9 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी
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बॉलीवुड के सबसे आला दर्जे के एक्टर माने जाने वाले रणबीर कपूर आज 44 साल के हो चुके हैं। 2007 की फ्लॉप फिल्म ‘सांवरिया’ से करियर शुरू करने वाले रणबीर कपूर ने ‘रॉकस्टार’ में टूटे दिल का दर्द जिया, ‘बर्फी’ में बिना बोले दिल जीत लिया और ‘संजू’ में संजय दत्त को पर्दे पर उतार दिया। ‘एनिमल’ से बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़े, तो विवादों में भी घिरे। पर्दे के बाहर माता-पिता के तनावपूर्ण रिश्ते, पिता ऋषि कपूर को खोने का दर्द और निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव भी उनकी कहानी का हिस्सा रहे। 19 साल के करियर में 21 फिल्मों के साथ रणबीर अब ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने जा रहे हैं।
आज उनके 44वें जन्मदिन के मौके पर जानिए आखिर कैसा रहा एक स्टारकिड से सुपरस्टार बनने तक का उनका सफर-

कपूर खानदान का चिराग, जिसे है दुर्लभ बीमारी
रणबीर कपूर का जन्म 28 सितंबर 1982 को मुंबई में हुआ। वे अभिनेता ऋषि कपूर और नीतू कपूर के बेटे हैं। शोमैन राज कपूर दादा हैं। परिवार की 4 पीढ़ियां हिंदी सिनेमा में पहचान बना चुकी थीं। यूं तो रणबीर कपूर हर ऐशो-आराम में पले बढ़े, लेकिन उनके अपने निजी संघर्ष रहे। रणबीर को नेजल डिविएट सेप्टम नाम की बीमारी हो गई। ये एक रेयर बीमारी है, जिसके चलते उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है और वह जल्दी-जल्दी बोलते हैं।

दादा राज कपूर और कजिन करीना कपूर के साथ झूला झूलते हुए रणबीर कपूर।
रणबीर कपूर के बचपन से-
- रणबीर कपूर एक बार बाथरूम में फिसलकर गिर गए, जिससे उनके चेहरे पर बड़ा कट पड़ गया। इस चोट का निशान आज भी उनके चेहरे पर है।
- रणबीर कपूर ने एक बार बाथरूम में पिता का आफ्टर शेव लोशन पी लिया था। घरवालों ने तुरंत एक्शन लेते हुए उनसे उल्टियां करवाई थीं।
- एक दिन दादा राज कपूर नन्हे रणबीर कपूर और उनकी बहन को बुक पढ़कर सुना रहे थे, लेकिन रणबीर इस समय गाना गाने में बिजी थे। वो सुन नहीं रहे थे, तो दादा जी ने उन्हें फटकारा और कहा- आप सुन भी रहे हो, या सिर्फ अपना गाना गाने में लगे हो।

दादा जी राज कपूर से डांट खाते हुए रणबीर कपूर।
- रणबीर कपूर ने शुरुआती पढ़ाई माहिम के बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से की। एक बार क्लास से भागने की कोशिश करते पकड़े जाने पर उन्हें प्रिंसिपल ने पूरे कॉरिडोर में घुमाकर थप्पड़ मारे थे।
- रणबीर कपूर अपनी स्कूल में इसलिए फेमस थे क्योंकि उनके पिता ऋषि कपूर फेमस एक्टर थे। कई बार उन्हें क्लास में सॉफ्ट टार्गेट समझकर जमकर बुली किया जाता था। दूसरे क्लास के बच्चे भी उन्हें परेशान करते थे। ये बात रणबीर ने पॉडकास्ट व्हॉट वीमन वॉन्ट्स में बताई थी।
- एक दिन रणबीर कपूर जूते पहनकर घर के मंदिर में घुस आए, जैसे ही ऋषि कपूर ने देखा, तो इस कदर गुस्सा हुए कि सीधे उन्हें थप्पड़ मार दिया।
देखिए रणबीर कपूर के बचपन की चुनिंदा तस्वीरें-






बचपन में अलमारी में रखते थे संजय दत्त की तस्वीरें
रणबीर कपूर बचपन में एक्टर संजय दत्त के फैन थे। वो अपने कमरे की अलमारी में संजय दत्त की तस्वीरें छिपाकर रखते थे। जबकि उनकी बहन रिद्धिमा के पास सलमान की तस्वीरें होती थीं।

फिल्म प्रेमग्रंथ के प्रीमियर में संजय दत्त को निहारते हुए रणबीर कपूर।
संयोग की बात है कि रणबीर ने संजय दत्त की बायोपिक में उनका किरदार निभाया, जो उनके करियर की बेहतरीन फिल्मों में शामिल है।

फिल्म संजू में संजय दत्त के किरदार में रणबीर।
रणबीर कपूर बचपन में पिता की फिल्में देखा पसंद करते थे, जबकि उन्हें मां नीतू सिंह की फिल्में देखना अजीब लगता था। पिता के फिल्मों में निभाए गए अलग-अलग किरदार देखते हुए ही रणबीर ने एक्टर बनने का सोचा था।
पिता के साथ देशभक्ति गाने में नजर आए थे रणबीर
बाबरी मस्जिद टूटने के बाद देश में दंगे भड़क गए थे। इसी समय 1993 में सुभाष घई ने दूरदर्शन के लिए एकता पर गाना बनाया प्यार की गंगा बहे। इस गाने में उस दौर के बड़े सितारे अपने परिवार और बच्चों के साथ नजर आए थे। तब 11 साल के रणबीर कपूर भी पिता ऋषि कपूर के साथ एक सीन में दिखे।

प्यार की गंगा बहे में ऋषि कपूर के साथ रणबीर कपूर।
उनके अलावा बाल कलाकारों में सोनम कपूर, टाइगर श्रॉफ भी दिखे थे। वहीं बड़े कलाकारों में अनिल कपूर, सलमान खान, ऋषि कपूर, आमिर खान, जैकी श्रॉफ, नसीरुद्दीन शाह, गोविंदा, चिरंजीवी, रजनीकांत, ममूटी दिखे।

रणबीर पर पेरेंट्स के तनाव भरे रिश्ते का भी बुरा असर पड़ा। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि कई रातें उन्होंने पेरेंट्स को झगड़ते देख सीढ़ियों पर बैठकर काटीं। रणबीर ने निखिल कामत को दिए इंटरव्यू में कहा था, “कभी-कभी उनके बीच झगड़े बहुत बढ़ जाते थे। मैं सीढ़ियों पर बैठकर अपने घुटनों के बीच सिर छिपा लेता था और सुबह 5-6 बजे तक उनके झगड़े खत्म होने का इंतजार करता रहता था।”

पेरेंट्स के तनाव का असर रणबीर और ऋषि कपूर के रिश्ते पर पड़ा। रणबीर पिता से डरने लगे और मां से उनका लगाव बढ़ने लगा। एक वजह यह भी रही कि जिस समय रणबीर छोटे थे, ऋषि कपूर का ज्यादातर समय शूटिंग में घर से बाहर बीतता था।
रणबीर कपूर का असिस्टेंट डायरेक्टर से हीरो बनने का सफर-
1996 में रणबीर कपूर के पिता ऋषि कपूर और अंकल रणधीर कपूर और राजीव कपूर ने मिलकर फिल्म प्रेम ग्रंथ प्रोड्यूस की। इसे राजीव कपूर ने डायरेक्ट किया और ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित लीड रोल में रहे। होम प्रोडक्शन की इस फिल्म में रणबीर को ऐसी रुचि रही कि उन्होंने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर इसमें काम किया, जबकि तब वह महज 15 साल के थे।

प्रेम ग्रंथ की शूटिंग में पिता ऋषि कपूर को क्लैप देते हुए रणबीर कपूर।
इसके बाद जब ऋषि कपूर ने ऐश्वर्या राय और बॉबी देओल स्टारर फिल्म आ अब लौट चलें डायरेक्ट की, तब भी रणबीर फिल्म के असिस्टेंट डायरेक्टर रहे।

विदेश में की पढ़ाई, भारत लौटकर भंसाली के सेट पर लगाया पोछा
एचआर कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद रणबीर कपूर फिल्ममेकिंग सीखने न्यूयॉर्क गए। वहां उन्होंने स्कूल ऑफ विजुअल आर्ट्स से फिल्ममेकिंग और ली स्ट्रासबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट से मेथड एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। मुंबई लौटने के बाद 2005 में उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘ब्लैक’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। इस दौरान उन्होंने सेट पर लाइटिंग से लेकर सफाई तक के काम किए।
राज कपूरः द मास्टर एट वर्क बुक लॉन्च में रणबीर ने बताया था कि उन्हें फिल्म ब्लैक के सेट पर संजय लीला भंसाली से काफी डांट पड़ती थी। कई बार उन्हें सेट पर पोछा भी लगाना पड़ा था।
लेकिन कहते हैं न कि मेहनत फल जरूर देती है। ऐसा ही रणबीर के साथ भी हुआ। उनका हुनर परखते हुए संजय लीला भंसाली ने उन्हें अगली फिल्म सांवरिया में कास्ट कर लिया। सोनम कपूर ने भी उनके साथ ही डेब्यू किया था।

आलिया के साथ डेब्यू करने वाले थे रणबीर
साल 2002 में 20 साल के रणबीर कपूर को संजय लीला भंसाली की फिल्म बालिका वधू में कास्ट किया गया था। इस फिल्म में 11-12 साल की रहीं आलिया भट्ट बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम कर रही थीं। दोनों का एक फोटोशूट भी हुआ था, जिसमें रणबीर, आलिया के कंधे पर सिर रखते हुए शर्मा गए थे। हालांकि बाद में ये फिल्म बंद हो गई।
सांवरिया (2007) बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। हालांकि रणबीर कपूर की एक्टिंग की जमकर सराहना हुई। इस फिल्म के गाने भी चर्चा में रहे। फिल्म के एक सीन में टॉवेल लपेटे हुए रणबीर की भी चर्चा रही।

सांवरिया फ्लॉप होने के बाद रणबीर कपूर बचना ऐ हसीनों (2008) में नजर आए, जो हिट रही। अगले साल उनकी तीन फिल्में आईं वेक अप सिड, अजब प्रेम की गजब कहानी और रॉकेट सिंह। तीन फिल्में लेकिन किरदार तीनों के अलग।
2009 में आईं तीन फिल्मों में रणबीर के किरदार-
वेकअप सिड- सिद्धार्थ मेहरा (सिड) नाम का एक लापरवाह, अमीर लड़का, जो सेल्फ डिपेंडेंट बनना चाहता है। फिल्म हिट रही।

अजब प्रेम की गजब कहानी- प्रेम शंकर शर्मा, एक मजाकिया, दिलदार और दूसरों की मदद करने वाला लड़का, जो जेनी से प्यार करता है और उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है। फिल्म सुपरहिट रही।

रॉकेट सिंह- हरप्रीत सिंह बेदी, एक ईमानदार और मेहनती लड़का, जो सबसे बड़ा सेल्समैन बनना चाहता है। फिल्म फ्लॉप हो गई।

राजनीति से एक्टिंग करियर की सीमाएं मिटाईं
साल 2010 में रणबीर कपूर, प्रकाश झा के निर्देशन में बनी फिल्म राजनीति में नजर आए। किरदार था समर प्रताप सिंह। रणबीर का इंटेंस लुक और किरदार चर्चा में रहा और बड़ी आसानी से उन्होंने रोमांटिक, कॉमेडी हीरो की छवि धुंधली कर दी। इसी साल आई अनजाना अनजानी भी हिट साबित हुई।

रॉकस्टार में जनार्दन उर्फ जेजे बनकर स्टार बने
साल 2011 में रणबीर कपूर इम्तियाज अली की फिल्म रॉकस्टार में नजर आए। उन्होंने पीतम पुरा के एक सीधे-सादे जाट लड़के का किरदार निभाया, जो कॉलेज में रॉकस्टार बनने का सपना देखता है। कैंटीन के मालिक की सलाह पर वो आवाज में दर्द लाने के लिए नकली हार्टब्रेक का ड्रामा करते-करते वाकई एक ऐसी लड़की को पसंद करने लगता है, जिसकी शादी उसकी नजरों के सामने हुई।

फिल्म रॉकस्टार के फर्स्ट हाफ और सेकेंड हाफ से रणबीर का लुक।
फिल्म रिलीज हुई, तो सिनेमाघर हाउसफुल हो गए। डेली न्यूज एंड एनालिसिस ने लिखा, रणबीर कपूर ने हिंदी सिनेमा की सबसे सधी हुई परफॉर्मेंस दी। उन्हें बेस्ट एक्टर क्रिटिक्स का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इसके अलावा उन्हें बेस्ट एक्टर के दो और अवॉर्ड मिले।
पिता नहीं चाहते थे फिल्म बर्फी करें रणबीर
2012 में रिलीज हुई बर्फी से रणबीर ने अपनी अलग ही पहचान बनाई। इसमें उन्होंने एक बोलने-सुनने में असमर्थ शख्स का रोल प्ले किया। इस फिल्म को इंडिया से ऑस्कर में ऑफिशियल एंट्री मिली थी। इस रोल को करने के लिए एक्टर ने चार्ली चैप्लिन और दादा राज कपूर से प्रेरणा ली थी। हालांकि पिता ऋषि कपूर नहीं चाहते थे कि रणबीर ये किरदार निभाएं।

इस पर ऋषि कपूर ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मेरे भाई (रणधीर और राजीव कपूर) मुझसे कहते थे कि रणबीर को क्या हो गया है? ये सुसाइड कर रहा है.. एक फिल्म करता है उसमें भी ‘रॉकेट सिंह’ और ‘बर्फी’ जैसी.. जिसमें ये गूंगा है और सुनता भी नहीं है.. खत्म हो जाएगा। ये सब सुनकर मुझे भी फिक्र होती थी, पर रणबीर ने अपनी चॉइस से हम सभी को गलत साबित किया। ‘बर्फी’ हिट साबित हुई।
रणबीर एक डेयरिंग एक्टर है। जब वो अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे ‘सांवरिया’ से तभी उन्होंने अपनी मां से कहा था कि मैं उस तरह का काम नहीं करना चाहता जो शाहरुख खान साहब और बाकी एक्टर्स कर चुके हैं।
आगे रणबीर ने ये जवानी है दीवानी, तमाशा, ऐ दिल है मुश्किल, संजू, शमशेरा, ब्रह्मास्त्र, तू झूठी मैं मक्कार जैसी फिल्में कर स्टारडम कायम रखा।
19 साल के करियर में पिता की मौत के बाद पहली बार लिया ब्रेक
2007 में करियर शुरू करने वाले रणबीर की हर साल एक फिल्म जरूर होती है, हालांकि उन्होंने दो बार गैप किया। साल 2018 की ब्लॉकबस्टर फिल्म संजू के बाद रणबीर ने 4 साल का ब्रेक लिया।
इस ब्रेक की दो वजह रहीं, पहली कोविड और दूसरी उनके पिता ऋषि कपूर की बिगड़ती तबीयत। 30 अप्रैल 2020 को कैंसर की वजह से ऋषि कपूर की मौत हो गई थी। रणबीर ने उस दिन को भी याद किया जब डॉक्टरों ने उन्हें बता दिया था कि ऋषि कपूर की मौत किसी भी वक्त हो सकती है।
पिता के निधन की जानकारी मिलने पर आया पैनिक अटैक
निखिल कामथ से बातचीत करते हुए रणबीर ने कहा था- मैंने बहुत पहले ही रोना छोड़ दिया था। पापा की मौत के बाद भी मैं रोया नहीं था। एक दिन जब मैं रात में हॉस्पिटल में था, तब डॉक्टर ने कहा था, ये उनकी (ऋषि कपूर) आखिरी रात है। वे कभी भी जा सकते हैं।
मुझे याद है कि रूम में जाने के बाद मुझे पैनिक अटैक आ गया था। समझ नहीं आ रहा था कि खुद को एक्सप्रेस कैसे करूं। उस वक्त बहुत कुछ हो रहा था, जिसे मैनेज करना था। लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैंने शोक मनाया था, या मुझे उनकी कमी का एहसास था।
इसके बाद उन्होंने सीधे 2022 में 2 फिल्मों से वापसी की। पहली शमशेरा जो फ्लॉप रही और दूसरी रही ब्रह्मास्त्र पार्ट-1।

अगले साल यानी 2023 में रणबीर कपूर की लंबे समय बाद रोमांटिक कॉमेडी फिल्म तू झूठी मैं मक्कार रिलीज हुई। फिल्म एवरेज हिट रही। लेकिन इसी साल आई उनकी फिल्म एनिमल ने रिकॉर्ड कायम किए। ये उस साल की सबसे बड़ी फिल्म बनी, लेकिन रणबीर के हिस्से कुछ विवाद भी आए। फिल्म में टॉक्सिसिटी को बढ़ावा देने और महिलाओं के गलत चित्रण पर सवाल उठाए गए। हिंसक सीन की भी जमकर आलोचना हुई। लेकिन विवादों के बीच फिल्म ने रणबीर को चौथा बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर दिलाया।
इसके बाद रणबीर ने अपने 3 साल नितेश तिवारी की रामायण में लगा दिए, जो इस साल रिलीज होने वाली है। फिल्म में रणबीर भगवान श्रीराम का किरदार निभा रहे हैं, जिस पर विवाद है। दरअसल, कुछ सालों पहले रणबीर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें बीफ पसंद है, जिसके बाद अब कहा जा रहा है कि बीफ खाने वाले को भगवान राम का रोल क्यों दिया गया। हालांकि रणबीर फिल्ममेकिंग के दौरान शाकाहारी बन चुके हैं।


विवादों के बावजूद हिट हुईं रणबीर की फिल्में
एनिमल (2023): हिंसा और महिलाओं के चित्रण पर विवाद
एनिमलl में रणबीर कपूर ने रणविजय सिंह का किरदार निभाया था। फिल्म में अत्यधिक हिंसा, महिलाओं के प्रति व्यवहार और पुरुष प्रधान सोच को लेकर विवाद हुआ।
एक दृश्य में रणविजय अपनी प्रेमिका जोया से जूते चाटने के लिए कहता है।
पत्नी गीतांजलि के साथ उसके व्यवहार और विवाहेतर संबंधों को लेकर आलोचना हुई।
फिल्म पर हिंसा और महिलाओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने के आरोप लगे।
गीतकार जावेद अख्तर समेत कई लोगों ने फिल्म की आलोचना की। निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म का बचाव किया।
ब्रह्मास्त्र (2022): बीफ वाले बयान पर विवाद
ब्रह्मास्त्र की रिलीज से पहले रणबीर कपूर का पुराना बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने बीफ खाने की बात कही थी। माइथोलॉजी से जुड़ी इस फिल्म में रणबीर कपूर के होने पर इसकी बॉयकॉट की मांग हुई। जब प्रमोशन के बीच रणबीर कपूर, अयान मुखर्जी और आलिया भट्ट उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, तो उनकी एंट्री रोक दी गई। कहा गया कि बीफ खाने वाले शख्स को मंदिर में एंट्री नहीं दी जाएगी।
दोनों ही फिल्मों पर विवाद हुआ, हालांकि फिल्म पर इन विवादों का असर नहीं बड़ा। ब्रह्मास्त्र और एनिमल दोनों सुपरहिट रहीं। दोनों ही फिल्में रणबीर की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्मों में टॉप-3 में हैं। देखना होगा कि क्या अब रामायण विवादों के बीच ऐसा नतीजा दे पाएगी या नहीं।
देखिए रामायण से रणबीर कपूर का लुक-



भगवान राम के प्रति समर्पित लक्ष्मण के रोल में रवि दुबे का लुक दमदार नजर आया।

