माना जाता था। लेकिन बाद में समुद्री कानूनों में बदलाव के बाद ईरान ने 1959 में और ओमान ने 1972 में अपने-अपने समुद्री क्षेत्र की सीमा बढ़ाकर 12-12 नॉटिकल मील (करीब 22-22 किलोमीटर) कर दी।
इस फैसले के बाद हॉर्मुज स्ट्रेट का सबसे संकरा हिस्सा पूरी तरह ईरान और ओमान के समुद्री क्षेत्रों में आ गया। हालांकि समुद्री आवाजाही जारी रहे इसके 2-2 नॉटिकल मील का चौड़ा ट्रांजिट लेन बनाया गया।
