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Nana Patekar Amitabh Bachchan Fees Controversy


33 मिनट पहले

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फिल्म ‘दृश्यम’ में इंस्पेक्टर गायतोंडे का किरदार निभाने वाले अभिनेता कमलेश सावंत ने दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। पिंकविला को दिए एक इंटरव्यू में कमलेश ने बताया कि उन्होंने सुना था कि नाना पाटेकर अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के लिए उनसे 1 रुपया ज्यादा फीस मांगते थे।

हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह सुनी-सुनाई बात है और वे इसकी पुष्टि नहीं करते। इसके अलावा कमलेश ने नाना की संवाद शैली के दौर और उनके समाज सेवा के कामों को याद किया है। 8 अक्टूबर को 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन हो गया था।

'दृश्यम' में इंस्पेक्टर गायतोंडे का किरदार निभाने वाले अभिनेता कमलेश सावंत।

‘दृश्यम’ में इंस्पेक्टर गायतोंडे का किरदार निभाने वाले अभिनेता कमलेश सावंत।

‘बच्चन साहब से 1 रुपया ज्यादा लूंगा’

कमलेश सावंत ने कहा कि उन्होंने नाना पाटेकर के साथ एक फिल्म में काम किया था, लेकिन उनके साथ कोई सीन नहीं था। उन्होंने बताया, “मैंने एक किस्सा सुना था कि नाना पाटेकर ने कहा था कि अगर मैं बच्चन साहब के साथ काम करूंगा तो 1 रुपया ज्यादा लूंगा। जब अमिताभ बच्चन को 1 करोड़ रुपए दिए गए, तो नाना ने 1 करोड़ 1 रुपया लिया।”

‘कोहराम’ फिल्म में साथ आए थे दोनों दिग्गज

फिल्म रिकॉर्ड्स के मुताबिक, नाना पाटेकर और अमिताभ बच्चन ने साल 1999 में रिलीज हुई फिल्म ‘कोहराम’ में एक साथ काम किया था। उस दौर में अमिताभ बच्चन करीब 3 करोड़ रुपए फीस लेते थे, जबकि ‘क्रांतिवीर’ और ‘अग्नि साक्षी’ की सफलता के बाद नाना पाटेकर को प्रति फिल्म लगभग 1.25 करोड़ रुपए मिलते थे। उस समय नाना पाटेकर अमिताभ बच्चन के बाद इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा फीस लेने वाले अभिनेताओं की सूची में शामिल थे।

‘सिनेमाघरों में डायलॉग्स पर सन्नाटा छा जाता था’

कमलेश सावंत ने बताया कि एक दौर में बॉलीवुड सिर्फ गानों और डांस पर चलता था, लेकिन नाना पाटेकर ने डायलॉग डिलीवरी का दौर शुरू किया और लोग उनके डायलॉग्स पर तालियां बजाते थे।

उन्होंने मुंबई के गणेश टॉकीज और जय हिंद टॉकीज जैसे सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों का अनुभव शेयर करते हुए कहा कि केवल दो ही ऐसे कलाकार थे जिनके डायलॉग्स आने पर पूरे थिएटर में सन्नाटा छा जाता था- पहले अमिताभ बच्चन और दूसरे नाना पाटेकर। दर्शक उनके डायलॉग्स सुनने के लिए बिल्कुल शांत हो जाते थे।

नाना पाटेकर की 'नाम फाउंडेशन' ग्रामीण क्षेत्रों में काम करती है।

नाना पाटेकर की ‘नाम फाउंडेशन’ ग्रामीण क्षेत्रों में काम करती है।

गांव के पानी का संकट दूर किया था

कमलेश सावंत ने नाना पाटेकर के सामाजिक योगदान को याद करते हुए बताया कि महाराष्ट्र में उनके गांव ‘कोलोशी वरचीवाड़ी’ में पानी की गंभीर किल्लत थी। नाना पाटेकर की ‘नाम फाउंडेशन’ ने इस समस्या को दूर किया था। नाना खुद गांव पहुंचे थे और स्थिति को सुधारने में मदद की थी, जिसके बाद से गांव में पानी का कोई संकट नहीं है। कमलेश ने कहा कि नाना सिर्फ एक बेहतरीन कलाकार ही नहीं, बल्कि एक सक्रिय समाजसेवक भी थे।

नाना पाटेकर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था।

नाना पाटेकर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था।

8 अक्टूबर को हुआ था अचानक निधन

8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से नाना पाटेकर का निधन हो गया था। कमलेश सावंत ने कहा कि उनका अचानक जाना सभी के लिए एक बड़ा झटका था, जिसे स्वीकार करना मुश्किल हो रहा है। वे किसी बीमारी से पीड़ित नहीं थे और उनका दृष्टिकोण काफी व्यापक था।

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नाना पाटेकर ने अपने करीब पांच दशक के करियर में कई यादगार किरदार निभाए थे। नाना अपने बेबाक और गुस्सैल अंदाज के लिए भी जाने जाते थे। एक बार डायरेक्टर रवि चोपड़ा ने उन्हें फिल्म में रेपिस्ट का रोल ऑफर किया तो नाना भड़क गए और उन्हें गालियां तक दे दीं। बाद में स्मिता पाटिल के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और नाना को फिल्म में अहम विलेन का किरदार मिला। परिंदा की शूटिंग के दौरान भी उनका डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा से विवाद हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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